- गड्ढों और जलभराव से जूझ रहे शहर में आवंटन पर सवाल; सपा समेत विपक्षी पार्षदों ने 9 अक्टूबर को नगर आयुक्त को ज्ञापन देकर अपने वार्डों में भी समान राशि से काम कराने की मांग की
भारत 19/ कानपुर। शहर की सड़कों पर गड्ढे और बारिश में जलभराव की समस्या के बीच नगर निगम में विकास निधि के आवंटन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। 40 पार्षदों के वार्डों में 20-20 लाख रुपये के विकास कार्यों को मंजूरी दिए जाने पर विपक्षी पार्षदों ने सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि बाकी वार्डों को समान धनराशि नहीं देकर विकास कार्यों में भेदभाव किया जा रहा है। इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी पार्षदों ने 9 अक्टूबर को नगर आयुक्त को संयुक्त ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मांग की कि जिन 40 वार्डों में विकास कार्यों के आदेश जारी किए गए हैं, उसी तरह उनके वार्डों के लिए भी 20-20 लाख रुपये के काम स्वीकृत किए जाएं।
विपक्ष का सवाल, बाकी वार्डों की अनदेखी क्यों?
ज्ञापन में पार्षदों ने कहा कि नगर निगम के सभी वार्डों के लोगों को समान रूप से विकास सुविधाएं मिलनी चाहिए। उनका तर्क है कि सड़क, जलनिकासी और दूसरी बुनियादी समस्याएं किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं हैं। ऐसे में कुछ वार्डों के लिए धनराशि मंजूर करने और बाकी को इससे बाहर रखने का आधार स्पष्ट होना चाहिए। विपक्षी पार्षदों ने नगर निगम प्रशासन से आवंटन में समानता बरतने और अपने वार्डों में भी विकास कार्यों के आदेश जारी करने की मांग की है।
शहर की बदहाल सड़कों के बीच उठा आवंटन का मुद्दा
कानपुर में सड़कें, नालियां और जलनिकासी व्यवस्था लंबे समय से नागरिकों की शिकायतों का विषय रही हैं। ऐसे में विकास कार्यों के लिए धनराशि किन वार्डों में और किस आधार पर दी जा रही है, यह सवाल अहम हो गया है। नगर निगम की कार्यकारिणी ने 7 अक्टूबर की बैठक में करीब 20 करोड़ रुपये के विकास प्रस्तावों को मंजूरी दी थी। इनमें सड़क निर्माण व मरम्मत, नाली-सीवर, फुटपाथ, स्ट्रीट लाइट और पार्कों से जुड़े कार्य शामिल थे। हालांकि, 40 पार्षदों के वार्डों में 20-20 लाख रुपये के आवंटन को लेकर उठे सवालों पर नगर निगम प्रशासन का पक्ष और वार्डवार आवंटन का आधिकारिक विवरण इस खबर में उपलब्ध नहीं है।


