– सिंहस्थ 2028 के लिए 15 मीटर सड़क चौड़ीकरण की जद में आने से मस्जिद का एक हिस्सा हटाने के विरोध में भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया, पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे
भारत 19
पुलिस पर पथराव के बाद छोड़े आंसू गैस
सोमवार सुबह मस्जिद के आसपास बड़ी संख्या में लोग जमा हुए। विरोध के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बनी और सुरक्षाकर्मियों पर पत्थर फेंके गए। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है। कुछ रिपोर्टों के अनुसार विरोध के दौरान लोगों ने मस्जिद परिसर की ओर बढ़ने की कोशिश भी की, जिन्हें पुलिस ने रोक दिया। मुस्लिम महिलाओं ने नाका नंबर-5 पर चक्का जाम किया, जिसके बाद पुलिस और प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालने की कोशिश की।

सड़क चौड़ीकरण की जद में आया मस्जिद का हिस्सा
उज्जैन नगर निगम कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक सड़क को 15 मीटर चौड़ा करने की योजना पर काम कर रहा है। शाही मस्जिद का एक हिस्सा प्रस्तावित सड़क की निर्धारित सीमा में आता है, जिसके चलते उसे हटाने की कार्रवाई की जा रही है। नगर निगम ने सड़क चौड़ीकरण को उज्जैन विकास योजना-2035 और सिंहस्थ 2028 की तैयारियों से जोड़ा है। प्रशासन के अनुसार बड़े धार्मिक आयोजन के दौरान बढ़ने वाले यातायात और श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए शहर में सड़क और अन्य बुनियादी ढांचे को विकसित किया जा रहा है।
मस्जिद कमेटी ने कार्रवाई का किया विरोध
मस्जिद से जुड़े लोगों और स्थानीय मुस्लिम समुदाय के एक हिस्से ने प्रभावित हिस्से को हटाने का विरोध किया है। उनका कहना है कि सड़क चौड़ीकरण के लिए धार्मिक स्थल को प्रभावित करने के बजाय वैकल्पिक रास्ता तलाशा जाना चाहिए। इस मुद्दे पर मुस्लिमों का एक पक्ष प्रशासन की कार्रवाई में सहयोग की बात कर रहा है, जबकि दूसरा पक्ष विरोध में है।
हाईकोर्ट में भी चल रही है कानूनी लड़ाई
शाही मस्जिद कुछ हिस्से की कार्रवाई के खिलाफ मामला मध्य प्रदेश हाईकोर्ट भी गया था 9 सितंबर को कोर्ट ने संबंधित याचिकाओं को खारिज कर दिया था। उसके बाद मस्जिद पक्ष ने डिवीजन बेंच में अपील की और 28 सितंबर को सुनवाई प्रस्तावित थी। एकल पीठ के फैसले के अनुसार नगर निगम ने सड़क चौड़ीकरण की प्रक्रिया के तहत संबंधित पक्षों को नोटिस और आपत्ति का अवसर दिया था। अदालत ने यह भी माना था कि सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई केवल मस्जिद तक सीमित नहीं थी और शहर में अन्य धार्मिक संरचनाओं को भी परियोजना के तहत प्रभावित किया गया था।
सिंहस्थ 2028 के लिए शहर में बड़ा अभियान
उज्जैन में सिंहस्थ 2028 को देखते हुए सड़क, घाट और यातायात व्यवस्था से जुड़े कई विकास कार्य चल रहे हैं। नगर निगम के अनुसार बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के संभावित आगमन को देखते हुए शहर की यातायात क्षमता बढ़ाना और बुनियादी ढांचे को मजबूत करना जरूरी है। शाही मस्जिद का मामला इसी व्यापक सड़क चौड़ीकरण परियोजना से जुड़ा है। विवाद का केंद्र मस्जिद का वह हिस्सा है जो प्रस्तावित सड़क की सीमा में आता है।
