- CCTV से लेकर खून लगे ग्राइंडर और निजी अंग में चोट तक पांच सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस
भारत 19
मथुरा। प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण की मौत के मामले में पुलिस की जांच पांच अहम कड़ियों के इर्द-गिर्द घूम रही है। चौथी मंजिल से गिरने की घटना के साथ कमरे से मिला खून लगा ग्राइंडर, शरीर पर चोटें, निजी अंग में चोट की जानकारी और घटना से पहले की गतिविधियां कई सवाल खड़े कर रही हैं। हालांकि इन तथ्यों से अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
पहली कड़ी : CCTV में आखिरी पल कितने साफ?
रिपोर्टों के मुताबिक CCTV फुटेज में रसिक दुलारी शरण के ऊपरी मंजिल से नीचे गिरने की घटना दिखाई देती है। अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गिरने से ठीक पहले क्या हुआ था। फुटेज में उनके साथ कोई अन्य व्यक्ति था या नहीं और वह चौथी मंजिल तक किस रास्ते से पहुंचे, जांच में इन सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं।
दूसरी कड़ी : खून लगे ग्राइंडर की कहानी क्या?
मृतक के कमरे से खून लगा ग्राइंडर मिलने की बात सामने आई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि उस पर मिले रक्त के निशान किसके हैं और ग्राइंडर का घटना से क्या संबंध है। फॉरेंसिक जांच इस कड़ी को सुलझाने में महत्वपूर्ण हो सकती है।
तीसरी कड़ी : निजी अंग में चोट कब लगी?
मामले में शरीर के निजी अंग में चोट की बात भी सामने आई है। यह चोट कब और कैसे लगी, इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम और मेडिकल जांच से होनी है। जांच का अहम सवाल यही है कि यह चोट ऊंचाई से गिरने के कारण हुई या घटना से पहले किसी अन्य परिस्थिति में लगी। ग्राइंडर पर मिले खून के साथ इसका कोई संबंध है या नहीं, यह भी जांच का विषय है।
चौथी कड़ी : मोबाइल और डायरी क्या बताएगी?
मृतक के मोबाइल और उपलब्ध अन्य सामग्री की जांच की जा रही है। पुलिस आखिरी बातचीत, संपर्कों और घटना से पहले की गतिविधियों की जानकारी जुटा रही है। डायरी या मोबाइल से मिलने वाली कोई महत्वपूर्ण जानकारी घटनाक्रम की टाइमलाइन तैयार करने में मदद कर सकती है।
पांचवीं कड़ी : गिरने से पहले क्या हुआ?
पूरे मामले की सबसे अहम कड़ी घटना से ठीक पहले का घटनाक्रम है। पुलिस CCTV, मोबाइल डेटा, घटनास्थल, कमरे से मिले सामान और वहां मौजूद लोगों की जानकारी को जोड़कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कमरे से निकलने के बाद चौथी मंजिल से गिरने तक क्या हुआ।
अब पोस्टमार्टम-फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार
पुलिस की शुरुआती जांच में आत्महत्या का पहलू सामने आया है, लेकिन जांच अभी पूरी नहीं हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से चोटों की प्रकृति और मौत की चिकित्सकीय वजह स्पष्ट होने की उम्मीद है, जबकि फॉरेंसिक जांच ग्राइंडर और अन्य साक्ष्यों की भूमिका स्पष्ट कर सकती है। इन रिपोर्टों के साथ CCTV और मोबाइल डेटा को जोड़कर ही घटनाक्रम की पूरी तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।
