- गुरु कृपा कुंज में हादसा; कमरे में खून लगा ग्राइंडर मिलने और निजी अंग में चोट की बात से बढ़े सवाल, CCTV-फॉरेंसिक से जांच
भारत 19
मथुरा। संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की वृंदावन में चौथी मंजिल से गिरने के बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। शुक्रवार सुबह करीब 10:30 बजे गुरु कृपा कुंज की चार मंजिला इमारत से गिरने के बाद उन्हें गंभीर हालत में सर्वोदय अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
जबलपुर निवासी दीपक लोधी ने प्रेमानंद महाराज से दीक्षा लेने के बाद रसिक दुलारी शरण नाम अपनाया था। वह वृंदावन में रहकर साधना से जुड़े थे। पुलिस की शुरुआती जांच में आत्महत्या का पहलू सामने आने की बात कही गई है, लेकिन मौत की परिस्थितियों को लेकर सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है।
कमरे में मिला खून लगा ग्राइंडर
जांच के दौरान मृतक के कमरे से ग्राइंडर मिलने की बात सामने आई है, जिस पर खून के निशान बताए गए हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ग्राइंडर का घटना से क्या संबंध था और उस पर मिले रक्त के निशान किसके हैं। ग्राइंडर को फॉरेंसिक जांच के लिए महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है।
निजी अंग में चोट की बात से बढ़े सवाल
मृतक के शरीर पर गंभीर चोटों के साथ निजी अंग में चोट लगने की बात भी रिपोर्टों में सामने आई है। अब जांच का अहम सवाल यह है कि यह चोट चौथी मंजिल से गिरने से लगी या उससे पहले की है। ग्राइंडर पर मिले खून और शरीर पर चोट के बीच कोई संबंध है या नहीं, इसका पता फॉरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से चलेगा। फिलहाल पुलिस ने इस संबंध में कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है।
CCTV में ऊपरी मंजिल से गिरते दिखे
पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। रिपोर्टों के मुताबिक फुटेज में रसिक दुलारी शरण के ऊपरी मंजिल से नीचे गिरने की घटना दिखाई देती है। हालांकि इससे घटना से ठीक पहले की पूरी परिस्थितियां स्पष्ट नहीं होतीं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वह चौथी मंजिल तक कैसे पहुंचे और गिरने से पहले उनके आसपास कौन मौजूद था।
मोबाइल और डायरी भी जांच के दायरे में
मृतक के मोबाइल फोन, डायरी और कमरे से मिले अन्य सामान की भी जांच की जा रही है। पुलिस घटना से पहले उनकी गतिविधियों, आखिरी बातचीत और संपर्कों की जानकारी जुटा रही है। CCTV फुटेज, मोबाइल डेटा और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों को आपस में मिलाकर घटनाक्रम तैयार किया जा रहा है।
परिजनों ने भी उठाए सवाल
घटना की सूचना मिलने के बाद जबलपुर से पहुंचे परिजनों ने मामले की परिस्थितियों को लेकर सवाल उठाए हैं। मीडिया रिपोर्टों में परिजनों की ओर से दीक्षा के बाद मुलाकात नहीं होने और घटना के बाद की परिस्थितियों को लेकर आरोप लगाए जाने की बात सामने आई है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है और पुलिस जांच में इनका क्या महत्व है, यह आगे स्पष्ट होगा।
पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट अहम
फिलहाल पुलिस की शुरुआती जांच में आत्महत्या का पहलू सामने आया है। हालांकि CCTV फुटेज, कमरे से मिला ग्राइंडर, शरीर पर चोटों की प्रकृति, मोबाइल डेटा और अन्य फॉरेंसिक साक्ष्यों की जांच जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक निष्कर्ष सामने आने के बाद ही मौत की परिस्थितियों और चोटों की वास्तविक वजह को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
