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कानपुर औद्योगिक क्षेत्र की सड़कें बनीं दलदल, थमा कारोबार

  • व्यापार नगर-इस्पात नगर में कर्मचारी नहीं पहुंच सके कारखानों तक; कई प्रतिष्ठानों में कामकाज प्रभावित, 2014 में नगर निगम को हस्तांतरण के बाद भी सड़क, नाली और जल निकासी की समस्या बरकरार

भारत 19

कानपुर। पिछले दिनों और शनिवार को हुई बारिश ने शहर के औद्योगिक क्षेत्रों में सड़क और जल निकासी की बदहाल व्यवस्था की तस्वीर सामने ला दी। पनकी स्थित व्यापार नगर-इस्पात नगर औद्योगिक क्षेत्र में बारिश के बाद सड़कें पानी और कीचड़ से दलदल में बदल गईं। हालात ऐसे रहे कि कर्मचारी और श्रमिक कई कारखानों तक नहीं पहुंच सके। कई प्रतिष्ठानों में कामकाज प्रभावित रहा, जबकि कुछ जगहों पर काम शुरू ही नहीं हो सका। जिन सड़कों से रोजाना माल लदे वाहन और कर्मचारी गुजरते हैं, वहां शनिवार को पानी और कीचड़ के अलावा कुछ नजर नहीं आया।

पानी में डूबी सड़क, गड्ढों का पता लगाना मुश्किल

बारिश के बाद व्यापार नगर-इस्पात नगर की सड़कों की हालत इतनी खराब हो गई कि पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया। जगह-जगह पानी जमा होने से सड़क और गड्ढों के बीच अंतर तक दिखाई नहीं दे रहा था। दोपहिया वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। औद्योगिक क्षेत्र में काम करने पहुंचे कई कर्मचारियों ने सड़क की स्थिति देखकर वापस लौटना ही उचित समझा। इसका सीधा असर कारखानों के उत्पादन और रोजमर्रा के कामकाज पर पड़ा।

सड़क के नाम पर धूल-मिट्टी, नालियों के नाम पर जंगल

उद्यमियों का कहना है कि बारिश ने किसी एक दिन की समस्या पैदा नहीं की, बल्कि लंबे समय से चली आ रही बदहाली को सामने ला दिया है। उनका आरोप है कि सामान्य दिनों में औद्योगिक क्षेत्र की सड़कों पर धूल और मिट्टी की समस्या रहती है, जबकि बारिश होते ही यही सड़कें कीचड़ और जलभराव में बदल जाती हैं। नालियों की स्थिति भी खराब बताई जा रही है। कई स्थानों पर नालियां झाड़ियों से ढकी हैं। इसके चलते बारिश का पानी आसानी से निकल नहीं पाता और सड़क पर ही जमा हो जाता है।

2014 में नगर निगम को मिला क्षेत्र, सुविधाएं अधूरी

व्यापार नगर-इस्पात नगर औद्योगिक क्षेत्र को केडीए ने विकसित किया था। उद्यमियों के अनुसार वर्ष 2014 में यह क्षेत्र नगर निगम को हस्तांतरित कर दिया गया। इसके बाद उम्मीद थी कि सड़क, नाली, सफाई और जल निकासी जैसी मूलभूत सुविधाओं में सुधार होगा, लेकिन स्थिति में अपेक्षित बदलाव नहीं आया। द्यमियों का आरोप है कि क्षेत्र के हस्तांतरण के समय नगर निगम को मिली धनराशि और हाउस टैक्स से मिलने वाले राजस्व के बावजूद यहां मूलभूत सुविधाओं के लिए पर्याप्त काम नहीं कराया गया।

खराब सड़कों से उद्योगों पर पड़ रही दोहरी मार

औद्योगिक क्षेत्र की खराब सड़क और जल निकासी का असर केवल आवागमन तक सीमित नहीं है। कर्मचारियों के कारखानों तक नहीं पहुंचने से उत्पादन प्रभावित होता है। कच्चा माल लाने और तैयार माल बाहर भेजने वाले वाहनों की आवाजाही भी मुश्किल हो जाती है। शनिवार को बारिश के बाद कई प्रतिष्ठानों के बाहर कर्मचारी नहीं पहुंच सके और कामकाज प्रभावित रहा। उद्यमियों का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्र शहर की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यहां से सरकार को कर और नगर निगम को हाउस टैक्स मिलता है, लेकिन इसके बावजूद सड़क और जल निकासी जैसी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति चिंताजनक है।

हर साल बारिश में वही समस्या, स्थायी समाधान नहीं

उद्यमियों के मुताबिक, हर साल बारिश के दौरान इसी तरह जलभराव और खराब सड़कों की समस्या सामने आती है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं किया जाता। बारिश के दौरान हालात और गंभीर हो जाते हैं और इसका सीधा असर औद्योगिक गतिविधियों पर पड़ता है। शनिवार की बारिश थमने के बाद पानी भले ही धीरे-धीरे कम हो जाए, लेकिन कीचड़ और गड्ढों की समस्या बनी रहने की आशंका है। उद्यमियों के सामने सवाल है कि जब सामान्य बारिश में ही औद्योगिक क्षेत्र की सड़कें चलने लायक नहीं रह जातीं तो आने वाले दिनों में अधिक बारिश होने पर स्थिति क्या होगी। उद्यमियों ने सड़क निर्माण, नालियों की सफाई और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग की है, ताकि बारिश के कारण औद्योगिक गतिविधियां दोबारा बाधित न हों।

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