- 2027 चुनाव से पहले कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की देर रात मुलाकात से सियासी चर्चा तेज; 45 मिनट परिवार से मिले, कानूनी मदद का भरोसा दिया, गठबंधन और सीट बंटवारे पर अंतिम फैसला अभी बाकी
भारत 19
बरेली। उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच गठबंधन और सीट बंटवारे को लेकर चर्चाएं चल रही हैं। इसी माहौल में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय का बुधवार देर रात बरेली पहुंचकर इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (आईएमसी) प्रमुख मौलाना तौकीर रजा के घर जाना चर्चा का विषय बन गया। दिल्ली से लखनऊ लौटते समय अजय राय अचानक बरेली रुके और सौदागरान स्थित तौकीर रजा के आवास पर उनके बेटे फरमान रजा और परिवार के अन्य सदस्यों से करीब 45 मिनट तक मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक बरेली में रुकने और तौकीर रजा के परिवार से मिलने का उनका कोई पूर्व निर्धारित कार्यक्रम नहीं था। कांग्रेस ने इस मुलाकात को मुश्किल दौर में तौकीर के परिवार के साथ खड़े होने और हरसंभव मदद का भरोसा देने से जोड़ा है। लेकिन 2027 के चुनाव से पहले कांग्रेस-सपा गठबंधन को लेकर चल रही बातचीत के बीच हुई मुलाकात ने इसके राजनीतिक संदेश को लेकर चर्चाएं तेज कर दी हैं।
सपा-कांग्रेस गठबंधन पर बातचीत, सीटें अभी तय नहीं
2027 के यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच गठबंधन की संभावनाओं और सीट बंटवारे पर चर्चा चल रही है। हाल की रिपोर्टों में दोनों दलों के बीच संभावित सीट शेयरिंग को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं, लेकिन अंतिम समझौते की औपचारिक घोषणा अभी नहीं हुई है। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने भी सीट बंटवारे पर अक्टूबर तक स्थिति स्पष्ट होने की बात कही है। ऐसे समय अजय राय का बरेली में तौकीर रजा के परिवार से मिलना इस वजह से भी अहम हो जाता है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मुस्लिम सामाजिक-राजनीतिक संपर्क चुनावी समीकरणों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। हालांकि, इस मुलाकात को सीधे सपा-कांग्रेस गठबंधन की बातचीत से जोड़ने का कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
अचानक बरेली पहुंचे और सीधे तौकीर के घर गए
अजय राय दिल्ली से लखनऊ लौट रहे थे। रिपोर्टों के मुताबिक, बरेली में रुकने या किसी नेता से मुलाकात का उनके कार्यक्रम में पहले से उल्लेख नहीं था। स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने उनका स्वागत किया, जिसके बाद वह सीधे सौदागरान स्थित तौकीर रजा के घर पहुंचे। वहां उन्होंने फरमान रजा और परिवार के अन्य सदस्यों से बातचीत की। करीब 45 मिनट बाद वह लखनऊ के लिए रवाना हो गए। कांग्रेस की ओर से मुलाकात को पारिवारिक और मानवीय बताया गया है। पार्टी के मुताबिक, अजय राय ने परिवार का हालचाल जाना और मुश्किल समय में उनके साथ खड़े रहने का भरोसा दिया।
तौकीर रजा के परिवार से मुलाकात का सियासी संदेश
तौकीर रजा आईएमसी के प्रमुख हैं और बरेली की राजनीति में उनका नाम लंबे समय से चर्चा में रहा है। ऐसे में 2027 के चुनावी माहौल में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष का उनके परिवार तक पहुंचना स्वाभाविक रूप से राजनीतिक चर्चा का विषय बना है। इसका एक संभावित राजनीतिक पहलू कांग्रेस की मुस्लिम सामाजिक पहुंच से जुड़ा है। कांग्रेस 2027 के लिए संगठन को मजबूत करने और अलग-अलग सामाजिक समूहों के बीच अपना संपर्क बढ़ाने की कोशिश कर रही है। अजय राय की यह मुलाकात उसी व्यापक राजनीतिक संपर्क के संदर्भ में देखी जा रही है। हालांकि, इसे केवल मुस्लिम मतदाताओं को साधने की रणनीति बताना कांग्रेस की ओर से दिए गए आधिकारिक कारण से आगे की व्याख्या होगी। पार्टी ने मुलाकात को परिवार के साथ एकजुटता और सहयोग से जोड़ा है।
2022 में भी कांग्रेस के साथ रहा तौकीर का संपर्क
तौकीर रजा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक संपर्क पहले भी रहा है। 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान आईएमसी की ओर से कांग्रेस को समर्थन दिए जाने की घोषणा हुई थी। इसी राजनीतिक पृष्ठभूमि में 2027 से पहले अजय राय की तौकीर रजा के परिवार से मुलाकात को स्थानीय स्तर पर अतिरिक्त महत्व मिल रहा है। लेकिन मौजूदा मुलाकात के आधार पर आईएमसी और कांग्रेस के बीच किसी नए चुनावी समझौते या औपचारिक समर्थन का निष्कर्ष निकालना अभी जल्दबाजी होगा। ऐसी किसी घोषणा की जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।
तौकीर रजा जेल में, कानूनी मदद का भरोसा
मौलाना तौकीर रजा सितंबर 2025 में बरेली में हुई हिंसा से जुड़े मामलों में जेल में हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सितंबर 2026 में उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसी कानूनी पृष्ठभूमि में अजय राय ने उनके परिवार से मुलाकात की। मुलाकात के बाद अजय राय ने कहा कि कांग्रेस तौकीर रजा के परिवार के साथ खड़ी है और कानूनी स्तर पर भी मदद करेगी। उन्होंने तौकीर रजा को साजिश के तहत फंसाए जाने का आरोप भी लगाया। यह अजय राय और कांग्रेस का दावा है, जिसे न्यायिक रूप से स्थापित तथ्य के रूप में नहीं पेश किया जा सकता।
मुलाकात के बाद योगी सरकार पर अजय राय का हमला
तौकीर रजा के परिजनों से मुलाकात के बाद अजय राय ने बरेली के पिछले घटनाक्रम को लेकर योगी सरकार और प्रशासन पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि बरेली में दंगा नहीं हुआ था, बल्कि प्रशासन ने लाठीचार्ज कराया और लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए। उन्होंने जेल में बंद तौकीर रजा को लेकर भी सरकार पर आरोप लगाए। ये सभी आरोप अजय राय की ओर से लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं। इन्हें खबर में आरोप के रूप में ही रखा जाना जरूरी है।
कांग्रेस के लिए बरेली में संपर्क की राजनीति
बरेली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश का राजनीतिक महत्व देखते हुए कांग्रेस की गतिविधियां केवल स्थानीय संगठन तक सीमित नहीं हैं। हाल के दिनों में पश्चिमी यूपी के कुछ प्रभावशाली नेताओं के कांग्रेस में शामिल होने की खबरें भी सामने आई हैं। पूर्व सांसद अमीर आलम और उनके बेटे नवाजिश आलम ने बुधवार को कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। ऐसे में तौकीर रजा के परिवार से अजय राय की मुलाकात को पश्चिमी यूपी में कांग्रेस के सामाजिक और राजनीतिक संपर्क अभियान की व्यापक पृष्ठभूमि में भी देखा जा सकता है।
गठबंधन से पहले मुलाकात ने बढ़ाई सियासी चर्चा
इस पूरी तस्वीर में तीन घटनाएं एक साथ दिखाई देती हैं, 2027 का चुनावी माहौल, कांग्रेस-सपा गठबंधन को लेकर चल रही बातचीत और अजय राय का तौकीर रजा के परिवार तक अचानक पहुंचना। यही वजह है कि बरेली की यह मुलाकात अब सामान्य राजनीतिक शिष्टाचार से आगे चर्चा में है। फिलहाल तथ्य यह है कि अजय राय ने तौकीर रजा के परिवार से करीब 45 मिनट मुलाकात की, कांग्रेस ने परिवार के साथ खड़े होने और कानूनी मदद का भरोसा दिया और मुलाकात के बाद अजय राय ने योगी सरकार पर हमला बोला। दूसरी ओर, कांग्रेस-सपा गठबंधन और सीट बंटवारे पर अंतिम औपचारिक फैसला अभी सामने नहीं आया है। अजय राय की यह मुलाकात 2027 की चुनावी तैयारी में कांग्रेस की सामाजिक पहुंच और राजनीतिक संपर्क के लिहाज से महत्वपूर्ण जरूर है, लेकिन इसे फिलहाल किसी नए चुनावी गठजोड़ की घोषणा के रूप में देखना उपलब्ध तथ्यों से पुष्ट नहीं होता।


