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लखनऊ में ग्रीन गैस के नाम पर 5 करोड़ ठगे

  • बिल बकाया और कनेक्शन कटने का डर दिखाकर साइबर ठगी; 24 घंटे में तीन लोगों से 11.58 लाख रुपये की शिकायत, एक महीने में 33 से अधिक घटनाएं, 45 उपभोक्ता साइबर सेल पहुंचे

भारत 19
लखनऊ।
गैस बिल बकाया होने या कनेक्शन कटने का डर दिखाकर साइबर ठग अब लखनऊ में ग्रीन गैस उपभोक्ताओं को निशाना बना रहे हैं। ठग खुद को कंपनी का कर्मचारी बताकर पहले फोन या मैसेज करते हैं और फिर बिल अपडेट, मीटर सत्यापन या कनेक्शन बचाने के नाम पर लिंक अथवा संदिग्ध APK फाइल डाउनलोड कराते हैं। पुलिस के मुताबिक, करीब एक महीने में ऐसे मामलों में पांच करोड़ रुपये की ठगी सामने आई है। ताजा मामलों में महज 24 घंटे के भीतर तीन लोगों से 11.58 लाख रुपये ठगे जाने की शिकायत दर्ज हुई है। पुलिस ने मामलों की जांच साइबर क्राइम सेल को सौंप दी है। पुलिस के दर्ज मामलों के आंकड़ों के मुताबिक एक महीने में 33 से अधिक घटनाएं हुई हैं, जबकि साइबर सेल में कम से कम 45 ग्रीन गैस उपभोक्ताओं की शिकायतें पहुंचने की जानकारी सामने आई है।

एक दिन में तीन लोगों से 11.58 लाख की ठगी

ताजा मामलों में पीजीआई, इंदिरानगर और कृष्णानगर थाना क्षेत्रों के तीन उपभोक्ताओं से ठगी की शिकायत सामने आई है। एक मामले में ठग ने खुद को ग्रीन गैस कर्मचारी बताकर बिल संबंधी समस्या का हवाला दिया और इसके बाद बैंक खाते से लाखों रुपये निकाल लिए। एक अन्य मामले में व्हाट्सऐप के जरिए APK फाइल भेजी गई। फाइल डाउनलोड करने के बाद पीड़ित के खाते से करीब 2.90 लाख रुपये निकल गए। तीसरे मामले में भी गैस बिल से जुड़ी समस्या बताकर साइबर ठगी की गई। तीनों मामलों में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच साइबर क्राइम सेल को सौंप दी है।

बिल बकाया बताकर शुरू होता है ठगी का खेल

साइबर ठग पहले उपभोक्ता से फोन, एसएमएस या व्हाट्सऐप के जरिए संपर्क करते हैं। खुद को ग्रीन गैस का प्रतिनिधि बताते हुए वे बिल बकाया होने, मीटर अपडेट नहीं होने या कनेक्शन बंद किए जाने की बात कहते हैं। इसके बाद तत्काल भुगतान या बिल अपडेट करने का दबाव बनाया जाता है। कई मामलों में ठग ‘Meter Update.apk’ जैसी फाइल भेजकर उसे मोबाइल में इंस्टॉल करने के लिए कहते हैं। पुलिस के मुताबिक, ऐसी संदिग्ध APK फाइल मोबाइल की संवेदनशील जानकारी तक अनधिकृत पहुंच हासिल करने का जरिया बन सकती है।

45 उपभोक्ताओं ने साइबर सेल में की शिकायत

ग्रीन गैस के नाम पर चल रहे इस साइबर फ्रॉड को लेकर कम से कम 45 उपभोक्ताओं के साइबर सेल पहुंचने की जानकारी सामने आई है। शिकायतों में फर्जी कस्टमर केयर नंबर, बिल अपडेट, मीटर या केवाईसी सत्यापन और कनेक्शन नवीनीकरण के नाम पर ठगी के आरोप शामिल हैं। वहीं, 24 सितंबर की पुलिस संबंधी रिपोर्ट में पिछले 30 दिनों में 33 से अधिक ठगी की घटनाओं और करीब पांच करोड़ रुपये की रकम ठगे जाने की बात सामने आई है। अलग-अलग आंकड़े अलग अवधि और शिकायतों के स्तर को दर्शा सकते हैं, इसलिए इन्हें एक ही संख्या मानना उचित नहीं होगा।

70 हजार PNG उपभोक्ताओं के डेटा पर सवाल

इस साइबर ठगी ने उपभोक्ताओं के डेटा की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। रिपोर्टों में लखनऊ के 70 हजार से अधिक PNG उपभोक्ताओं का डेटा लीक होने की आशंका जताई गई है। इसी जानकारी के आधार पर ठग उपभोक्ताओं को उनके गैस कनेक्शन और बिल से जुड़ी जानकारी बताकर भरोसे में लेने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, अभी यह पुष्ट नहीं है कि उपभोक्ताओं का डेटा कंपनी के भीतर से ही लीक हुआ है। पुलिस इस पहलू समेत डेटा ठगों तक पहुंचने के दूसरे संभावित स्रोतों की भी जांच कर रही है।

ग्रीन गैस ने फर्जी कॉल को लेकर चेताया

ग्रीन गैस लिमिटेड ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर भी फर्जी कॉल को लेकर चेतावनी जारी की है। कंपनी के मुताबिक, उसके नाम पर उपभोक्ताओं को भुगतान की पुष्टि के लिए कार्ड डिटेल देने, भुगतान लिंक खोलने, QR कोड स्कैन करने या मोबाइल एप डाउनलोड करने के लिए कहा जा रहा है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि वह भुगतान की पुष्टि के लिए इस तरह के कॉल नहीं करती, भुगतान लिंक नहीं भेजती और किसी एप को डाउनलोड करने के लिए नहीं कहती। कंपनी ने व्यक्तिगत UPI या QR कोड पर भुगतान नहीं करने तथा OTP, कार्ड और बैंकिंग संबंधी जानकारी साझा नहीं करने की सलाह दी है।

क्राइम ब्रांच ने शुरू किया Digital Kavach अभियान

ग्रीन गैस के नाम पर बढ़ती साइबर ठगी को देखते हुए लखनऊ क्राइम ब्रांच ने ‘ऑपरेशन डिजिटल कवच’ के तहत जागरूकता अभियान शुरू किया है। पुलिस फर्जी कॉल, संदेश और APK फाइलों से सावधान रहने की अपील कर रही है। पुलिस ने उपभोक्ताओं से कहा है कि संदिग्ध व्हाट्सऐप मैसेज, एसएमएस या फोन नंबर को तुरंत डिलीट न करें। ऐसे डिजिटल साक्ष्य जांच एजेंसियों को ठगों तक पहुंचने में मदद कर सकते हैं।

गैस बिल के नाम पर कॉल आए तो क्या करें…

अनजान नंबर से आए गैस बिल या कनेक्शन संबंधी कॉल पर भुगतान न करें।
APK फाइल या अनजान लिंक डाउनलोड न करें।
OTP, UPI PIN, कार्ड डिटेल या बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें।
किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर स्क्रीन शेयरिंग या रिमोट एक्सेस न दें।
बकाया बिल की पुष्टि केवल ग्रीन गैस के अधिकृत माध्यम से करें।
कंपनी की वेबसाइट पर उपलब्ध लखनऊ कस्टमर केयर नंबर 6390905003 से भुगतान संबंधी जानकारी सत्यापित की जा सकती है।
ठगी होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत करें और बैंक को भी सूचना दें।

लखनऊ में पुलिस और क्राइम ब्रांच अब फर्जी मोबाइल नंबरों, डिजिटल लेनदेन, संदिग्ध APK फाइलों और बैंक खातों की कड़ियां जोड़कर साइबर ठगों के नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं। फिलहाल उपभोक्ताओं के लिए सबसे जरूरी सावधानी यही है कि ग्रीन गैस के नाम पर बिल अपडेट या कनेक्शन बचाने के लिए आए किसी अनजान लिंक, APK या भुगतान अनुरोध पर भरोसा न करें।

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