– 1996 के बाद से सीसामऊ में जीत का इंतजार; आर्यनगर में भी लगातार दो हार के बाद नए जिला प्रभारी अनिल यादव ने संगठन और जनसंपर्क मजबूत करने पर दिया जोर
भारत 19
कानपुर। विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच भाजपा ने कानपुर की सीसामऊ और आर्यनगर विधानसभा सीटों पर संगठन को मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। सीसामऊ में भाजपा को 1996 के बाद से विधानसभा चुनाव में जीत नहीं मिली है। 2024 के उपचुनाव में भी सपा की नसीम सोलंकी ने भाजपा प्रत्याशी सुरेश अवस्थी को 8,564 वोटों से हराया था। आर्यनगर में भी भाजपा पिछले दो विधानसभा चुनावों में जीत हासिल नहीं कर सकी है। 2017 और 2022 में सपा के अमिताभ बाजपेयी ने यहां से जीत दर्ज की थी। ऐसे में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने दोनों सीटों पर संगठन की सक्रियता बढ़ाने और बूथ स्तर तक चुनावी तैयारी मजबूत करने पर जोर दिया है।
कानपुर उत्तर के नए जिला प्रभारी एवं प्रदेश मंत्री अनिल यादव की पहली परिचय बैठक में सीसामऊ और आर्यनगर पर खास फोकस रहा। नवीन मार्केट स्थित जिला भाजपा कार्यालय में जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित की अध्यक्षता में हुई बैठक में संगठन विस्तार और जनसंपर्क अभियान को बूथ स्तर तक प्रभावी बनाने की रणनीति पर चर्चा हुई। अनिल यादव ने कार्यकर्ताओं से दोनों विधानसभा क्षेत्रों में एकजुट होकर काम करने और संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया।
भाजपा के लिए सीसामऊ लंबे समय से चुनौती वाली सीट बनी हुई है। पार्टी ने 2024 के उपचुनाव में भी पूरी ताकत लगाई थी लेकिन सीट सपा के खाते में चली गई। 2017 में भाजपा प्रत्याशी सुरेश अवस्थी सपा के इरफान सोलंकी से 5,826 वोट से और 2024 के उपचुनाव में नसीम सोलंकी से 8,564 वोट से हार गए थे। इससे साफ है कि भाजपा इस सीट पर मुकाबले में मजबूत उपस्थिति तो बनाए हुए है लेकिन जीत के लिए उसे अपने संगठनात्मक प्रदर्शन को और मजबूत करना होगा। आर्यनगर में भी भाजपा के सामने पुरानी हार का सिलसिला तोड़ने की चुनौती है। 2017 में अमिताभ बाजपेयी ने भाजपा के सलिल विश्नोई को हराया था जबकि 2022 में भी सपा ने यह सीट बरकरार रखी। 2022 में भाजपा प्रत्याशी सुरेश अवस्थी को 68,973 वोट मिले थे जबकि अमिताभ बाजपेयी 76,897 वोट लेकर विजयी हुए थे।
बूथ प्रबंधन के साथ संगठन में तालमेल पर जोर
भाजपा अब केवल बूथ प्रबंधन तक सीमित रहने के बजाय स्थानीय संगठन में समन्वय और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल पर भी जोर दे रही है। पार्टी के सामने वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय कायम रखने के साथ जमीनी स्तर पर संगठन को सक्रिय करने की चुनौती है। कानपुर भाजपा में पिछले कुछ समय में संगठनात्मक मतभेद और कार्यकर्ताओं के बीच विवाद की चर्चाएं भी सामने आती रही हैं। ऐसे में नए जिला प्रभारी अनिल यादव के सामने संगठन को एकजुट करने के साथ दोनों विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी की चुनावी तैयारियों को गति देने की जिम्मेदारी होगी।
जनसंपर्क को बनाया जाएगा चुनावी रणनीति का आधार
बैठक में बूथ स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ताओं की भूमिका बढ़ाने और प्रभावी जनसंपर्क अभियान चलाने पर जोर दिया गया। पार्टी की कोशिश है कि संगठन की गतिविधियां केवल चुनाव के समय तक सीमित न रहें बल्कि लगातार जनता के बीच सक्रियता दिखाई दे। जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित ने कहा कि कार्यकर्ता पार्टी की सबसे बड़ी ताकत हैं और संगठनात्मक गतिविधियों को प्रत्येक बूथ तक और प्रभावी बनाया जाएगा। बैठक में जिला महामंत्री अवधेश सोनकर, अभिनव दीक्षित, प्रमोद विश्वकर्मा, जिला मीडिया प्रभारी अनुराग शर्मा, जिला पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष और अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
