– कृष्णानगर में कारोबारी को असलहे के बल पर बंधक बनाकर पत्नी से 13 लाख रुपये और जेवर मंगवाए; आठ पुलिस टीमों ने 220 से 240 CCTV फुटेज खंगालकर छह आरोपियों को पकड़ा।
भारत 19
लखनऊ। राजधानी के कृष्णानगर इलाके में खुद को पुलिस अधिकारी बताकर कारोबारी के अपहरण और लूट की वारदात का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने कारोबारी को फर्जी पुलिस पहचान दिखाकर अपने कब्जे में लिया और हथियार के बल पर उसे बंधक बनाए रखा।
फर्जी पुलिस बनकर कारोबारी को कार में बैठाया
पुलिस के मुताबिक कारोबारी को रोकने के बाद आरोपियों ने खुद को पुलिसकर्मी बताया। फर्जी आईडी दिखाकर पूछताछ के बहाने उसे कार में बैठाया गया। इसके बाद असलहे के दम पर उसे डराया गया और बंधक बना लिया गया। आरोपियों ने कारोबारी के परिवार को निशाना बनाकर फिरौती वसूलने की योजना पर काम किया।
पत्नी से मंगवाए 13 लाख और जेवर
कारोबारी को बंधक बनाने के बाद आरोपियों ने उसकी पत्नी को फोन कराया। परिवार से रकम और जेवर मंगवाए गए। पुलिस के अनुसार कारोबारी के ड्राइवर के जरिए 13 लाख रुपये नकद और सोने-चांदी के जेवर आरोपियों तक पहुंचाए गए। इसके बाद कारोबारी को शहीद पथ के पास छोड़ दिया गया।
आठ टीमों ने खंगाले 240 तक CCTV
वारदात की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने आरोपियों तक पहुंचने के लिए आठ टीमें लगाईं। घटनास्थल से लेकर आरोपियों की आवाजाही वाले संभावित रास्तों के CCTV फुटेज खंगाले गए। जांच में करीब 220 से 240 कैमरों की फुटेज देखी गई। तकनीकी साक्ष्यों और अन्य सुरागों के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची।
छह आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी
पुलिस ने गिरोह से जुड़े छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में वारदात की योजना और कारोबारी को निशाना बनाने से जुड़े कई तथ्य सामने आने की बात कही गई है। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका और पिछली वारदातों की भी जांच कर रही है।
अंतरराज्यीय गिरोह की सामने आई कड़ी
पुलिस ने इस गिरोह को अंतरराज्यीय बताया है। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी वारदात के बाद लखनऊ से बाहर चले गए थे और दोबारा किसी वारदात की तैयारी के लिए शहर लौटे थे। पुलिस अब गिरोह के नेटवर्क और उसके अन्य सदस्यों का पता लगाने में जुटी है।
कारोबारी की रेकी से लेकर अपहरण तक जांच
पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि कारोबारी की आर्थिक स्थिति और उसकी गतिविधियों की जानकारी आरोपियों तक कैसे पहुंची। इसी आधार पर कारोबारी की रेकी, अपहरण की योजना और फिरौती की रकम वसूलने की पूरी कड़ी को जोड़ा जा रहा है।


