- यश डबास अध्यक्ष, रिया छाबड़ी सचिव और लक्ष्यराज सिंह संयुक्त सचिव निर्वाचित; निर्दलीय दीपांशु शौकीन ने उपाध्यक्ष पद जीता, चारों केंद्रीय पदों पर NSUI को नहीं मिली जीत।
भारत 19
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव 2026 के नतीजे शनिवार को 20 राउंड की मतगणना के बाद घोषित कर दिए गए। चार केंद्रीय पदों में से तीन पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के प्रत्याशी विजयी रहे, जबकि उपाध्यक्ष पद निर्दलीय प्रत्याशी दीपांशु शौकीन ने जीता। NSUI चारों केंद्रीय पदों में से कोई भी सीट हासिल नहीं कर सकी।
अध्यक्ष पद पर यश डबास की जीत
ABVP के यश डबास ने अध्यक्ष पद पर 24,576 वोट हासिल किए। उन्होंने NSUI के विजय शंकर मीणा को 2,053 वोट के अंतर से हराया। मीणा को 22,523 वोट मिले, जबकि वाम प्रत्याशी अनन्या रतूड़ी को 5,377 वोट मिले। अध्यक्ष पद का मुकाबला शुरुआती दौर में करीबी रहा। मतगणना आगे बढ़ने के साथ डबास ने बढ़त बनाई और अंतिम परिणाम में अध्यक्ष पद अपने नाम किया।
निर्दलीय दीपांशु शौकीन ने जीता उपाध्यक्ष पद
उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय दीपांशु शौकीन ने 30,615 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। ABVP के इशू मौर्या को 16,910 और NSUI के वीर छत्रथ को 4,313 वोट मिले। शौकीन पहले NSUI से जुड़े रहे थे और इस बार निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव मैदान में उतरे।
सचिव पद पर रिया छाबड़ी निर्वाचित
ABVP की रिया छाबड़ी ने सचिव पद पर 21,650 वोट हासिल किए। उन्होंने NSUI की नम्रता चौधरी को पीछे छोड़ा, जिन्हें 14,869 वोट मिले। इस जीत के साथ सचिव पद भी ABVP के खाते में गया। संयुक्त सचिव पद पर ABVP के लक्ष्यराज सिंह निर्वाचित हुए। उन्हें 16,615 वोट मिले। इस पद पर निर्दलीय विशेष यादव और NSUI के गोपाल चौधरी के बीच भी मुकाबला रहा।
चारों केंद्रीय पदों का परिणाम
अध्यक्ष: यश डबास — ABVP — 24,576 वोट
उपाध्यक्ष: दीपांशु शौकीन — निर्दलीय — 30,615 वोट
सचिव: रिया छाबड़ी — ABVP — 21,650 वोट
संयुक्त सचिव: लक्ष्यराज सिंह — ABVP — 16,615 वोट
इस तरह केंद्रीय पैनल में ABVP के तीन प्रत्याशी विजयी रहे और NSUI का खाता नहीं खुला।
18 सितंबर को हुआ था मतदान
DUSU चुनाव के लिए 18 सितंबर को मतदान हुआ था। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक इस बार 40.46 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। 19 सितंबर को सुबह आठ बजे मतगणना शुरू हुई और 20 राउंड पूरे होने के बाद सभी चार केंद्रीय पदों के परिणाम घोषित किए गए।
जीत के बाद विजय जुलूस पर रोक
परिणाम घोषित होने से पहले विजयी प्रत्याशियों और उनके समर्थकों को विश्वविद्यालय परिसर या उसके बाहर विजय जुलूस नहीं निकालने के लिए कहा गया। यह निर्देश दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के संदर्भ में दिया गया था।


