- घाटमपुर राजकीय पॉलिटेक्निक में 7.06 करोड़ से बन रहा टाटा सेंटर ऑफ एक्सिलेंस; निरीक्षण में निर्माण बंद और मजदूर कम मिले, ईवी, रोबोटिक्स व एआई की ट्रेनिंग देने की तैयारी
भारत 19 कानपुर। घाटमपुर राजकीय पॉलिटेक्निक के छात्रों के तकनीकी भविष्य को नई दिशा देने के लिए 7.06 करोड़ रुपये की लागत से टाटा सेंटर ऑफ एक्सिलेंस बनाया जा रहा है, लेकिन निर्माण की रफ्तार को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। शनिवार को डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह के निरीक्षण में मौके पर निर्माण बंद मिला, मजदूरों की संख्या कम पाई गई। डीएम ने इस पर नाराजगी जताते हुए आवास विकास परिषद के एक्सईएन से जवाब तलब किया है। सेंटर तैयार होने पर विद्यार्थियों को इलेक्ट्रिक व्हीकल, एडवांस ऑटोमोबाइल, रोबोटिक्स, इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन, एआई और मशीन लर्निंग जैसी आधुनिक तकनीकों में प्रशिक्षण देने की योजना है।
7.06 करोड़ की परियोजना, मई 2027 तक लक्ष्य
राजकीय पॉलिटेक्निक परिसर में आवास विकास परिषद की ओर से टाटा सेंटर ऑफ एक्सिलेंस का भूतल समेत तीन मंजिला भवन का निर्माण 5 जून 2026 को शुरू हुआ था और इसे मई 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक करीब 23 प्रतिशत काम पूरा हुआ है। डीएम ने निरीक्षण के दौरान परियोजना की प्रगति, निर्माण सामग्री और मौके पर चल रहे काम की जानकारी ली। निर्माण बंद मिलने के साथ मजदूरों की संख्या कम पाए जाने पर उन्होंने जिम्मेदार अधिकारी से जवाब मांगा।
निर्माण बंद मिलने पर मांगा स्पष्टीकरण
निरीक्षण के दौरान मौके पर पर्याप्त श्रमिक नहीं मिले। परियोजना प्रगति रजिस्टर में दर्ज मजदूरों की संख्या और मौके की स्थिति में अंतर मिलने पर भी जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि निर्माण स्थल पर तत्काल पर्याप्त मजदूर लगाए जाएं और काम की गति बढ़ाई जाए। साथ ही नियमित निगरानी कर परियोजना को निर्धारित समय सीमा में पूरा कराने को कहा।
ईवी से एआई तक मिलेगी आधुनिक ट्रेनिंग
टाटा सेंटर ऑफ एक्सिलेंस का उद्देश्य विद्यार्थियों को उद्योगों की बदलती जरूरतों के अनुरूप आधुनिक कौशल उपलब्ध कराना है। प्रस्तावित प्रशिक्षण में एडवांस ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिक व्हीकल, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, एडवांस मैन्युफैक्चरिंग, इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन एवं रोबोटिक्स, प्रोडक्ट डिजाइन, क्वालिटी कंट्रोल तथा एआई और मशीन लर्निंग जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इन तकनीकों में प्रशिक्षण से विद्यार्थियों को पारंपरिक पॉलिटेक्निक शिक्षा के साथ व्यावहारिक और उद्योग-केंद्रित कौशल हासिल करने का अवसर मिलेगा।
निर्माण की गति अब सबसे अहम
परियोजना का करीब 23 प्रतिशत काम पूरा हुआ है और मई 2027 की समयसीमा तय है। ऐसे में निर्माण की गति बनाए रखना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण होगा। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को काम में तेजी लाने के साथ गुणवत्ता और समय सीमा दोनों पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं। सेंटर तैयार होने के बाद ही विद्यार्थियों को प्रस्तावित आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। निरीक्षण के दौरान राजकीय पॉलिटेक्निक घाटमपुर के प्राचार्य कुलदीप सिंह समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।


