- विशेषज्ञ व्याख्यान, कार्यशालाओं और संयुक्त शैक्षणिक गतिविधियों से विद्यार्थियों को मिलेंगे नए अवसर; गणित और संबद्ध क्षेत्रों में शोध, नवाचार और ज्ञान के आदान-प्रदान पर जोर
भारत 19
कानपुर। गणित की कक्षा से आगे विद्यार्थियों को विशेषज्ञों के अनुभव और शोध की दुनिया से जोड़ने के लिए आंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी फॉर दिव्यांगजन (AITD) और डीबीएस कॉलेज, कानपुर के गणित विभाग के बीच समझौता हुआ है। एमओयू के तहत दोनों संस्थान संयुक्त शैक्षणिक गतिविधियों के जरिए विद्यार्थियों की विषयगत समझ, अकादमिक क्षमता और शोध कौशल को विकसित करने की दिशा में काम करेंगे।
एमओयू पर एआईटीडी की निदेशक प्रोफेसर रचना अस्थाना, विभागाध्यक्ष डॉ. अनुज श्रीवास्तव और डीबीएस कानपुर के गणित विभागाध्यक्ष प्रोफेसर अशोक कुमार श्रीवास्तव की मौजूदगी में हस्ताक्षर किए गए। समझौते का उद्देश्य गणित विषय में अकादमिक सहयोग और शोध गतिविधियों को बढ़ावा देना है। समझौते के तहत विशेषज्ञ व्याख्यान, कार्यशालाएं, सेमिनार और संगोष्ठियां आयोजित की जाएंगी। इससे विद्यार्थियों को गणित के विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों से सीखने, सवाल पूछने और कक्षा से बाहर अकादमिक चर्चा में भाग लेने का अवसर मिलेगा। प्रशिक्षण कार्यक्रमों के जरिए विषय से जुड़े नए ज्ञान और अवधारणाओं को समझने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
गणित और संबद्ध क्षेत्रों में संयुक्त शोध पर जोर
एमओयू में गणित और उससे संबंधित क्षेत्रों में शोध, नवाचार और ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है। दोनों संस्थानों के शिक्षक अकादमिक सहयोग के जरिए शोध गतिविधियों को आगे बढ़ाएंगे। इससे विद्यार्थियों को शोध विषयों पर मार्गदर्शन लेने और अकादमिक परियोजनाओं से जुड़ने के अवसर मिल सकते हैं। हालांकि, संयुक्त शोध परियोजनाओं का विस्तृत खाका अभी सामने नहीं आया है।
दोनों संस्थानों की विशेषज्ञता का विद्यार्थियों को लाभ
समझौते का एक अहम पक्ष दोनों गणित विभागों के बीच नियमित शैक्षणिक संवाद स्थापित करना है। इससे विद्यार्थियों को दूसरे संस्थान के शिक्षकों और विशेषज्ञों से परिचित होने तथा गणित के विभिन्न क्षेत्रों को व्यापक दृष्टिकोण से समझने का अवसर मिलेगा। दोनों संस्थानों ने भविष्य में संयुक्त शैक्षणिक और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों को जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई है। इससे विद्यार्थियों को कक्षा आधारित अध्ययन के साथ विशेषज्ञ मार्गदर्शन और शोध गतिविधियों से जुड़ने के अतिरिक्त अवसर मिलेंगे।


