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IIT कानपुर में साइबर हमलों से निपटना सीखेंगे CISF जवान

  • C3iHub और CISF के बीच समझौता; छह सप्ताह का आवासीय प्रशिक्षण, हर बैच में 40 कर्मियों को बिना शुल्क मिलेगी साइबर सुरक्षा, डिजिटल फॉरेंसिक और AI खतरों से निपटने की ट्रेनिंग

भारत 19
कानपुर।
देश की महत्वपूर्ण और रणनीतिक सुविधाओं को साइबर खतरों से सुरक्षित रखने के लिए CISF जवानों को IIT कानपुर में विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। आईआईटी कानपुर के साइबर सुरक्षा प्रौद्योगिकी नवाचार केंद्र C3iHub और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के बीच समझौता ज्ञापन हुआ है। इसके तहत छह सप्ताह का आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। प्रशिक्षण में आधुनिक साइबर खतरों की पहचान, डिजिटल जांच और साइबर हमले के बाद सुरक्षा व्यवस्था बहाल करने की तकनीक सिखाई जाएगी।

हर बैच में 40 कर्मियों को मिलेगा प्रशिक्षण

आईआईटी कानपुर परिसर में होने वाले प्रशिक्षण के प्रत्येक बैच में 40 CISF कर्मी शामिल होंगे। कार्यक्रम में कक्षा प्रशिक्षण के साथ व्यावहारिक अभ्यास, विशेषज्ञों के सत्र और वास्तविक परिस्थितियों पर आधारित गतिविधियां होंगी। शुरुआत सूचना प्रौद्योगिकी और नेटवर्किंग की बुनियादी जानकारी से होगी, जिसके बाद साइबर सुरक्षा और साइबर घटनाओं के प्रबंधन से जुड़े उन्नत विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। कार्यक्रम गैर-व्यावसायिक आधार पर होगा और प्रतिभागियों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।

डिजिटल फॉरेंसिक और क्लाउड सुरक्षा भी पाठ्यक्रम में

प्रशिक्षण में डिजिटल फॉरेंसिक, साइबर घटनाओं की जांच, सुरक्षा कमजोरियों की पहचान, सेवाओं की बहाली और कामकाज लगातार जारी रखने से जुड़े पहलुओं को शामिल किया गया है। इसके अलावा क्लाउड कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, जनरेटिव एआई, इंटरनेट ऑफ थिंग्स और ऑपरेशनल टेक्नोलॉजी से जुड़ी सुरक्षा चुनौतियों की जानकारी दी जाएगी।

डीपफेक और AI के दुरुपयोग पर विशेष फोकस

बदलते डिजिटल खतरों को देखते हुए प्रशिक्षण में एआई के गलत इस्तेमाल, डीपफेक, क्लाउड पर डेटा की सुरक्षा, सप्लाई चेन की कमजोरियां, पहचान की चोरी और आपस में जुड़े डिजिटल सिस्टम के जोखिम भी शामिल किए गए हैं। वास्तविक जीवन जैसी साइबर हमले की परिस्थितियां तैयार कर कर्मियों को दबाव में निर्णय लेने और विभिन्न टीमों के साथ समन्वय का अभ्यास कराया जाएगा।

रणनीतिक सुविधाओं की सुरक्षा पर रहेगा जोर

C3iHub और CISF के बीच यह सहयोग महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक सुविधाओं की सुरक्षा में तैनात कर्मियों की साइबर क्षमताओं को मजबूत करने पर केंद्रित है। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद जवानों को साइबर घटनाओं से जुड़ी तकनीकी चुनौतियों को समझने और उनसे निपटने के लिए आवश्यक व्यावहारिक अनुभव मिलेगा।

CISF और C3iHub अधिकारियों ने किए हस्ताक्षर

समझौता ज्ञापन पर CISF के आईजी/एपीएस-आई सेंथिल अवूदय कृष्ण राज एस. और C3iHub की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. तनीमा हाजरा ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर कार्यक्रम निदेशक प्रो. सुरेंदर बसवाना, मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी डॉ. रास द्विवेदी, मुख्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. आनंद हांडा और मुख्य वित्त अधिकारी अजय कुमार मिश्रा मौजूद रहे।

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