- माल निर्यात 43.81 अरब डॉलर पहुंचा, पांच महीने में 215.91 अरब डॉलर; चीन को निर्यात 38.71 फीसदी बढ़ा, अमेरिका और यूरोपीय संघ में भी वृद्धि
भारत 19
नई दिल्ली। वैश्विक बाजार की चुनौतियों के बीच भारत के निर्यात ने अगस्त में जोरदार रफ्तार पकड़ी है। अगस्त 2026 में देश का माल निर्यात सालाना आधार पर 26.12 प्रतिशत बढ़कर 43.81 अरब डॉलर पहुंच गया, जबकि एक साल पहले इसी महीने यह 34.74 अरब डॉलर था। खास बात यह है कि अप्रैल-अगस्त के पांच महीनों में भी माल निर्यात 17.85 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि के साथ 215.91 अरब डॉलर पर पहुंच गया। माल और सेवाओं को मिलाकर अगस्त में कुल निर्यात 25.41 प्रतिशत बढ़कर 82.68 अरब डॉलर रहने का अनुमान है। दूसरी ओर, माल आयात 70.67 अरब डॉलर रहा। इससे अगस्त का माल व्यापार घाटा घटकर 26.86 अरब डॉलर रह गया, जो पिछले साल इसी महीने 27.22 अरब डॉलर था।
पांच महीने में निर्यात 215.91 अरब डॉलर
वित्त वर्ष 2026-27 के अप्रैल से अगस्त के दौरान माल निर्यात 17.85 प्रतिशत बढ़ा है। इस अवधि में माल और सेवाओं को मिलाकर कुल निर्यात 15.55 प्रतिशत बढ़कर 399.27 अरब डॉलर रहने का अनुमान है। सेवाओं के निर्यात में 12.95 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान लगाया गया है। इस अवधि में चीन, सिंगापुर, जर्मनी, दक्षिण अफ्रीका, मलेशिया, तंजानिया, हांगकांग, ऑस्ट्रेलिया, स्पेन और श्रीलंका जैसे बाजारों में भारतीय निर्यात बढ़ा है। ब्रिक्स देशों को निर्यात में 13.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
चीन को निर्यात में सबसे तेज बढ़त
बड़े बाजारों में चीन को निर्यात 38.71 प्रतिशत बढ़ा, जबकि अमेरिका को निर्यात में 6.17 प्रतिशत और यूरोपीय संघ को 3.84 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। एफआईईओ के मुताबिक बाजारों का यह विस्तार बताता है कि भारतीय निर्यातक पारंपरिक बाजारों के साथ नए और उभरते बाजारों में भी अपनी पकड़ बढ़ा रहे हैं। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन (एफआईईओ) के अध्यक्ष एससी रहलन ने अगस्त में 26.12 प्रतिशत की वृद्धि को उत्साहजनक बताया। उनके अनुसार यह भारतीय निर्यातकों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता और बदलते बाजारों के अनुरूप खुद को ढालने की क्षमता को दर्शाता है।
इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और पेट्रोलियम आगे
अगस्त में निर्यात बढ़ाने में इंजीनियरिंग सामान, पेट्रोलियम उत्पाद, इलेक्ट्रॉनिक सामान और रसायनों की प्रमुख भूमिका रही। ऑटोमोबाइल निर्यात में सालाना आधार पर 22.2 प्रतिशत वृद्धि हुई। इसमें दोपहिया और तिपहिया वाहनों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। रत्न एवं आभूषण निर्यात भी 3.14 प्रतिशत बढ़कर 2.30 अरब डॉलर रहा। एफआईईओ के अनुसार इलेक्ट्रॉनिक्स और इंजीनियरिंग उत्पादों का विस्तार तथा रसायन, दवा और अन्य विनिर्माण आधारित क्षेत्रों की मजबूती भारत के निर्यात आधार के विविधीकरण का संकेत है।
सोने का आयात घटा, व्यापार घाटे को राहत
अगस्त में पेट्रोलियम और ऊर्जा उत्पादों, इलेक्ट्रॉनिक सामान तथा अन्य औद्योगिक कच्चे माल की मांग बनी रही। हालांकि, सोने का आयात तेजी से घटकर करीब 2.3 अरब डॉलर रह गया। इससे माल व्यापार घाटे को नियंत्रित करने में मदद मिली। माल और सेवाओं को मिलाकर अगस्त में कुल आयात 92.09 अरब डॉलर रहने का अनुमान है। इस आधार पर कुल व्यापार घाटा 9.41 अरब डॉलर रहा।
निर्यात की रफ्तार बनाए रखना चुनौती
रहलन ने कहा कि इस गति को बनाए रखने के लिए प्रतिस्पर्धी व्यापार वित्त, बेहतर लॉजिस्टिक्स और बुनियादी ढांचे, बाजारों का विविधीकरण और कारोबार सुगमता पर लगातार ध्यान देना होगा। एमएसएमई और नए निर्यातकों को लक्षित सहायता भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि अप्रैल-अगस्त के दौरान माल निर्यात में 17.85 प्रतिशत की वृद्धि ने मजबूत आधार तैयार किया है। लागत, लॉजिस्टिक्स, वित्त और बाजार पहुंच से जुड़ी चुनौतियों को दूर कर इस रफ्तार को वित्त वर्ष के बाकी महीनों में भी कायम रखा जा सकता है।


