- शिवाला में सीवर लाइन से निकलीं करीब 12 बोरी बालू, नगवा-सरायनंदन समेत कई इलाकों में भी मिला असामान्य मलबा, पत्थर, प्लाई और लकड़ी का बुरादा मिलने से बढ़ा शक, CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस
भारत 19
बनारस/ बनारस में बारिश से आए जलभराव के बीच अब सीवर लाइनों के भीतर पहुंची बालू की बोरियों ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। शिवाला में सफाई के दौरान मुख्य सीवर लाइन से करीब 12 बोरी बालू निकलीं। इसके बाद नगवा, सरायनंदन समेत कई इलाकों की सीवर लाइनों में भी पत्थर, प्लाई, लकड़ी का बुरादा और प्लास्टिक जैसी सामग्री मिलने की बात सामने आई। इतनी मात्रा में बाहरी सामग्री सीवर के भीतर मिलने से नगर निगम ने लाइन को जानबूझकर बाधित किए जाने की आशंका जताई है। मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आसपास के CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली जा रही है।
सफाई के दौरान खुला सीवर के भीतर का खेल
जलभराव की शिकायतों के बाद जब सीवर लाइनों की सफाई शुरू हुई तो शिवाला में सफाईकर्मियों को मैनहोल के भीतर बालू से भरी बोरियां मिलीं। एक-दो बोरी होती तो इसे संयोग माना जा सकता था, लेकिन करीब 12 बोरियां मिलने से मामला गंभीर हो गया। इसके बाद नगर निगम ने आसपास के दूसरे इलाकों में भी सीवर लाइनों की जांच कराई। वहां भी कई तरह की ऐसी सामग्री मिली, जिसका सीवर में पहुंचना सामान्य नहीं माना जा सकता।
कई इलाकों में मिला एक जैसा मलबा
शिवाला के अलावा नगवा और सरायनंदन समेत कई वार्डों की सीवर लाइनों में भी असामान्य सामग्री मिलने की सूचना है। कहीं बालू मिली तो कहीं पत्थर, प्लाई, लकड़ी का बुरादा और प्लास्टिक सीवर के भीतर फंसा मिला। यही बात जांच को एक स्थान की घटना से आगे ले जाती है। अब यह पता लगाने की कोशिश है कि क्या अलग-अलग इलाकों में सीवर बाधित करने के पीछे एक ही तरीका या एक ही गिरोह की भूमिका थी।
मुख्य सीवर जाम हुआ तो बढ़ा जलभराव
नगर निगम के मुताबिक मुख्य सीवर लाइन में रुकावट आने के बाद उससे जुड़ी छोटी लाइनों में पानी की निकासी प्रभावित हुई। बारिश का पानी और सीवर का पानी जमा होने से कई जगह हालात बिगड़े। अब जांच यह भी करेगी कि सीवर में मिली सामग्री ने वास्तव में कितनी बड़ी रुकावट पैदा की और क्या जलभराव बढ़ने की एक वजह यही थी। क्योंकि यदि दोनों घटनाओं के बीच सीधा संबंध साबित होता है तो मामला केवल जलनिकासी की खराब व्यवस्था तक सीमित नहीं रहेगा।
कैमरों में तलाशे जा रहे संदिग्ध
सीवर में सामग्री पहुंचाने वाले तक पहुंचने के लिए पुलिस और नगर निगम संबंधित क्षेत्रों के CCTV फुटेज खंगाल रहे हैं। मैनहोल के आसपास संदिग्ध गतिविधि, किसी वाहन की आवाजाही या रात के समय हुई असामान्य गतिविधियों को जांच के दायरे में रखा गया है। फुटेज से अगर कोई ठोस सुराग मिलता है तो सीवर में बोरियां डालने की पूरी कड़ी सामने आ सकती है। फिलहाल किसी व्यक्ति की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।
पुलिस जांच में खुलेगा साजिश का सच
मामले में जलकल विभाग की ओर से पुलिस को शिकायत दी गई है और केस दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। नगर निगम की ओर से सीवर में बाहरी सामग्री पहुंचाए जाने को गंभीरता से लिया गया है। हालांकि अभी साजिश का आरोप साबित नहीं हुआ है। पुलिस को यह तय करना होगा कि बालू की बोरियां और अन्य सामग्री जानबूझकर सीवर को रोकने के लिए डाली गई थीं या इसके पीछे कोई और वजह थी।
जलभराव ने बढ़ाई व्यवस्था पर नजर
वाराणसी में बारिश के दौरान जलभराव और सीवर ओवरफ्लो कोई नया मुद्दा नहीं है। लेकिन इस बार सीवर के भीतर से निकली बालू की बोरियों ने समस्या के कारणों पर एक नया सवाल खड़ा कर दिया है। एक तरफ शहर को बारिश के पानी से निपटना है, दूसरी तरफ सीवर नेटवर्क को अवरुद्ध होने से बचाना चुनौती है। ऐसे में अगर जांच में जानबूझकर लाइन बाधित करने की पुष्टि होती है तो जलभराव की समस्या से निपटने की रणनीति में सीवर नेटवर्क की निगरानी और सुरक्षा भी अहम हिस्सा बनानी पड़ेगी।
अब जांच में तलाशे जाएंगे इन सवालों के जवाब
पूरे मामले की असली तस्वीर तीन सवालों से साफ होगी—सीवर में इतनी मात्रा में बालू पहुंची कैसे, अलग-अलग इलाकों में मिली सामग्री के बीच कोई संबंध है या नहीं और क्या इसी वजह से जलनिकासी प्रभावित हुई। CCTV फुटेज, सफाई के दौरान निकली सामग्री और पुलिस की जांच इन सवालों के जवाब तलाशेगी। फिलहाल इतना तय है कि बनारस के जलभराव की जांच अब सिर्फ आसमान से बरसी बारिश तक सीमित नहीं रही; सीवर के भीतर मिली बालू की बोरियों ने कहानी में एक नया मोड़ जोड़ दिया है।


