- कानपुर में 26 अगस्त को निकलेगा 114वां जुलूस, लाउडस्पीकर सीमित रखने और वाहनों की छत पर न बैठने की अपील
भारत 19
कानपुर। जुलूस-ए-मोहम्मदी में राजनीतिक नारे, झंडे और बैनर नहीं चलेंगे। बिजली के तारों के नीचे ऊंचे बांस-बल्लियों वाले झंडे ले जाने से बचना होगा और लाउडस्पीकर भी सीमित संख्या में तथा नियंत्रित आवाज में बजेंगे। भीड़ प्रबंधन के लिए टोकन व्यवस्था लागू की जाएगी। जमीयत उलेमा ने 26 अगस्त को निकलने वाले जुलूस-ए-मोहम्मदी से पहले यह गाइडलाइन जारी की है।
जमीयत उलेमा उत्तर प्रदेश के महासचिव मौलाना अमीनुल हक अब्दुल्लाह कासमी और जमीयत उलेमा शहर कानपुर के अध्यक्ष डॉ. हलीम उल्लाह खान ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में जुलूस की तैयारियों और निर्देशों की जानकारी दी। बताया गया कि जुलूस बुधवार दोपहर करीब एक बजे परेड ग्राउंड से निकलेगा और पारंपरिक मार्ग से होते हुए निर्धारित गंतव्य तक पहुंचेगा।
राजनीतिक पहचान से जुड़े प्रतीकों पर भी रोक
जमीयत ने साफ किया है कि जुलूस के दौरान किसी भी तरह के राजनीतिक नारे, झंडे, बैनर या राजनीतिक पहचान से जुड़े प्रतीकों का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। प्रतिभागियों से पूरे रास्ते अनुशासन बनाए रखने की अपील की गई है। गाइडलाइन में यह भी कहा गया है कि ऐसा कोई नारा या गीत न लगाया जाए, जिससे किसी धार्मिक या सामाजिक वर्ग की भावनाएं आहत हों। प्रतिभागियों से धार्मिक परंपराओं के अनुरूप हम्द-ए-इलाही, दरूद-ओ-सलाम, नात-ओ-मनकबत और मदह-ए-सहाबा का पाठ करने को कहा गया है।
बिजली के तारों से दूरी, लाउडस्पीकर भी सीमित
झंडों में इस्तेमाल होने वाले बांस और बल्लियों को बिजली के तारों से सुरक्षित दूरी पर रखने के निर्देश दिए गए हैं। लाउडस्पीकर की संख्या सीमित रखने के साथ ही आवाज का स्तर भी नियंत्रित रखने को कहा गया है। तबर्रुक वितरण को लेकर भी विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। बांटने वालों से सड़क पर भीड़ जमा न करने और लोगों के हाथों में तबर्रुक देकर आगे बढ़ने की अपील की गई है।
लॉरी और वाहनों की छत पर बैठने से बचें
खराब सड़कों और दुर्घटना की आशंका को देखते हुए लोगों से लॉरी या अन्य वाहनों की छत पर बैठने से बचने को कहा गया है। कॉलेज छात्रों और अन्य लोगों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत जुलूस में शामिल होने की अपील की गई है। जमीयत के अनुसार कानपुर में जुलूस-ए-मोहम्मदी वर्ष 1913 से निकाला जा रहा है। इस बार इसका 114वां आयोजन होगा। जुलूस को लेकर तैयारियों के साथ संगठन ने प्रतिभागियों से जारी गाइडलाइन का सख्ती से पालन करने की अपील की है।

