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कानपुर में एक्सपायर्ड चॉकलेट-टॉफी की लूट, बोरे भर ले गए लोग

  • पनकी औद्योगिक क्षेत्र में सड़क किनारे फेंकी गई कथित एक्सपायर्ड चॉकलेट और टॉफियां बटोरने के लिए टूट पड़ी भीड़
    Bharat 19/ कानपुर। जिस खाद्य सामग्री को बिक्री और उपभोग के लायक नहीं मानकर फेंक दिया गया, वही कुछ ही देर में लोगों के लिए ‘मुफ्त का माल’ बन गई। पनकी औद्योगिक क्षेत्र में सड़क किनारे और डंपिंग साइट के पास बड़ी मात्रा में पड़ी कथित एक्सपायर्ड चॉकलेट और टॉफियां उठाने के लिए लोगों की भीड़ टूट पड़ी। किसी ने हाथों में पैकेट समेटे तो कोई बैग, बोरे और डिब्बे भरकर ले गया। वीडियो वायरल होने के बाद सवाल सिर्फ चॉकलेट-टॉफी की लूट का नहीं, बल्कि खाद्य सुरक्षा व्यवस्था में उस चूक का है, जिसने संभावित रूप से उपयोग के अयोग्य सामग्री को सीधे आम लोगों की पहुंच में पहुंचा दिया।

वायरल वीडियो हुए में बड़ी संख्या में लोग कचरे और सड़क किनारे पड़ी चॉकलेट-टॉफियां बटोरते दिखाई दे रहे हैं। प्रारंभिक रिपोर्टों में दावा किया गया है कि यह स्टॉक एक्सपायर्ड या बिक्री के लिए अनुपयुक्त था। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि सामग्री किस कंपनी या कारोबारी की थी, कितनी मात्रा में फेंकी गई और इसे वहां किस प्रक्रिया के तहत पहुंचाया गया। पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच की बात सामने आई है। पनकी की इस घटना में सबसे बड़ा सवाल उस स्रोत को लेकर है, जहां से यह खाद्य सामग्री निकली। यदि यह किसी निर्माता या कारोबारी का एक्सपायर्ड अथवा रिजेक्टेड स्टॉक था, तो उसे खुले स्थान तक पहुंचने से पहले सुरक्षित रूप से अलग क्यों नहीं किया गया?

FSSAI ने खाद्य कारोबारियों के लिए रिजेक्टेड, रिकॉल या लौटाए गए उत्पादों को अलग, स्पष्ट रूप से चिह्नित और सुरक्षित रखने का प्रावधान किया है। दिसंबर 2024 की एडवाइजरी में FSSAI ने एक्सपायर्ड और रिजेक्टेड खाद्य सामग्री की मात्रा तथा उसके साथ की गई कार्रवाई का रिकॉर्ड रखने और उसे ट्रैक करने की व्यवस्था पर जोर दिया था।

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एक्सपायर्ड था तो खुले में क्यों छोड़ा गया?
यहां मामला और गंभीर हो जाता है। FSSAI की नवंबर 2025 की एडवाइजरी में जब्त, रिजेक्टेड और एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री को खुले भूभाग में फेंकने पर स्पष्ट रोक बताई गई है। इसका उद्देश्य ऐसी सामग्री के दोबारा उपयोग, सप्लाई चेन में दुरुपयोग, स्वास्थ्य जोखिम और पर्यावरणीय नुकसान को रोकना है। इससे पहले भी FSSAI स्पष्ट कर चुका है कि यदि कोई खाद्य उत्पाद एक्सपायर हो चुका है या मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त है, तो उसे खाद्य आपूर्ति श्रृंखला से समय रहते हटाकर अधिकृत अपशिष्ट प्रबंधन एजेंसियों के माध्यम से निस्तारित किया जाना चाहिए। यानी यदि जांच में यह साबित होता है कि पनकी में फेंकी गई सामग्री वास्तव में एक्सपायर्ड थी, तो यह पता लगाना जरूरी होगा कि उसका निस्तारण निर्धारित व्यवस्था के तहत हुआ था या नहीं।

कूड़े से उठी चॉकलेट, अब पहुंची कहां?

वायरल वीडियो का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि बड़ी मात्रा में खाद्य सामग्री लोगों के हाथों में चली गई। इसे किसने कितना उठाया, आगे इसका क्या हुआ और क्या इसका दोबारा सेवन या बिक्री हो सकती है—ये सवाल अब जांच का अहम हिस्सा होने चाहिए। फूड सेफ्टी नियमों में एक्सपायर्ड और रिजेक्टेड उत्पादों को ट्रैक करने तथा उनके निस्तारण की कार्रवाई दर्ज रखने की व्यवस्था इसी तरह के संभावित दुरुपयोग को रोकने के लिए है।

पुलिस को मिले रैपर, कंपनी की तलाश शुरू

कुछ रिपोर्टों के अनुसार पुलिस को मौके से मिट्टी से सने और फटे हुए रैपर मिले हैं, जिनकी जांच के आधार पर खाद्य सामग्री के स्रोत तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, अभी तक किसी कंपनी या फैक्ट्री की आधिकारिक पहचान की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए जांच पूरी होने से पहले किसी कंपनी का नाम जोड़ना उचित नहीं होगा।

अब जांच के घेरे में होंगे ये सवाल

पनकी की घटना के बाद जांच को इन बिंदुओं पर केंद्रित होना चाहिए—

  • कथित एक्सपायर्ड चॉकलेट और टॉफियां किस कंपनी या कारोबारी की थीं?
  • क्या सामग्री वास्तव में एक्सपायर हो चुकी थी या केवल बिक्री के लिए रिजेक्ट की गई थी?
  • इसे सड़क किनारे या डंपिंग साइट तक किसने पहुंचाया?
  • क्या पैकेट और उत्पादों को नष्ट करने की कोई प्रक्रिया अपनाई गई थी?
  • क्या निस्तारण का रिकॉर्ड मौजूद है?
  • कितनी मात्रा में खाद्य सामग्री वहां फेंकी गई?
  • लोगों द्वारा उठाई गई सामग्री को वापस लेने या उसके इस्तेमाल को रोकने के लिए क्या कार्रवाई की गई?
  • क्या खाद्य सुरक्षा विभाग संबंधित फर्म और सप्लाई चेन की जांच करेगा?

लूट का वीडियो, खाद्य सुरक्षा की बड़ी चेतावनी

पनकी का वायरल वीडियो केवल मुफ्त चॉकलेट-टॉफी के लिए उमड़ी भीड़ का दृश्य नहीं है। यह उस पूरी व्यवस्था पर सवाल है, जिसमें कथित तौर पर एक्सपायर्ड या अनुपयुक्त खाद्य सामग्री सड़क किनारे पहुंची और फिर देखते ही देखते लोगों के बैग और बोरों में भर गई।

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