- एआईटीडी की लैब अंतिम चरण में, चिप्स से तेल और पानी तक की हो सकेगी वैज्ञानिक जांच
- भारत 19 कानपुर। शहर के सैकड़ों खाद्य उद्योगों को अपने उत्पादों की गुणवत्ता जांच के लिए जल्द स्थानीय स्तर पर एक नया ठिकाना मिल सकता है। डा. आंबेडकर इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी फॉर दिव्यांगजन (एआईटीडी) में स्थापित हो रही ‘ट्रेनिंग टेस्टिंग लैब’ अंतिम चरण में पहुंच गई है। आवश्यक मान्यता मिलने के बाद यहां खाद्य उत्पादों के साथ खाद्य और सुगंधित तेल तथा पानी की भी वैज्ञानिक जांच की सुविधा शुरू करने की तैयारी है। डा. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) की क्वालिटी इम्प्रूवमेंट प्रोग्राम योजना के तहत तैयार की जा रही लैब में मशीनों और परीक्षण विशेषज्ञों की व्यवस्था की जा चुकी है। अब संस्थान को मान्यता मिलने का इंतजार है। इसके बाद यहां व्यावसायिक परीक्षण सेवाएं शुरू करने की योजना है।
चिप्स, बिस्कुट से अचार-सास तक होगी जांच
लैब शुरू होने पर चिप्स, बिस्कुट, पापड़, लाई, नूडल्स, डिब्बाबंद सूप, अचार, सॉस, मुरब्बे और अन्य खाद्य उत्पादों की जांच की जा सकेगी। परीक्षण में उत्पाद के रंग, रूप, आकार, वजन और बनावट जैसे भौतिक मानकों के साथ नमी, प्रोटीन, वसा, कार्बोहाइड्रेट और पीएच मान की रासायनिक जांच भी शामिल होगी। सूक्ष्मजीव वैज्ञानिक परीक्षण और अन्य अवशेषों की जांच की सुविधा भी विकसित किए जाने की तैयारी है। इससे उत्पादों की गुणवत्ता और मानकों से जुड़े परीक्षण स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगे।
शोध और उद्योग के बीच बनेगा सीधा संपर्क
अटल बिहारी वाजपेयी रिसर्च सेंटर की एडवाइजरी कमेटी की बैठक में शनिवार को लैब की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। बैठक में एआई और रोबोटिक्स लैब में चल रहे शोध कार्यों की जानकारी भी विशेषज्ञों के सामने रखी गई। रिसर्च सेंटर के निदेशक डॉ. मनीष राजपूत के अनुसार, संस्थान का लक्ष्य केवल परीक्षण सुविधा तैयार करना नहीं है। इसके जरिए शोध और स्थानीय उद्योगों के बीच सीधा संपर्क स्थापित करने की योजना है, ताकि उद्योगों को तकनीकी सहयोग मिले और संस्थान को उद्योगों की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप शोध व प्रशिक्षण का अवसर।
खाद्य तेल और पानी की जांच भी होगी संभव
एडवाइजरी कमेटी के विशेषज्ञ तथा सुगंध एवं स्वाद विकास केंद्र (एफएफडीसी) के सहायक निदेशक डॉ. भक्ति विजय शुक्ला ने बताया कि प्रस्तावित सुविधा में खाद्य पदार्थों के अलावा खाद्य तेल, सुगंधित तेल और पानी की जांच की भी व्यवस्था विकसित की जा रही है। कानपुर में खाद्य उत्पादों से जुड़े बड़ी संख्या में उद्योग संचालित हैं। ऐसे में एआईटीडी की यह लैब शुरू होने पर गुणवत्ता परीक्षण के लिए स्थानीय उद्योगों को एक अतिरिक्त तकनीकी सुविधा मिल सकेगी। बैठक के दौरान विशेषज्ञों ने रिसर्च सेंटर की विभिन्न प्रयोगशालाओं का निरीक्षण किया। संस्थान की निदेशक प्रो. रचना अस्थाना, एआई और रोबोटिक्स लैब के प्रभारी डॉ. श्रीनाथ समेत अन्य विशेषज्ञ मौजूद रहे।


