- जन्म-मृत्यु की सूचना 24 घंटे में देना अनिवार्य होगा, लापरवाही पर निजी अस्पताल का पंजीकरण रद्द, प्रसव लक्ष्य से पीछे डाक्टरों पर भी कार्रवाई
भारत 19 कानपुर। जन्म या मृत्यु की सूचना दबाने या फिर समय पर दर्ज न करने वाले निजी अस्पतालों के खिलाफ अब कार्रवाई होगी। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने निर्देश दिए हैं कि अस्पताल में होने वाले हर जन्म और मृत्यु की जानकारी 24 घंटे के भीतर सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (सीआरएस) पोर्टल पर दर्ज की जाए। निर्देश की अनदेखी करने वाले निजी अस्पतालों का पंजीकरण निरस्त करने तक की कार्रवाई होगी। शनिवार को जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान जवाबदेही तय करते हुए कहा कि जन्म-मृत्यु का विवरण समय पर दर्ज न होने से प्रमाणपत्र बनवाने में लोगों को परेशानी होती है। निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम, जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज और सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों को यह व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।
प्रसूति सेवाओं पर भी जवाबदेही तय
प्रशासन ने संस्थागत प्रसव की स्थिति पर भी सख्ती दिखाई है। एनएचएम के माध्यम से तैनात स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञों के लिए प्रतिमाह कम से कम पांच प्रसव कराना अनिवार्य किया गया है। निर्धारित संख्या पूरी नहीं करने वाले विशेषज्ञों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनकी सेवा समाप्त करने के निर्देश दिए गए हैं। चालू वित्तीय वर्ष में एएचएम जिला महिला चिकित्सालय में अब तक 2,839, जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में 1,863, सीएचसी घाटमपुर में 1,188 और सीएचसी कल्याणपुर में 996 संस्थागत प्रसव हुए हैं।
उच्च जोखिम गर्भावस्था की निगरानी में ढिलाई पर जवाब
बैठक में उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की निगरानी व्यवस्था की समीक्षा के दौरान नोडल अधिकारी योजना के क्रियान्वयन की समुचित जानकारी नहीं दे सके। इस पर जिलाधिकारी ने जिला स्वास्थ्य समिति के माध्यम से स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए। गंभीर एनीमिया, उच्च रक्तचाप, मधुमेह और जटिल प्रसव के इतिहास वाली गर्भवती महिलाओं की समय से पहचान और निगरानी के लिए प्रत्येक माह की 1, 9, 16 और 24 तारीख को सीएचसी पर विशेष दिवस आयोजित किए जाएंगे।
वय वंदना कार्ड में कानपुर प्रदेश में अव्वल
बैठक में आयुष्मान वय वंदना योजना की प्रगति भी सामने आई। 70 वर्ष या उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों के आयुष्मान कार्ड बनाने में कानपुर नगर प्रदेश में पहले स्थान पर है। जिले में अब तक 1.07 लाख से अधिक आयुष्मान वय वंदना कार्ड बनाए जा चुके हैं। नगरीय क्षेत्रों में छूटे बच्चों तक पहुंचने के लिए एक सितंबर से विशेष टीकाकरण अभियान शुरू किया जाएगा। बैठक में नगर निगम के अधिकारियों की गैरहाजिरी पर भी डीएम नगर आयुक्त को पत्र भेजने के निर्देश दिए।


