भारत 19 डेस्क
विशाखापत्तनम। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की तीन दिवसीय अखिल भारतीय समन्वय बैठक बुधवार को विशाखापत्तनम में शुरू हुई। संघ प्रमुख मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले की मौजूदगी में शुरू हुई बैठक में संघ से जुड़े 32 संगठनों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। बैठक में जनसंख्या असंतुलन, युवाओं में बढ़ता नशा, सामाजिक समरसता, परिवार और नई पीढ़ी से संवाद समेत सामाजिक और राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर विचार-विमर्श होगा। बैठक 21 अगस्त तक चलेगी।
32 संगठनों के प्रतिनिधि जुटे
आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम जिले के गुडीलोवा स्थित विज्ञान विहार विद्यालय में आयोजित बैठक की शुरुआत संघ प्रमुख मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने भारत माता के चित्र पर पुष्पार्चन के साथ की। संघ से जुड़े 32 संगठनों के राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारी इसमें भाग ले रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक करीब 327 प्रतिनिधि बैठक में शामिल हैं, जिनमें 49 महिलाएं भी हैं। भारतीय जनता पार्टी, भारतीय मजदूर संघ, विश्व हिंदू परिषद, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, भारतीय किसान संघ और राष्ट्र सेविका समिति समेत विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि बैठक में अपने-अपने क्षेत्र के काम और अनुभव साझा कर रहे हैं।
डेमोग्राफी बदलाव पर संघ की नजर
बैठक के महत्वपूर्ण विषयों में जनसंख्या असंतुलन और डेमोग्राफी बदलाव शामिल हैं। संघ से जुड़े संगठनों के स्तर पर इस मुद्दे को लेकर किए जा रहे काम, सामने आ रही चुनौतियों और सामाजिक प्रभावों पर चर्चा की जाएगी। बैठक का मकसद अलग-अलग संगठनों के अनुभवों को एक मंच पर लाकर साझा समझ विकसित करना और सामाजिक स्तर पर किए जा रहे प्रयासों में बेहतर तालमेल बनाना है। संघ की ओर से चलाए जा रहे ‘पंच परिवर्तन’ अभियान पर भी बैठक में चर्चा होगी। सामाजिक समरसता, परिवार प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी और नागरिक कर्तव्य इसके प्रमुख आयाम हैं। संघ के शताब्दी वर्ष के दौरान इन विषयों को समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंचाने के लिए चल रहे अभियानों की प्रगति और आगे की कार्ययोजना पर भी प्रतिनिधि अपने अनुभव साझा करेंगे।
युवाओं में नशे की चुनौती भी एजेंडे में
नई पीढ़ी, खासकर युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति भी बैठक के प्रमुख मुद्दों में शामिल है। नशे के खिलाफ जागरूकता, युवाओं को इससे दूर रखने और सामाजिक संगठनों की भूमिका पर विचार किया जाएगा। इसके साथ ही Gen Z के साथ संवाद और जुड़ाव को लेकर भी चर्चा होगी। बदलती जीवनशैली, सोशल मीडिया और युवाओं के बदलते सामाजिक व्यवहार के बीच नई पीढ़ी तक अपनी बात प्रभावी ढंग से पहुंचाने के तरीकों पर मंथन महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
संगठनों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर
बैठक का प्रमुख उद्देश्य संघ से जुड़े संगठनों में संवाद और तालमेल मजबूत करना है। विभिन्न संगठन शिक्षा, श्रम, किसान, सामाजिक सेवा, महिला, युवा और आर्थिक क्षेत्र में किए जा रहे अपने काम की जानकारी साझा करेंगे। बैठक में सामने आने वाले अनुभवों के आधार पर भविष्य में सामाजिक अभियानों को ज्यादा प्रभावी बनाने के उपायों पर भी चर्चा होगी। बैठक में विकास के भारतीय मॉडल और उससे जुड़े सामाजिक, आर्थिक तथा सांस्कृतिक पहलुओं पर भी विचार-विमर्श प्रस्तावित है। संघ का जोर विकास को केवल आर्थिक वृद्धि तक सीमित रखने के बजाय समाज के व्यापक हित और भारतीय परिस्थितियों के अनुरूप देखने पर है।
21 अगस्त तक चलेगी बैठक
तीन दिवसीय बैठक बुधवार से शुरू होकर 21 अगस्त की शाम तक चलेगी। पहले दिन विभिन्न संगठनों की ओर से अपने काम और अनुभव रखे जा रहे हैं। अगले दो दिनों में सामाजिक मुद्दों, संगठनात्मक समन्वय और भविष्य की गतिविधियों पर चर्चा आगे बढ़ेगी।
