भारत 19 डेस्क
श्रीनगर। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के जम्मू-कश्मीर दौरे के बीच अमेरिका ने क्षेत्र को लेकर अपनी ट्रैवल एडवाइजरी की समीक्षा के संकेत दिए हैं। श्रीनगर में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाकात के बाद गोर ने जम्मू-कश्मीर को भारत का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। हालांकि अमेरिका ने अभी यात्रा चेतावनी में कोई औपचारिक बदलाव नहीं किया है, लेकिन गोर के बयान से उसके मौजूदा रुख पर पुनर्विचार की संभावना जरूर सामने आई है।
भारत में अमेरिकी राजदूत का पद संभालने के बाद सर्जियो गोर बुधवार को पहली बार जम्मू-कश्मीर पहुंचे। श्रीनगर में उन्होंने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाकात की। दोनों के बीच जम्मू-कश्मीर की मौजूदा स्थिति, पर्यटन और भारत-अमेरिका संबंधों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत हुई। गोर ने मुलाकात के बाद कहा कि वह भारत में अमेरिकी राजदूत हैं और जम्मू-कश्मीर भारत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब कश्मीर को लेकर अमेरिकी यात्रा चेतावनी लंबे समय से चर्चा का विषय रही है।
अमेरिकी एडवाइजरी की समीक्षा पर जोर
गोर ने कहा कि अमेरिका अपने नागरिकों के लिए जारी ट्रैवल एडवाइजरी की समय-समय पर समीक्षा करता है। जम्मू-कश्मीर के मामले में भी सुरक्षा स्थिति का आकलन कर आगे फैसला लिया जाएगा। उन्होंने यह संकेत दिया कि क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति में सुधार को देखते हुए मौजूदा चेतावनी की समीक्षा की जरूरत है। हालांकि उन्होंने तत्काल किसी बदलाव की घोषणा नहीं की। इसका मतलब है कि अमेरिकी नागरिकों के लिए मौजूदा यात्रा चेतावनी फिलहाल लागू है। इसलिए गोर का बयान नीति परिवर्तन की घोषणा नहीं, बल्कि संभावित समीक्षा का संकेत माना जा रहा है।
कश्मीर को लेकर बयान से कूटनीतिक संदेश
गोर का जम्मू-कश्मीर को भारत का महत्वपूर्ण हिस्सा बताना दौरे का दूसरा अहम पहलू रहा। भारत और पाकिस्तान के बीच जम्मू-कश्मीर को लेकर लंबे समय से चले आ रहे विवाद के बीच अमेरिकी राजदूत का यह सार्वजनिक बयान नई दिल्ली के नजरिये से महत्वपूर्ण माना जा सकता है। हालांकि गोर ने अपने बयान में कश्मीर मुद्दे पर किसी मध्यस्थता या राजनीतिक प्रक्रिया की बात नहीं की। उनका जोर सुरक्षा, यात्रा चेतावनी और भारत-अमेरिका संबंधों पर रहा।
उमर ने भी बातचीत का दायरा स्पष्ट रखा
गोर से मुलाकात से पहले उमर अब्दुल्ला ने कहा था कि जम्मू-कश्मीर के आंतरिक राजनीतिक मुद्दों का समाधान भारत सरकार के साथ बातचीत के जरिए होना है। अमेरिकी राजदूत के सामने इन मुद्दों को शिकायत के रूप में रखने का उनका इरादा नहीं है। बैठक में जम्मू-कश्मीर और अमेरिका के बीच पर्यटन, बागवानी तथा आर्थिक गतिविधियों में सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
पर्यटन क्षेत्र के लिए एडवाइजरी अहम
अमेरिकी ट्रैवल एडवाइजरी में नरमी का संभावित असर जम्मू-कश्मीर के पर्यटन क्षेत्र पर पड़ सकता है। विदेशी पर्यटकों के लिए अमेरिका की सुरक्षा चेतावनी यात्रा संबंधी फैसलों को प्रभावित करती है। ऐसे में एडवाइजरी में किसी भी तरह की नरमी से कश्मीर को लेकर अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की धारणा पर सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद की जा सकती है। पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने भी अमेरिकी राजदूत से कश्मीर के लिए जारी उच्च स्तर की यात्रा चेतावनी वापस लेने की अपील की है। उनका तर्क है कि इससे पर्यटन और उससे जुड़े लोगों की आजीविका प्रभावित होती है।
लद्दाख भी जाएंगे अमेरिकी राजदूत
सर्जियो गोर का जम्मू-कश्मीर दौरा लद्दाख तक जारी रहेगा। उनके 20 अगस्त को लद्दाख जाने का कार्यक्रम है। इस यात्रा को क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति, पर्यटन और भारत-अमेरिका संबंधों के व्यापक संदर्भ में देखा जा रहा है।

