– छात्रों के मुद्दों और पुलिस कार्रवाई के विरोध में लोक भवन की ओर बढ़े RJD कार्यकर्ता; आयकर गोलंबर पर रोका गया मार्च, तेजस्वी समेत कई नेता हिरासत में, बाद में रिहाई
भारत 19 डेस्क
पटना। छात्रों के मुद्दों, कथित पेपर लीक और सिवान में प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई के विरोध में RJD का लोक भवन मार्च बुधवार को टकराव में बदल गया। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में जेपी गोलंबर से निकले मार्च को पुलिस ने डाकबंगला चौराहे के बाद आगे बढ़ने से रोक दिया। कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश की तो पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसके बाद तेजस्वी यादव और मीसा भारती समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया गया। बाद में तेजस्वी को पुलिस थाने से रिहा कर दिया गया।
RJD कार्यकर्ता सुबह से ही जेपी गोलंबर के पास जुटने लगे थे। पार्टी ने यहां से लोक भवन तक मार्च निकालने की घोषणा की थी। मार्च का मुद्दा हालिया छात्र आंदोलन में पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ पेपर लीक, बेरोजगारी, परीक्षा व्यवस्था और युवाओं के सवाल थे। तेजस्वी यादव ने कहा कि छात्रों के अधिकार और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था के लिए पार्टी आंदोलन जारी रखेगी। पुलिस ने मार्च को नियंत्रित करने के लिए पहले से ही कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की थी। डाकबंगला चौराहे पर कार्यकर्ताओं ने आगे बढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। पटना के आईजी जितेंद्र राणा ने पुलिस बल प्रयोग के आरोप से इनकार करते हुए वाटर कैनन इस्तेमाल किए जाने की पुष्टि की है।
हिरासत में लिए गए तेजस्वी
लोक भवन की ओर बढ़ रहे तेजस्वी यादव को आयकर गोलंबर के पास पुलिस ने हिरासत में लिया। मीसा भारती समेत अन्य RJD नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिए जाने की खबर है। इसके बाद तेजस्वी को पुलिस थाने ले जाया गया। कुछ समय बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। रिहाई के बाद तेजस्वी ने कहा कि आंदोलन छात्रों के अधिकार, रोजगार और परीक्षा में पारदर्शिता जैसे मुद्दों को लेकर जारी रहेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से पूरे घटनाक्रम की जिम्मेदारी तय करने की मांग भी दोहराई।
सिवान की घटना बनी विरोध का प्रमुख आधार
आरजेडी के मार्च का तत्काल राजनीतिक संदर्भ सिवान में छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित एके-47 फायरिंग है। पार्टी इस मामले में जिम्मेदारी तय करने और कार्रवाई की मांग कर रही है। मार्च में कुछ कार्यकर्ताओं के हाथों में एके-47 की प्रतिकृतियां भी दिखाई दीं। हालांकि सिवान की घटना से जुड़े आरोपों और पुलिस कार्रवाई की पूरी परिस्थितियों का अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच और आधिकारिक प्रक्रिया से ही स्पष्ट होगा।
सरकार और विपक्ष आमने-सामने
मार्च के बाद बिहार की सियासत में आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। तेजस्वी यादव ने सरकार पर छात्रों और युवाओं के मुद्दों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है। वहीं भाजपा ने मार्च को राजनीतिक प्रदर्शन बताते हुए आरजेडी की भीड़ और प्रभाव पर सवाल उठाए हैं। भाजपा का यह आकलन राजनीतिक प्रतिक्रिया है, स्वतंत्र रूप से सत्यापित तथ्य नहीं।
महागठबंधन की राजनीति पर भी असर
इस मार्च में विपक्षी महागठबंधन के सभी घटक दलों की समान भागीदारी नहीं दिखी। इससे बिहार की विपक्षी राजनीति में RJD की रणनीति को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। हालिया घटनाक्रम के बीच RJD अपने मुद्दों को सीधे सड़क पर ले जाकर युवाओं और छात्रों के बीच राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश करती दिख रही है।

