- ड्रोन मैपिंग और फोटोशूट से होगी हर परियोजना की डिजिटल निगरानी, गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्ध क्रियान्वयन पर रहेगा पूरा फोकस
भारत 19/ लखनऊ। उत्तर प्रदेश में ग्रामीण विकास कार्यों की निगरानी अब अत्याधुनिक ड्रोन तकनीक से की जाएगी। उपमुख्यमंत्री एवं ग्राम्य विकास मंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि विकसित भारत-जी राम जी (VB-G RAM G) के तहत कराए जा रहे विकास कार्यों का ड्रोन आधारित सर्वे, मैपिंग और फोटोशूट कराया जाए। इसकी शुरुआत प्रदेश के 12 चयनित जिलों से होगी।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि ड्रोन तकनीक के जरिए विकास परियोजनाओं की वास्तविक प्रगति का सटीक और निष्पक्ष मूल्यांकन किया जाएगा। इससे कार्यों की गुणवत्ता पर प्रभावी निगरानी रखी जा सकेगी और किसी भी तरह की अनियमितता मिलने पर तुरंत कार्रवाई संभव होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ड्रोन सर्वे से तैयार होने वाले डिजिटल रिकार्ड को व्यवस्थित तरीके से सहेज कर रखा जाए। साथ ही प्रत्येक परियोजना की प्रगति का नियमित तुलनात्मक विश्लेषण किया जाए, ताकि विकास कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।
केशव मौर्य ने कहा कि प्रदेश सरकार विकास योजनाओं में आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग कर रही है। ड्रोन आधारित निगरानी से संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा, विकास कार्यों की गुणवत्ता में सुधार आएगा और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ड्रोन सर्वे की रिपोर्ट की नियमित समीक्षा की जाए। जिन परियोजनाओं में प्रगति अपेक्षित स्तर पर न हो, वहां तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए जाएं ताकि सभी विकास कार्य निर्धारित मानकों और समय-सीमा के भीतर पूरे किए जा सकें। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि ड्रोन तकनीक आधारित निगरानी प्रणाली से विकास कार्यों में नई पारदर्शिता आएगी।


