- सत्र 2026-27 से 41 इंजीनियरिंग ब्रांच के नए सिलेबस में हाईटेक विषय शामिल, रोजगारोन्मुख शिक्षा पर जोर
Vickson Sikroriya , Kanpur।
उत्तर प्रदेश के पॉलीटेक्निक संस्थानों में नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 से तकनीकी शिक्षा का स्वरूप पूरी तरह बदलने जा रहा है। अब डिप्लोमा इंजीनियरिंग के छात्रों को केवल पारंपरिक विषय ही नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी आधुनिक तकनीकों की भी अनिवार्य पढ़ाई करनी होगी। इसके साथ ही पहली बार पॉलीटेक्निक में आर्किटेक्चर और इंटीरियर डिजाइनिंग जैसे नए पाठ्यक्रम भी शुरू किए जा रहे हैं।
अनुसंधान विकास एवं प्रशिक्षण संस्थान (आईआरडीटी), कानपुर ने उद्योगों की वर्तमान जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नया पाठ्यक्रम तैयार किया है। इसका उद्देश्य छात्रों को पढ़ाई पूरी करते ही रोजगार के लिए तैयार करना है। नया सिलेबस प्रदेश के 149 राजकीय, 19 सहायता प्राप्त और 500 से अधिक निजी पॉलीटेक्निक संस्थानों की 41 इंजीनियरिंग शाखाओं में लागू होगा।
AI और साइबर सिक्योरिटी पर रहेगा विशेष फोकस
नए पाठ्यक्रम में छात्रों को साइबर सिक्योरिटी, साइबर फ्रॉड, इंडियन साइबर लॉ, सिक्योरिटी थ्रेट्स, वायरस एवं वॉर्म, प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग, ऑडियो-वीडियो जनरेटिव AI टूल्स और विभिन्न क्षेत्रों में AI के उपयोग की पढ़ाई कराई जाएगी। हेल्थ, फाइनेंस, कृषि, शिक्षा और साइबर सिक्योरिटी जैसे क्षेत्रों में AI के व्यावहारिक उपयोग को भी पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया गया है।
प्रैक्टिकल और प्रोजेक्ट आधारित होगी पढ़ाई
नई व्यवस्था में प्रयोगात्मक अध्ययन और प्रोजेक्ट वर्क का प्रतिशत बढ़ाया गया है। छात्रों को प्रयोगशालाओं में अधिक समय मिलेगा, जहां वे शिक्षकों के मार्गदर्शन में मॉडल विकसित करेंगे और नए सॉफ्टवेयर तैयार करना सीखेंगे। इससे उनकी तकनीकी दक्षता बढ़ेगी और उद्योगों की जरूरत के अनुरूप कौशल विकसित होगा।
शिक्षकों को भी मिलेगा आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण
आईआरडीटी की इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) लैब में नए सत्र से पॉलीटेक्निक शिक्षकों का प्रशिक्षण भी शुरू किया जाएगा। इसका उद्देश्य शिक्षकों को नवीनतम तकनीकों से अपडेट करना है ताकि वे छात्रों को आधुनिक उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण दे सकें।
इन विषयों की होगी पढ़ाई
- सिक्योरिटी थ्रेट्स
- वायरस एवं वॉर्म
- साइबर सिक्योरिटी एंड फ्रॉड्स
- इंडियन साइबर लॉ
- ऑडियो एवं वीडियो जनरेटिव AI टूल्स
- टॉकिंग टू AI : प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग
- AI के एप्लीकेशन और यूज केस
- हेल्थ सेक्टर में AI
- फाइनेंस और एग्रीकल्चर में AI
- साइबर सिक्योरिटी एवं एजुकेशन में AI
क्या बोले आईआरडीटी निदेशक
आईआरडीटी के निदेशक एफ.आर. खान ने बताया कि नया पाठ्यक्रम व्यापक औद्योगिक अध्ययन के बाद तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि आज सॉफ्टवेयर, मैन्युफैक्चरिंग, हेल्थ और बिजनेस सेक्टर में आधुनिक तकनीकों के बिना काम संभव नहीं है। उद्योग चाहते हैं कि संस्थानों से निकलने वाले छात्र पहले से ही AI, आधुनिक सॉफ्टवेयर और नई तकनीकों में दक्ष हों, ताकि उन्हें नौकरी के बाद दोबारा मूलभूत प्रशिक्षण न देना पड़े।


