उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक रोंगटे खड़े कर देने वाली मर्डर मिस्ट्री का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। हस्तिनापुर क्षेत्र में एक स्कूल संचालक को उसकी ही पत्नी ने अपने वैन ड्राइवर प्रेमी और दो सपेरों के साथ मिलकर मौत की नींद सुला दिया। ₹20 लाख के इंश्योरेंस और अवैध संबंधों के चलते इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने के लिए देश के सबसे जहरीले करैत सांप का इस्तेमाल किया गया, जिसे पुलिस ने अब बेनकाब कर दिया है।
मेरठ (हस्तिनापुर): उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के हस्तिनापुर थाना क्षेत्र से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पवित्र वैवाहिक रिश्ते को शर्मसार कर दिया है। एक उच्च शिक्षित पत्नी ने अपने प्रेम संबंधों में बाधा बन रहे पति को रास्ते से हटाने के लिए रोंगटे खड़े कर देने वाली साज़िश रची। आरोपी महिला ने अपने वैन ड्राइवर प्रेमी और दो सपेरों के साथ मिलकर सो रहे पति को देश के सबसे जहरीले सांप ‘करैत’ से डसवाकर मार डाला। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए इस मर्डर मिस्ट्री का पर्दाफाश कर मुख्य आरोपी पत्नी, उसके प्रेमी और दोनों सपेरों को सलाखें के पीछे भेज दिया है।
क्या है पूरा मामला
यह दर्दनाक और हैरान करने वाली घटना भंडोरा गांव के रहने वाले 32 वर्षीय अतुल कुमार की है। अतुल जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर दूर अपने गृहग्राम को छोड़कर हस्तिनापुर में किराए के मकान में अपनी पत्नी दामिनी (30) और 6 वर्षीय बेटे के साथ रहते थे। अतुल हस्तिनापुर में ‘कृष्ण किड्स प्ले स्कूल’ नाम से एक प्राइवेट स्कूल चलाते थे। इस स्कूल में करीब 150 बच्चे पढ़ते हैं। इसी स्कूल में दो साल पहले तुषार पायला नाम के एक शादीशुदा युवक ने ₹10,000 की सैलरी पर वैन ड्राइवर की नौकरी शुरू की थी। नौकरी के दौरान ही स्कूल संचालक की पत्नी दामिनी और ड्राइवर तुषार के बीच नजदीकियां बढ़ीं और दोनों का प्रेम प्रसंग (Affair) शुरू हो गया।
वारदात की रात क्या हुआ?
पुलिस जांच के अनुसार, गुरुवार की रात को दामिनी ने बेहद शातिराना अंदाज में इस हत्याकांड की भूमिका तैयार की। उसने सबसे पहले बाजार से खरीदी गईं नींद की गोलियां अतुल के दूध में मिलाकर उसे पिला दीं। जब अतुल गहरी नींद में सो गया, तो रात करीब 2:00 बजे दामिनी ने अपने प्रेमी तुषार और उसके दो सपेरे दोस्तों (सोनू और उदय) को घर के भीतर बुलाया।
सपेरे अपने साथ एक डिब्बे में बंद देश का सबसे खतरनाक और जहरीला ‘करैत सांप’ लेकर आए थे, जो भारत के चार सबसे विषैले सांपों में गिना जाता है। आरोपियों ने सो रहे अतुल के बिस्तर पर उस सांप को छोड़ दिया और उसे पैर पर डसवा दिया। वारदात को प्राकृतिक रूप देने के लिए सांप को उसी कमरे में छोड़ दिया गया। इसके बाद प्रेमी तुषार और सपेरे वहां से भाग निकले, जबकि दामिनी अपने 6 साल के बेटे को लेकर दूसरे कमरे में सोने चली गई।
एक बयान से घूमी शक की सुई
शुक्रवार सुबह करीब 6:00 बजे दामिनी अचानक अतुल के कमरे में पहुंची और चीखने-चिल्लाने लगी। उसने परिजनों और पड़ोसियों को इकट्ठा कर बताया कि अतुल को किसी जहरीले जीव ने काट लिया है। कमरे का मुआयना करने पर वहां वास्तव में एक सांप मौजूद था और अतुल के पैर पर सांप के डसने के दो निशान भी थे। शुरुआत में परिजनों को भी लगा कि यह एक सामान्य सर्पदंश का मामला है।
लेकिन कहानी में मोड़ तब आया जब पुलिस पूछताछ में दामिनी ने बयान दिया कि “रात में उसे बहुत गर्मी लग रही थी, इसलिए वह अपने बेटे को लेकर दूसरे कमरे में सोने चली गई थी।” जून-जुलाई की भीषण गर्मी के बावजूद रात को अचानक कमरा बदलने का यह तर्क पुलिस और परिजनों के गले नहीं उतरा। परिजनों के शक जताने पर पुलिस ने तुरंत सर्विलांस और फॉरेंसिक जांच शुरू की।
कॉल डिटेल और मोबाइल की तस्वीर ने खोला राज (Why)
मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडेय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी टीम को एक्टिव किया। जब दामिनी की कॉल डिटेल खंगाली गई, तो चौंकाने वाला सच सामने आया। दामिनी की स्कूल के वैन ड्राइवर तुषार से दिन और रात में लगातार घंटों बातचीत हो रही थी। संदेह के आधार पर पुलिस ने तुषार को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने पूरी साज़िश उगल दी।
जांच के दौरान तुषार के मोबाइल फोन से एक डिब्बे में बंद सांप की तस्वीर बरामद हुई। फॉरेंसिक मिलान करने पर यह वही सांप निकला, जिसने अतुल को काटा था और जो घटनास्थल पर पाया गया था।
इंश्योरेंस के ₹20 लाख हड़पने की थी मंशा
आरोपी तुषार ने कबूल किया कि अतुल उनकी प्रेम कहानी में रोड़ा बन रहा था। इसके अलावा अतुल ने हाल ही में अपना ₹20 लाख का जीवन बीमा (Life Insurance) कराया था। दामिनी और तुषार की योजना थी कि अतुल की मौत के बाद बीमे की बड़ी रकम उन्हें मिल जाएगी, जिसके बाद तुषार अपनी पहली पत्नी को तलाक दे देगा और दोनों इस रकम के सहारे एक नई और ऐशो-आराम की जिंदगी शुरू करेंगे। इसी लालच में दोनों ने सपेरों को ₹5 लाख की भारी-भरकम रकम देकर इस खौफनाक हत्याकांड को अंजाम दिलवाया।
एक साल से चल रही थी मारने की कोशिश
पुलिस तफ्तीश में यह भी साफ हुआ है कि दामिनी पिछले एक साल से पति की हत्या के प्रयास में लगी हुई थी। कुछ समय पहले अतुल को एक अर्टिगा कार से संदिग्ध टक्कर भी मारी गई थी, लेकिन दामिनी ने उस वक्त पुलिस केस दर्ज कराने से मना कर दिया था। इतना ही नहीं, वह लंबे समय से अतुल के भोजन में नशीली और धीमी काम करने वाली दवाइयां मिला रही थी, जिससे अतुल की तबीयत अक्सर खराब रहती थी और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ता था। अतुल ने इस बात का अंदेशा अपनी मां संतोष देवी से भी जताया था, लेकिन कोई उनकी इस खौफनाक साज़िश को भांप नहीं सका।
अतुल कुमार ने 7 साल पहले अपने परिवार की मर्जी के खिलाफ जाकर दामिनी से प्रेम विवाह किया था, लेकिन उसी पत्नी ने लालच और बेवफाई में आकर उनकी जान ले ली। मेरठ पुलिस की त्वरित और वैज्ञानिक जांच के कारण एक सोची-समझी साज़िश महज़ 24 घंटे के भीतर बेनकाब हो गई। कानून व्यवस्था और सर्विलांस टीम की सतर्कता ने यह साबित कर दिया है कि अपराधी चाहे कितनी भी चालाकी से प्रकृति या हादसे का सहारा क्यों न ले ले, कानून के हाथ उसके गिरेबान तक पहुंच ही जाते हैं। चारों आरोपियों को जेल भेजकर पुलिस अब अदालत में सख्त सजा दिलाने की तैयारी कर रही है।

