कानपुर के चेकेरी थाना क्षेत्र में कथित दबंगई और मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने तीन नामजद समेत अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
KANPUR/ कानपुर के चेकेरी थाना क्षेत्र में कथित दबंगई और मारपीट का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि मामूली विवाद के बाद कुछ लोगों ने उसके साथ गाली-गलौज की, मारपीट की और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी। घटना के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है। पीड़ित ने पुलिस से अपनी सुरक्षा और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
शिकायतकर्ता की तहरीर के आधार पर चकेरी पुलिस ने राहुल जायसवाल, संजय केसरवानी और आनंद जायसवाल समेत अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 352, 115(2) और 351(3) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित ने लगाए गंभीर आरोप
पीड़ित का कहना है कि घटना के दौरान आरोपियों ने न केवल उसके साथ मारपीट की, बल्कि सार्वजनिक रूप से अपमानित भी किया। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी गई। शिकायतकर्ता के अनुसार घटना के बाद उसका मेडिकल परीक्षण भी कराया गया है, ताकि चोटों का रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जा सके। तहरीर में यह भी आरोप लगाया गया है कि नामजद आरोपियों के खिलाफ पहले से विभिन्न थानों में आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इसी वजह से उसे अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता है। वहीं स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा सामने आ रही है कि आरोपी कथित रूप से सट्टा कारोबार से जुड़े हुए बताए जा रहे हैं।
पुलिस कर रही है साक्ष्यों की जांच
चेकेरी पुलिस का कहना है कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है। पुलिस घटनास्थल से जुड़े तथ्यों, उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित लोगों के बयान दर्ज कर रही है। यदि जांच के दौरान अतिरिक्त तथ्य सामने आते हैं तो उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार किसी भी मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही निकाला जाएगा। इसलिए पुलिस सभी पहलुओं की गंभीरता से पड़ताल कर रही है।
कानून व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी विवाद की स्थिति में कानून को अपने हाथ में न लें और तुरंत पुलिस को सूचना दें।
चकेरी में दर्ज यह मामला स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। फिलहाल पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच और साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई ही न्यायिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है।



