कानपुर के जाजमऊ क्षेत्र में स्थित एक लेदर फैक्ट्री में शुक्रवार दोपहर अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग फैक्ट्री के स्प्रे डिपार्टमेंट में लगी और कुछ ही देर में पूरे विभाग में फैल गई। राहत की बात यह रही कि सभी मजदूर समय रहते बाहर निकल आए और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
KANPUR/ कानपुर के औद्योगिक क्षेत्र जाजमऊ में शुक्रवार दोपहर एक लेदर फैक्ट्री में अचानक आग लगने से इलाके में हड़कंप मच गया। आग फैक्ट्री के स्प्रे डिपार्टमेंट में लगी, जहां बड़ी मात्रा में ज्वलनशील सामग्री मौजूद थी। आग लगते ही फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कर्मचारी अपनी जान बचाकर बाहर भागे। घटना जाजमऊ स्थित हिंदुस्तान कंपाउंड में संचालित ‘एक्ने ट्रेनर्स’ नामक लेदर फैक्ट्री की बताई जा रही है। फैक्ट्री के मालिक अरशद हैं, जो केडीए कॉलोनी क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं।
कब और कैसे लगी आग?
प्राप्त जानकारी के अनुसार शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे फैक्ट्री की तीसरी मंजिल पर स्थित स्प्रे डिपार्टमेंट में अचानक आग लग गई। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण कंप्रेसर में कथित शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। आग लगते ही विभाग में मौजूद छह से अधिक मजदूरों ने तत्काल स्थिति को समझते हुए बाहर निकलने का प्रयास किया। कर्मचारियों की सतर्कता के चलते सभी लोग सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे।
काले धुएं के गुबार से सहमे आसपास के लोग
आग लगने के बाद फैक्ट्री से निकलने वाले घने काले धुएं ने पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया। दूर-दूर तक धुएं के गुबार दिखाई देने लगे, जिससे आसपास रहने वाले लोगों में दहशत फैल गई। स्थानीय लोगों के अनुसार धुएं की मात्रा इतनी अधिक थी कि कई परिवार एहतियातन अपने घरों से बाहर निकल आए। लोगों ने सुरक्षित स्थानों पर जाकर स्थिति सामान्य होने का इंतजार किया।
कर्मचारियों ने खुद भी किया आग बुझाने का प्रयास
घटना के बाद फैक्ट्री कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने आग पर काबू पाने की कोशिश की। टेनरी परिसर में मौजूद उपकरणों और आसपास की फैक्ट्रियों से पाइप की मदद लेकर आग बुझाने का प्रयास किया गया। हालांकि आग तेजी से फैल चुकी थी और शुरुआती प्रयासों से उस पर नियंत्रण नहीं पाया जा सका। इसके बाद तुरंत दमकल विभाग को सूचना दी गई। सूचना मिलने पर दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। लगभग एक घंटे तक लगातार प्रयासों के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया गया। घटना के दौरान स्थानीय पुलिस भी मौके पर मौजूद रही और सुरक्षा व्यवस्था संभालती रही। दमकल कर्मियों को विशेष सावधानी बरतनी पड़ी क्योंकि लेदर फैक्ट्रियों में केमिकल, चमड़ा और अन्य ज्वलनशील पदार्थ बड़ी मात्रा में मौजूद रहते हैं।
जनहानि नहीं, नुकसान का आकलन जारी
फायर विभाग के अधिकारियों के अनुसार इस घटना में किसी व्यक्ति के घायल होने या जनहानि की सूचना नहीं है। समय रहते कर्मचारियों के बाहर निकल जाने से बड़ा हादसा टल गया। हालांकि फैक्ट्री के स्प्रे डिपार्टमेंट में रखे उपकरणों, मशीनों और अन्य सामग्री को नुकसान पहुंचा है। नुकसान का वास्तविक आंकलन किया जा रहा है।
आग के कारणों की होगी विस्तृत जांच
फायर अधिकारी राहुल नंदन ने बताया कि प्रथम दृष्टया आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट प्रतीत हो रहा है, लेकिन वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट रूप से कहा जा सकेगा कि आग तकनीकी खराबी, विद्युत त्रुटि या किसी अन्य कारण से लगी। इस घटना के बाद एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि लेदर उद्योग में ज्वलनशील पदार्थों की मौजूदगी के कारण नियमित फायर ऑडिट, सुरक्षा उपकरणों की जांच और कर्मचारियों को आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण देना अत्यंत आवश्यक है।
जाजमऊ की लेदर फैक्ट्री में लगी आग ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा के महत्व को उजागर किया है। हालांकि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन समय रहते आग पर नियंत्रण नहीं पाया जाता तो नुकसान कहीं अधिक गंभीर हो सकता था। फिलहाल प्रशासन, पुलिस और दमकल विभाग मामले की जांच कर रहे हैं तथा नुकसान का आकलन किया जा रहा है।



