कानपुर के चमनगंज स्थित हलीम ग्राउंड में लगने वाली बकरा मंडी मंगलवार रात विवाद का केंद्र बन गई। मंडी के पदाधिकारी ने सपा के पूर्व विधायक इरफान सोलंकी, उनके गनर और साथियों पर रंगदारी मांगने, मारपीट करने और नकदी छीनने का आरोप लगाया है। वहीं इरफान सोलंकी ने आरोपों को निराधार बताते हुए खुद पर हमला होने का दावा किया है। बकरीद से पहले चमनगंज के हलीम ग्राउंड में बड़ी बकरा मंडी लगाई जाती है। मंडी संचालक वफा अब्बास का आरोप है कि मंगलवार रात पूर्व विधायक इरफान सोलंकी अपने कुछ साथियों और सुरक्षा कर्मियों के साथ मंडी पहुंचे। वफा अब्बास के अनुसार, वहां उनके साथ अभद्रता की गई और कथित रूप से तीन लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई। आरोप है कि विरोध करने पर मारपीट की गई और करीब 2.70 लाख रुपये छीन लिए गए।
मंडी में मचा हंगामा
घटना की जानकारी फैलते ही मंडी में मौजूद व्यापारी और स्थानीय लोग बड़ी संख्या में एकत्र हो गए। लोगों ने मंडी के गेट बंद कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान पूर्व विधायक के खिलाफ नारेबाजी भी हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए चमनगंज पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने लोगों को कार्रवाई का भरोसा दिलाया, लेकिन प्रदर्शनकारी मुकदमा दर्ज करने की मांग पर अड़े रहे। करीब दो घंटे तक चले हंगामे के बाद पीड़ित पक्ष ने पुलिस को लिखित शिकायत सौंपी।

वफा अब्बास का कहना है कि वह वर्षों से हलीम ग्राउंड में बकरा बाजार का संचालन कर रहे हैं। उनके मुताबिक त्योहार के कारण बाजार में काफी भीड़ थी, तभी पूर्व विधायक और उनके सहयोगी वहां पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके साथ मारपीट की गई और नकदी छीन ली गई। साथ ही मंडी लगाने के नाम पर कथित तौर पर रंगदारी भी मांगी गई।
इरफान सोलंकी ने आरोपों को बताया गलत

पूर्व विधायक इरफान सोलंकी ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि उन्हें बकरा मंडी में अवैध वसूली की शिकायतें मिल रही थीं। इसी शिकायत की जानकारी लेने वह विधायक नसीम सोलंकी के साथ मौके पर पहुंचे थे। इरफान सोलंकी के अनुसार, जब उन्होंने कथित वसूली का विरोध किया तो कुछ लोगों ने उनके सुरक्षा कर्मियों के साथ हाथापाई की और सरकारी कार्बाइन छीनने का प्रयास किया। उन्होंने दावा किया कि उनके गनर की ओर से भी पुलिस को तहरीर दी गई है।
पुलिस के सामने दोनों पक्ष
मामले में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतें प्राप्त कर ली हैं और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। बकरीद के मद्देनजर बकरा मंडियों में बड़ी संख्या में व्यापारी और ग्राहक पहुंच रहे हैं। ऐसे में इस तरह के विवाद ने स्थानीय प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन का प्रयास है कि त्योहार के दौरान कानून-व्यवस्था बनी रहे और किसी भी प्रकार की अफवाह या तनाव की स्थिति उत्पन्न न हो। चमनगंज की बकरा मंडी में हुए विवाद ने राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा छेड़ दी है। एक ओर मंडी पदाधिकारी ने रंगदारी और लूट जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं, तो दूसरी ओर पूर्व विधायक इरफान सोलंकी ने खुद को निर्दोष बताते हुए अवैध वसूली के खिलाफ कार्रवाई का दावा किया है। अब सभी की नजर पुलिस जांच और उसके निष्कर्ष पर टिकी है।



