KANPUR/ कानपुर में एक मामूली सड़क हादसा देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गया। नौबस्ता थाना क्षेत्र के यशोदानगर बाईपास स्थित वृंदावन गेस्ट हाउस के सामने बाइक की हल्की टक्कर के बाद हुए विवाद में मनबढ़ युवकों ने पिता और उनके बेटे की बेरहमी से हत्या कर दी। इस वारदात ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें आरोपियों को हेलमेट, ईंट, लात-घूंसों और चाकू से हमला करते देखा जा सकता है।
कैसे हुआ विवाद?
रविवार देर रात शिव नारायण त्रिवेदी (60) अपने बेटों शिवम (25) और सत्यम (30) के साथ काम से घर लौट रहे थे। यशोदानगर बाईपास पर उनकी अपाचे बाइक की दूसरी बाइक से मामूली टक्कर हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर के बाद दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हुई जो कुछ ही मिनटों में हिंसक झड़प में बदल गई। आरोप है कि हमलावरों ने पहले हेलमेट और लात-घूंसों से हमला किया। इसके बाद ईंटों और चाकुओं से ताबड़तोड़ वार किए गए। हमले में तीनों गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। मौके पर मौजूद लोगों ने बचाने का प्रयास किया लेकिन हमलावर लगातार हमला करते रहे। घटना की सूचना मिलते ही नौबस्ता पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों घायलों को हैलट अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने शिव नारायण त्रिवेदी और उनके बेटे शिवम को मृत घोषित कर दिया, जबकि सत्यम की हालत गंभीर बनी हुई है।
मृतक चकेरी क्षेत्र के रामपुर कांशीराम कॉलोनी, सजारी गांव के निवासी थे। परिवार के अनुसार तीनों किदवई नगर स्थित एक मार्बल शोरूम में नौकरी करते थे और रात को काम खत्म कर घर लौट रहे थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि दोनों मृतकों के शरीर पर आधा दर्जन से अधिक गहरे घाव थे। उनकी पीठ और सीने पर चाकू के कई निशान पाए गए।
डॉक्टरों के अनुसार चाकू के वार से दोनों के फेफड़े गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गए थे। अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उनकी मौत हुई। रिपोर्ट ने हमले की क्रूरता को उजागर कर दिया है। घटना के दौरान मौजूद लोगों ने साहस दिखाते हुए एक आरोपी शिवा वर्मा (19) को मौके पर पकड़ लिया। उसकी पिटाई के बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। जबकि मुख्य आरोपी करन वर्मा (24) और उत्सव अवस्थी (19) मौके से फरार हो गए। पुलिस ने घटनास्थल से तीन बाइकें भी बरामद की हैं, जिनमें पीड़ित और आरोपियों की बाइकें शामिल हैं। घटना के कुछ घंटों बाद सोमवार तड़के पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी हमीरपुर की ओर भागने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस ने घेराबंदी की तो आरोपियों ने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में मुख्य आरोपी करन वर्मा के दोनों पैरों में गोली लगी। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उसके साथ उज्जवल और समीर गौतम को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार समीर आरोपियों को शहर से बाहर भगाने में मदद कर रहा था।
डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि मुख्य आरोपी करन वर्मा के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। वर्ष 2023 में करन पर मारपीट के दौरान एक युवक की मौत का आरोप लगा था। उस मामले में वह हत्या के आरोप में जेल गया था और करीब एक वर्ष बाद जमानत पर बाहर आया था।पुलिस के अनुसार करन अक्सर अपने साथ चाकू रखता था और आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय था।
परिवार की मांग- हत्यारों को मिले कड़ी सजा
मृतक शिव नारायण की पत्नी सुधा त्रिवेदी ने कहा कि जिस तरह उनके पति और बेटे की बेरहमी से हत्या की गई है, उसी तरह आरोपियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने न्याय की मांग करते हुए कहा कि दोषियों को सख्त दंड मिलने पर ही परिवार को संतोष मिलेगा। कानपुर की यह घटना मामूली विवादों के खतरनाक परिणामों की भयावह तस्वीर पेश करती है। सड़क पर हुई एक छोटी सी टक्कर ने दो जिंदगियां छीन लीं और एक परिवार को बर्बाद कर दिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन यह मामला बढ़ती आपराधिक प्रवृत्तियों और सड़क पर बढ़ती हिंसा पर गंभीर सवाल खड़े करता है।



