कानपुर नगर। देश के सबसे बड़े सांख्यिकीय अभियान जनगणना-2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत तहसील घाटमपुर में दो प्रगणकों ने ऐसा कार्य कर दिखाया है, जो अन्य कर्मचारियों के लिए प्रेरणा बन गया है। सीमित समय में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए उन्होंने महज तीन दिनों के भीतर अपने निर्धारित क्षेत्र का शत-प्रतिशत मकान सूचीकरण एवं भवन गणना कार्य पूरा कर लिया। उनके समर्पण और कार्यकुशलता को देखते हुए तहसील प्रशासन ने सम्मानित किया।
जनगणना-2027 का पहला चरण क्यों है महत्वपूर्ण?
जनगणना किसी भी देश के विकास की आधारशिला मानी जाती है। इसके माध्यम से सरकार को जनसंख्या, आवास, सामाजिक और आर्थिक स्थिति से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़े प्राप्त होते हैं। इन्हीं आंकड़ों के आधार पर भविष्य की योजनाएं तैयार की जाती हैं। जनगणना-2027 के प्रथम चरण में मकान सूचीकरण और भवन गणना का कार्य किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में प्रत्येक भवन, मकान और उसके उपयोग की जानकारी एकत्र की जाती है ताकि सटीक आंकड़े उपलब्ध हो सकें।

तहसील घाटमपुर में नियुक्त प्रगणक सुरेन्द्र सिंह और गायत्री देवी ने अपने कार्य क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की। शिक्षामित्र के रूप में कार्यरत सुरेन्द्र सिंह ने एचएलबी-722 क्षेत्र में 72 भवनों में स्थित 81 जनगणना मकानों का सूचीकरण एवं गणना कार्य निर्धारित समय से पहले पूरा कर लिया। उन्होंने घर-घर जाकर सभी आवश्यक सूचनाएं एकत्र कीं और रिकॉर्ड को समयबद्ध तरीके से अपडेट किया। आंगनबाड़ी कार्यकत्री गायत्री देवी ने 126 भवनों में स्थित 158 जनगणना मकानों का शत-प्रतिशत सर्वेक्षण पूरा किया। उन्होंने कठिन परिस्थितियों के बावजूद प्रत्येक परिवार तक पहुंचकर आवश्यक विवरण संकलित किए और अपने दायित्व का सफल निर्वहन किया।
प्रशासन ने किया सम्मानित
कार्य पूरा होने के बाद दोनों प्रगणकों से कवरेज प्रमाण पत्र प्राप्त किए गए। तहसीलदार अंकिता पाठक ने दोनों को सम्मानित करते हुए कहा कि जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के अभियान में उनकी मेहनत और जिम्मेदारी प्रशंसनीय है। उन्होंने कहा कि समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाता है तथा अन्य कर्मचारियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनता है। उप जिलाधिकारी घाटमपुर अबिचल प्रताप सिंह ने दोनों प्रगणकों को बधाई देते हुए कहा कि जनगणना का कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे में सभी प्रगणकों को पूरी निष्ठा, ईमानदारी और गंभीरता के साथ अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि अन्य कर्मचारी भी इसी प्रकार कार्य कर जनगणना अभियान को सफल बनाएंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि जनगणना के आंकड़े शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पानी, रोजगार और आवास जैसी योजनाओं की रूपरेखा तैयार करने में मदद करते हैं। यही कारण है कि प्रत्येक नागरिक की सही जानकारी दर्ज होना आवश्यक है। मकान सूचीकरण और भवन गणना का यह चरण भविष्य में होने वाली मुख्य जनगणना प्रक्रिया की मजबूत नींव तैयार करता है। घाटमपुर के प्रगणक सुरेन्द्र सिंह और गायत्री देवी ने साबित कर दिया कि समर्पण, जिम्मेदारी और कार्य के प्रति निष्ठा हो तो बड़े से बड़ा लक्ष्य भी कम समय में हासिल किया जा सकता है। जनगणना-2027 के इस महत्वपूर्ण अभियान में उनका योगदान न केवल प्रशंसनीय है बल्कि अन्य कर्मचारियों के लिए प्रेरणास्रोत भी है।



