कानपुर। साकेत नगर स्थित डिफेंड ताइक्वांडो अकादमी रविवार को खेल प्रतिभाओं के जोश और उत्साह से सराबोर नजर आई। कानपुर ताइक्वांडो संघ के बैनर तले आयोजित कलर बेल्ट टेस्ट में 50 से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लेकर अपनी तकनीकी दक्षता, फिटनेस और आत्मविश्वास का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के बाद सफल खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धि के अनुसार नई बेल्ट प्रदान करने की घोषणा की गई। कलर बेल्ट टेस्ट ताइक्वांडो प्रशिक्षण का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। इसमें खिलाड़ियों की तकनीक, अनुशासन, शारीरिक क्षमता और आत्मरक्षा कौशल का मूल्यांकन किया जाता है। डिफेंड ताइक्वांडो अकादमी में आयोजित इस टेस्ट में विभिन्न आयु वर्ग के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों ने किक, पंच, ब्लॉकिंग तकनीक और संतुलन का प्रदर्शन कर परीक्षकों को प्रभावित किया। बच्चों के उत्साह और आत्मविश्वास ने अभिभावकों का भी दिल जीत लिया।
बेल्ट वर्ग में शानदार प्रदर्शन
व्हाइट टू येलो बेल्ट वर्ग में शिवाय शर्मा, आर्तिका पांडेय, रुद्रप्रिया श्रीवास्तव, अस्तित्व मिश्रा, आयांश दुबे, वशिष्ठ निगम और खुशी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं नीलांबर सिंह, तनिष्का, जिवंतिका सिंह, आराध्या और दृशिका ने द्वितीय स्थान हासिल किया। येलो टू ग्रीन बेल्ट वर्ग में वैष्णवी गौतम, विशाल तिवारी, तेजस्वत तिवारी, विवान सचान, अमाया दीक्षित, प्रेम झा और नितिन कुमार प्रथम रहे। आलिया सागर, आख्या और अयंतिका सिंह ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया ग्रीन टू ग्रीन-वन बेल्ट वर्ग में सन्मिता शर्मा प्रथम रहीं, जबकि कौशिकी सिंह और नरेंद्र त्रिवेदी द्वितीय स्थान पर रहे। ग्रीन-वन टू ब्लू बेल्ट वर्ग में शिवांश सिंह ने प्रथम और शनि सिंह ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। वहीं ब्लू टू ब्लू-वन बेल्ट वर्ग में रुशैल कुकरेजा ने प्रथम स्थान हासिल कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
ब्लू-वन टू रेड बेल्ट वर्ग में युग चतुर्वेदी प्रथम रहे। ऋचा और एंजल ने द्वितीय तथा वैभव ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। रेड टू रेड-वन बेल्ट वर्ग में प्रत्यय पटेल ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया।
विशेषज्ञ परीक्षकों ने किया मूल्यांकन
कार्यक्रम में परीक्षक के रूप में उत्तम मिश्रा, सुशील कुमार और सिमरन कुमारी मौजूद रहे। उन्होंने खिलाड़ियों की तकनीकी क्षमता और फिटनेस का गहन परीक्षण किया। मुख्य प्रशिक्षक अतुल दुबे ने कहा कि कलर बेल्ट टेस्ट खिलाड़ियों के विकास का महत्वपूर्ण चरण होता है। इससे उन्हें अपनी कमियों को पहचानने और भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए बेहतर तैयारी करने का अवसर मिलता है। ताइक्वांडो केवल एक खेल नहीं बल्कि आत्मरक्षा, अनुशासन और आत्मविश्वास का माध्यम भी है। कानपुर में लगातार बढ़ती भागीदारी यह दर्शाती है कि युवा पीढ़ी इस खेल को लेकर गंभीर है। ऐसे आयोजन खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने की प्रेरणा देते हैं।
डिफेंड ताइक्वांडो अकादमी में आयोजित कलर बेल्ट टेस्ट ने एक बार फिर साबित कर दिया कि कानपुर में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। 50 से अधिक खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से भविष्य की संभावनाओं को मजबूत किया। प्रशिक्षकों और अभिभावकों का मानना है कि नियमित अभ्यास और ऐसे आयोजनों से खिलाड़ी बड़े मंचों तक पहुंच सकते हैं।
AKASH CHAUDHARY / BHARAT19.COM



