कानपुर नगर/ भीषण गर्मी, 45 डिग्री सेल्सियस के पार जाता तापमान और चिलचिलाती धूप के बीच हाल ही में कानपुर ट्रैफिक पुलिस को हाईटेक एसी हेलमेट दिए जाने की खबर खूब चर्चा में रही। दावा किया गया कि अब ट्रैफिक जवानों को गर्मी से राहत मिलेगी और वे विशेष एसी हेलमेट पहनकर ड्यूटी करेंगे। लेकिन Bharat19 News की ग्राउंड रिपोर्ट में तस्वीर कुछ अलग नजर आई। शहर के कई प्रमुख चौराहों पर पड़ताल के दौरान ट्रैफिक पुलिसकर्मी सामान्य हेलमेट, कैप या बिना किसी विशेष उपकरण के ड्यूटी करते दिखाई दिए। कहीं भी बड़े स्तर पर एसी हेलमेट का उपयोग नहीं दिखा। जब Bharat19 News ने इस संबंध में जिम्मेदार अधिकारियों से संपर्क किया तो अलग-अलग जवाब सामने आए, जिससे इस योजना की वास्तविक स्थिति को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
एसी हेलमेट को लेकर क्या था दावा?
ट्रैफिक विभाग की ओर से बताया गया था कि विशेष एसी हेलमेट में मोटर, मिनी फैन और एयर सर्कुलेशन सिस्टम लगाया गया है। एक बार चार्ज करने पर यह लगभग 8 घंटे तक काम करता है। हेलमेट गर्मी में ठंडी और सर्दी में गर्म हवा देने की क्षमता भी रखता है। दावा यह भी था कि गुजरात में सफल परीक्षण के बाद उत्तर प्रदेश में पहली बार कानपुर में इन हेलमेट्स का उपयोग किया जाएगा।
Bharat19 की ग्राउंड रिपोर्ट में क्या मिला?
शहर के कई प्रमुख ट्रैफिक प्वाइंट्स और व्यस्त चौराहों का निरीक्षण करने पर अधिकांश पुलिसकर्मी सामान्य ड्यूटी गियर में दिखाई दिए। भीषण गर्मी के बावजूद कहीं भी एसी हेलमेट का व्यापक उपयोग नजर नहीं आया। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि यदि हेलमेट उपलब्ध करा दिए गए हैं तो वे आखिर दिखाई क्यों नहीं दे रहे?
अधिकारियों से संपर्क पर मिले अलग-अलग जवाब
एसीपी ट्रैफिक ने पहले कहा- जानकारी नहीं है Bharat19 News द्वारा जब एसीपी ट्रैफिक, कानपुर नगर से संपर्क किया गया तो उन्होंने शुरुआत में इस संबंध में जानकारी न होने की बात कही। हालांकि कुछ समय बाद उन्होंने स्वयं फोन कर बताया कि उन्होंने जानकारी प्राप्त की है और ट्रैफिक कर्मियों को एसी हेलमेट अगले दिन वितरित किए जाएंगे। यह बयान इस ओर संकेत करता है कि रिपोर्ट प्रकाशित होने तक हेलमेट का वितरण व्यापक स्तर पर नहीं हुआ था।
एडिशनल डीसीपी ट्रैफिक ने जिम्मेदारी से किया किनारा
इस पूरे मामले में जब एडिशनल डीसीपी ट्रैफिक, कानपुर नगर से प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की गई तो उन्होंने कहा कि इस विषय पर आधिकारिक वर्जन देना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। उन्होंने कहा कि इस संबंध में केवल वरिष्ठ अधिकारी यानी डीसीपी ट्रैफिक ही जानकारी दे सकते हैं।
डीसीपी ट्रैफिक से नहीं हो सका संपर्क
Bharat19 News ने डीसीपी ट्रैफिक, कानपुर नगर से संपर्क करने के लिए कई बार फोन किया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। बाद में उनका नंबर लगातार व्यस्त आने लगा, जिसके कारण उनका पक्ष प्राप्त नहीं हो सका।
सवाल जो अब भी जवाब मांग रहे हैं
अधिकारियों के बयानों के बाद अब कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े हो गए हैं
यदि एसीपी ट्रैफिक के अनुसार हेलमेट “कल बांटे जाएंगे”, तो पहले से किए गए दावों का आधार क्या था?
विभाग ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि कुल कितने एसी हेलमेट खरीदे गए हैं और उनकी लागत कितनी है।
क्या सभी ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को हेलमेट मिलेंगे या केवल चयनित चौराहों पर तैनात जवानों को?
उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ती गर्मी के बीच ट्रैफिक पुलिसकर्मी सबसे कठिन परिस्थितियों में काम कर रहे हैं।
घंटों धूप में खड़े रहने के कारण उन्हें डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक और थकान जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में यदि एसी हेलमेट जैसी सुविधा उपलब्ध कराई जाती है तो यह निश्चित रूप से उनके लिए राहत भरा कदम साबित हो सकता है। लेकिन जब तक यह सुविधा वास्तव में मैदान में दिखाई नहीं देती, तब तक इसके प्रभाव का आकलन करना मुश्किल है।
कानपुर ट्रैफिक पुलिस के लिए एसी हेलमेट योजना को लेकर किए गए दावों और जमीनी स्थिति में फिलहाल अंतर दिखाई देता है। Bharat19 News की पड़ताल में कई चौराहों पर ट्रैफिक जवान बिना एसी हेलमेट ड्यूटी करते मिले। वहीं अधिकारियों के जवाब भी एक जैसे नहीं रहे। अब सभी की नजर इस बात पर है कि एसीपी ट्रैफिक द्वारा बताए गए अनुसार हेलमेट वास्तव में कब और कितने कर्मियों को वितरित किए जाते हैं। तब तक यह सवाल कायम रहेगा आखिर एसी हेलमेट योजना कागजों में है या सड़कों पर भी दिखाई देगी?



