कानपुर/ उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की लेखपाल परीक्षा के दौरान कानपुर के दो परीक्षा केंद्रों पर हाईटेक नकल का मामला सामने आया है। किदवई नगर स्थित महिला महाविद्यालय और चुन्नीगंज स्थित बीएनएसडी इंटर कॉलेज से दो अभ्यर्थियों को इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के सहारे नकल करते हुए पकड़ा गया। दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
किदवई नगर महिला महाविद्यालय में केंद्र प्रभारी डॉ. अंजू चौधरी के अनुसार, परीक्षा के दौरान कक्ष संख्या 13 में जांच के समय एक अभ्यर्थी संदिग्ध गतिविधि करता मिला। कक्ष निरीक्षकों द्वारा चेकिंग किए जाने पर उसके कान में ब्लूटूथ डिवाइस बरामद हुई, जबकि शर्ट के नीचे मोबाइल जैसी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस छिपी मिली, जिसमें एयरटेल का सिम लगा था। बताया गया कि अभ्यर्थी ब्लूटूथ के माध्यम से किसी बाहरी व्यक्ति से संपर्क में था और उत्तर हासिल करने का प्रयास कर रहा था। सूचना मिलने पर किदवई नगर पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया। डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अध्यादेश 2024 के तहत कार्रवाई की गई है। एक मीडिया में छपी खबर के अनुसार पुलिस द्वारा ये भी बताया गया कि युवक द्वारा अंडर गारमेंट्स में डिवाइस छिपाई गई थी
वहीं, दूसरी घटना चुन्नीगंज स्थित बीएनएसडी इंटर कॉलेज में सामने आई। यहां प्रयागराज के अकबरपुर पोस्ट दिहियावा, काशीपुर (जीत का पुरा) निवासी 28 वर्षीय सागर पटेल परीक्षा देने आया था। परीक्षा के दौरान कक्ष निरीक्षक ने उसे संदिग्ध हालत में पकड़ा। जांच में उसके कान में ब्लूटूथ डिवाइस और हाथ में चिपकी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद हुई। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि उसने पकड़े जाने से बचने के लिए स्किन कलर का छोटा ब्लूटूथ डिवाइस खरीदा था, ताकि किसी को संदेह न हो।
इस घटना के बाद परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। परीक्षा में दो चरणों की जांच और मेटल डिटेक्टर से चेकिंग के बावजूद अभ्यर्थियों का इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के साथ परीक्षा कक्ष तक पहुंचना सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक माना जा रहा है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि कहीं इस पूरे मामले के पीछे कोई संगठित नकल गिरोह तो सक्रिय नहीं है।



