- 10 ठिकानों पर एयरस्ट्राइक का पाकिस्तान का दावा; अफगान अधिकारियों ने चार नागरिकों की मौत बताई, हामिद करजई ने हमलों की निंदा की और रूस ने संयम व बातचीत की अपील की
भारत 19
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। पाकिस्तान ने गुरुवार को अफगानिस्तान में 10 ठिकानों पर हवाई और ड्रोन हमले किए। इस्लामाबाद का कहना है कि इन ठिकानों का इस्तेमाल पाकिस्तान पर ड्रोन हमलों के लिए किया जा रहा था। दूसरी ओर, अफगान अधिकारियों ने इन हमलों में चार नागरिकों के मारे जाने की जानकारी दी है। ताजा घटनाक्रम के बाद अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई ने पाकिस्तान के हमलों की निंदा की है। वहीं रूस ने भी नागरिकों के हताहत होने की खबरों पर चिंता जताते हुए दोनों पक्षों से तनाव बढ़ाने से बचने और मतभेद बातचीत के जरिए सुलझाने की अपील की है।
पाकिस्तान ने 10 ठिकानों को बनाया निशाना
पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार के मुताबिक, पाकिस्तानी वायुसेना ने अफगानिस्तान में 10 स्थानों को निशाना बनाया। उनका दावा है कि इन जगहों का इस्तेमाल ड्रोन को लॉन्च करने और रखने के लिए किया जा रहा था। पाकिस्तान के अनुसार, अफगानिस्तान से आए ड्रोन ने बुधवार को उसके इलाके को निशाना बनाने की कोशिश की थी। तरार ने कहा कि पाकिस्तानी एयर डिफेंस सिस्टम ने उन ड्रोन को उनके लक्ष्यों तक पहुंचने से पहले ही निष्क्रिय कर दिया। इसके बाद पाकिस्तान ने जिन स्थानों को ड्रोन हमलों से जुड़ा माना, वहां हवाई और ड्रोन स्ट्राइक की। पाकिस्तान ने इसे आत्मरक्षा के अधिकार के तहत की गई कार्रवाई बताया है।
कंधार, खोस्त और पक्तिया में हमलों का दावा
अफगान तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि ताजा पाकिस्तानी हमले कंधार, पक्तिया और खोस्त प्रांतों में हुए हैं। उन्होंने पाकिस्तान की कार्रवाई की निंदा करते हुए जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। कंधार का उल्लेख इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह तालिबान नेतृत्व का प्रमुख राजनीतिक और धार्मिक केंद्र है। हालांकि पाकिस्तान ने अपने बयान में 10 ठिकानों की सटीक भौगोलिक सूची सार्वजनिक नहीं की है।
अफगानिस्तान ने चार नागरिकों की मौत बताई
रॉयटर्स के मुताबिक, काबुल ने ताजा हमलों में चार नागरिकों की मौत होने की जानकारी दी है। पाकिस्तान का कहना है कि उसके हमले सैन्य उद्देश्यों तक सीमित थे और ड्रोन से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया। दोनों पक्षों के दावों में अंतर है और घटनास्थल की स्वतंत्र पुष्टि सीमित है। यह पहली बार नहीं है जब इस सप्ताह पाकिस्तानी हवाई कार्रवाई में नागरिकों के हताहत होने का दावा सामने आया है। 21 सितंबर को पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में हमले किए थे। पाकिस्तान ने उस कार्रवाई में 28 आतंकियों के मारे जाने का दावा किया था, जबकि अफगान अधिकारियों और संयुक्त राष्ट्र मिशन ने कुनार में तीन नागरिकों की मौत की पुष्टि की थी।
हामिद करजई ने कहा अफगान एकजुट
अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई ने ताजा हमलों के बाद पाकिस्तान की नीति की आलोचना की। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान के लोग इन हमलों के खिलाफ एकजुट हैं और पाकिस्तान को अफगानिस्तान के साथ बेहतर पड़ोसी संबंधों का रास्ता अपनाना चाहिए। करजई की प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने पाकिस्तान से संबंधों को टकराव के बजाय संवाद और अच्छे पड़ोसी के सिद्धांतों के आधार पर आगे बढ़ाने की अपील की।
रूस ने भी जताई चिंता, बातचीत की अपील
पाकिस्तान की कार्रवाई पर रूस ने भी चिंता जताई है। काबुल स्थित रूसी दूतावास ने अफगानिस्तान में पाकिस्तानी हवाई हमलों से नागरिकों के हताहत होने की खबरों पर चिंता व्यक्त की और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई। रूस ने दोनों पक्षों से संयम बरतने, आगे टकराव रोकने और अफगानिस्तान-पाकिस्तान विवाद को बातचीत के जरिए सुलझाने की अपील की है। रूसी प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब सीमा पर सैन्य कार्रवाई और जवाबी कार्रवाई का सिलसिला तेज हुआ है।
TTP और सीमा पार हमले बने विवाद की जड़
पाकिस्तान लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और उससे जुड़े समूह अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल पाकिस्तान में हमलों के लिए करते हैं। तालिबान सरकार इन आरोपों को खारिज करती है और कहती है कि पाकिस्तान की आतंरिक सुरक्षा समस्या के लिए अफगानिस्तान को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। इसी विवाद ने दोनों देशों के बीच सीमा पर तनाव बढ़ाया है। सितंबर में पाकिस्तान में सुरक्षा प्रतिष्ठानों पर हुए हमलों के बाद इस्लामाबाद ने अफगानिस्तान में मौजूद कथित आतंकी ठिकानों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी थी। इसके बाद दोनों तरफ से सैन्य कार्रवाई और आरोप-प्रत्यारोप तेज हुए हैं।
तीन महीने की शांति के बाद फिर बढ़ा तनाव
ताजा हमलों से पहले दोनों देशों के बीच करीब तीन महीने तक अपेक्षाकृत शांति रही थी। लेकिन सितंबर में सीमा पार हमलों और उसके जवाब में सैन्य कार्रवाई ने तनाव फिर बढ़ा दिया। रॉयटर्स के अनुसार, पिछले सप्ताह पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिम में एक पुलिस प्रतिष्ठान पर हुए हमले में कम से कम 24 लोगों की मौत के बाद संघर्ष फिर तेज हुआ।
अब नए हवाई हमलों के बाद स्थिति और संवेदनशील हो गई है। एक तरफ पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई को अपनी सुरक्षा और आत्मरक्षा से जोड़ रहा है, जबकि अफगान तालिबान इसे अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बता रहा है। रूस की अपील और क्षेत्रीय मध्यस्थता की कोशिशों के बीच आगे की दिशा इस बात पर निर्भर करेगी कि दोनों पक्ष सैन्य कार्रवाई के बजाय बातचीत का रास्ता अपनाते हैं या नहीं।


