- विवादित टिप्पणी के बाद बढ़े तनाव के बीच पुलिस की सोशल मीडिया सेल सक्रिय; 12 एक्स हैंडल चिह्नित, भड़काऊ वीडियो मामले में एक आरोपी गिरफ्तार, फर्जी ऑडियो की भी जांच
भारत 19
अलीगढ़ में वाल्मीकि और सवर्ण समाज के बीच चल रहे विवाद का असर अब सोशल मीडिया तक पहुंच गया है। पुलिस ने सोशल मीडिया पर कथित रूप से भड़काऊ, आपत्तिजनक और भ्रामक सामग्री प्रसारित करने वाले 12 एक्स हैंडल चिह्नित किए हैं। इनमें कई अकाउंट संचालक अलीगढ़ से बाहर के बताए जा रहे हैं। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
12 एक्स हैंडल पुलिस की निगरानी में
पुलिस की सोशल मीडिया सेल ने ऐसे 12 एक्स हैंडल की पहचान की है, जिनसे विवाद से संबंधित पोस्ट और वीडियो प्रसारित किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस के मुताबिक इन पोस्ट में कथित तौर पर अभद्र भाषा, धमकी और भड़काऊ सामग्री का इस्तेमाल किया गया, जिससे विभिन्न वर्गों के बीच तनाव बढ़ने की आशंका है। चिह्नित अकाउंट संचालकों की भूमिका की जांच की जा रही है।
भड़काऊ वीडियो के मामले में एक गिरफ्तार
पुलिस ने सोशल मीडिया पर वीडियो प्रसारित करने के मामले में दिव्यांश चौहान को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार वह मूल रूप से बुलंदशहर के अरनिया क्षेत्र का रहने वाला है और उसे अलीगढ़ के गभाना क्षेत्र से पकड़ा गया। उसके साथ नामजद अभिषेक ठाकुर और अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस के मुताबिक दिव्यांश ने क्षत्रिय युवा करणी सेना के जिलाध्यक्ष सचिन राघव के साथ मारपीट की घटना के बाद उनके समर्थन में एक वीडियो बनाया था। पुलिस का आरोप है कि वीडियो में वाल्मीकि समाज के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी और धमकी दी गई। गिरफ्तार आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे जमानत मिलने की जानकारी सामने आई है।
सचिन राघव से मारपीट के बाद बढ़ा विवाद
विवाद की शुरुआत 15 सितंबर को नुमाइश ग्राउंड के पास आयोजित सवर्ण महापंचायत से जुड़ी बताई जा रही है। पुलिस के मुताबिक महापंचायत में सचिन राघव के भाई की ओर से वाल्मीकि समाज के संबंध में कथित आपत्तिजनक टिप्पणी वाला वीडियो प्रसारित हुआ। इसके अगले दिन सचिन राघव और उनके साथियों के साथ मारपीट की घटना हुई। रिपोर्टों के मुताबिक घटना के दौरान सचिन राघव को सड़क पर दौड़ाकर पीटा गया और बाद में अंबेडकर पार्क की ओर ले जाया गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की पहचान शुरू की। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार भी किया है।
दोनों पक्षों की शिकायतों पर दर्ज हुए मुकदमे
विवाद केवल मारपीट तक सीमित नहीं रहा। पुलिस ने सचिन राघव समेत 13 लोगों के खिलाफ भी कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में अलग मुकदमा दर्ज किया है। दूसरी ओर, सचिन राघव की ओर से मारपीट और धमकी के मामले में भी कार्रवाई चल रही है। इस तरह पुलिस के सामने एक तरफ मारपीट और कथित आपत्तिजनक टिप्पणी की जांच है, तो दूसरी तरफ विवाद को सोशल मीडिया पर आगे बढ़ाने वाले पोस्ट और वीडियो की पड़ताल भी की जा रही है।
एसएसपी के नाम से फर्जी ऑडियो भी जांच के घेरे में
विवाद के बीच एसएसपी के नाम से कथित फर्जी ऑडियो प्रसारित किए जाने का मामला भी सामने आया है। पुलिस इस तरह की सामग्री के स्रोत और उसे प्रसारित करने वालों की पहचान कर रही है। सोशल मीडिया सेल को भ्रामक और भड़काऊ सामग्री पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस की सोशल मीडिया पर लगातार निगरानी
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली भ्रामक, असत्य या भड़काऊ पोस्ट और कमेंट साझा न करें। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार निगरानी की जा रही है और ऐसी सामग्री प्रसारित करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल अलीगढ़ में पुलिस की कार्रवाई दो स्तरों पर चल रही है। सड़क पर हुई मारपीट और कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़े मामलों की जांच तथा सोशल मीडिया पर विवाद को बढ़ाने वाली सामग्री की निगरानी। 12 एक्स हैंडल की जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि इनमें से किन अकाउंट से वास्तव में आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित हुई और उनकी भूमिका क्या रही।

