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चीनी पर छापे, नाराज व्यापारी बोले- पहले आपूर्ति बढ़ाओ

-तय सीमा से अधिक स्टॉक न मिलने के बावजूद जांच-छापों का आरोप, व्यापारियों ने मिलों से आपूर्ति बढ़ाने और बढ़ी दरों की जांच की मांग उठाई


भारत 19 कानपुर। चीनी महंगी हुई तो प्रशासन की नजर बाजार और व्यापारियों के गोदामों पर पहुंच गई, लेकिन व्यापारी इसे समस्या के समाधान के बजाय उत्पीड़न की कार्रवाई बता रहे हैं। उनका कहना है कि हालिया जांच में किसी भी व्यापारी के पास तय सीमा से अधिक चीनी नहीं मिली। इसके बावजूद जांच और छापेमारी जारी है, जबकि बढ़ती कीमतों की असली वजह आपूर्ति में कमी और मिल स्तर पर दरों की पड़ताल किए बिना व्यापारियों को निशाना बनाया जा रहा है।

इसी मुद्दे पर उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष मुकुंद मिश्रा के नेतृत्व में व्यापारियों का प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह से मिला। व्यापारियों ने कथित रूप से अनावश्यक कार्रवाई करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कदम उठाने की मांग के साथ कानपुर के लिए चीनी का पर्याप्त कोटा तय कराने और मिल स्तर पर आपूर्ति व बढ़ी दरों की जांच कराने की मांग रखी।

स्टॉक सीमा नहीं टूटी, फिर छापों पर सवाल

व्यापारियों का कहना है कि चीनी को लेकर हुई हालिया जांच में किसी भी कारोबारी के यहां निर्धारित सीमा से अधिक स्टॉक नहीं मिला। इसके बावजूद जांच और छापेमारी की कार्रवाई जारी रहने से बाजार में भय और असमंजस का माहौल है। व्यापारियों का तर्क है कि जब जांच में स्टॉक सीमा के उल्लंघन का मामला सामने नहीं आया तो कार्रवाई का आधार स्पष्ट होना चाहिए। उनका कहना है कि चीनी की बढ़ती कीमतों का समाधान खुदरा व्यापारियों पर दबाव बनाने से नहीं निकलेगा। उनके अनुसार, प्रशासन को यह भी देखना चाहिए कि बाजार में चीनी की उपलब्धता पर्याप्त है या नहीं और बढ़ी कीमतों की शुरुआत आपूर्ति श्रृंखला के किस स्तर से हो रही है।

मिलों की आपूर्ति और बढ़ी दरों की जांच की मांग

प्रतिनिधिमंडल ने कानपुर के लिए चीनी मिलों से पर्याप्त कोटा निर्धारित कराने की मांग की, ताकि बाजार में आपूर्ति सामान्य हो सके। साथ ही मिल स्तर पर चीनी की आपूर्ति और बढ़ी हुई दरों की जांच कराने की भी मांग उठाई गई। प्रदेश अध्यक्ष मुकुंद मिश्रा ने कहा कि व्यापारी वर्ग सरकार को पूरा सहयोग दे रहा है, लेकिन बढ़ी कीमतों के कारण बाजार में अफरातफरी और असमंजस की स्थिति बनी हुई है। सरकार और प्रशासन को इस पर जल्द ठोस निर्णय लेना चाहिए। जिला महामंत्री कृपा शंकर ने कहा कि समस्या का समाधान व्यापारियों को परेशान करने में नहीं, बल्कि पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने और मिल स्तर पर दरों की निगरानी करने में है।

कीमतों का दबाव, निशाने पर खुदरा बाजार

व्यापारियों की नाराजगी का बड़ा कारण यह है कि बाजार में बढ़ी कीमतों के बीच जांच का दबाव सीधे खुदरा और थोक कारोबारियों पर पड़ रहा है। उनका कहना है कि यदि निर्धारित सीमा से अधिक स्टॉक ही नहीं मिल रहा है तो केवल छापेमारी से कीमतों पर नियंत्रण की उम्मीद नहीं की जा सकती। प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से पूरे मामले में हस्तक्षेप की मांग की। व्यापारियों ने कहा कि एक तरफ चीनी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और दूसरी ओर मिल स्तर से लेकर बाजार तक बढ़ी दरों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही उन मामलों की भी पड़ताल हो, जिनमें व्यापारियों ने कार्रवाई के नाम पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है।

ज्ञापन देने वालों में मंडल अध्यक्ष विजय पंडित, जिलाध्यक्ष सुनील बजाज, रामेश्वर गुप्ता, श्याम अग्रहरि, सुरेश गुप्ता, महेंद्र गुप्ता, राकेश भाटिया, देवेंद्र गुप्ता, ईश्वर वर्मा, सतीश गुप्ता, राकेश पांडेय, सुशील गुप्ता, मोहम्मद यासीन, चांद भाई, अनिल द्विवेदी, रामकुमार बाजपेई, मोहन गुप्ता और गुलशन जायसवाल सहित अन्य व्यापारी शामिल रहे।

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