- लखनऊ आगमन पर ODOP, GI उत्पाद और खाद्य प्रसंस्करण की ताकत दिखाने की तैयारी; निर्यात बढ़ाने के साथ निवेश और तकनीकी सहयोग पर नजर
भारत 19
लखनऊ। उत्तर प्रदेश अब अपने स्थानीय उत्पादों को जापानी बाजार की नजर से देखने और उन्हें वैश्विक कारोबार से जोड़ने की तैयारी में है। जापानी प्रतिनिधिमंडल के प्रस्तावित लखनऊ आगमन से पहले प्रदेश सरकार ने इसकी तैयारियां तेज कर दी हैं। सरकार की कोशिश महज उत्पादों की प्रदर्शनी तक सीमित नहीं है। इसके पीछे स्थानीय उत्पादों के लिए जापानी और दूसरे विदेशी बाजारों में जगह बनाने, निर्यात बढ़ाने तथा खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में निवेश और तकनीकी सहयोग के रास्ते खोलने की रणनीति है। जापानी प्रतिनिधिमंडल का लखनऊ आगमन यूपी के लिए अपने ‘लोकल’ को ‘ग्लोबल’ बनाने का कारोबारी अवसर भी है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने गुरुवार को अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रतिनिधिमंडल के सामने उत्तर प्रदेश के खाद्य प्रसंस्करण, एक जनपद-एक उत्पाद (ODOP) और GI टैग वाले उत्पादों की पूरी ताकत पेश करने के निर्देश दिए हैं।
उत्पाद दिखेंगे, बाजार की संभावनाएं भी तलाशेगी सरकार
उप मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि जापानी प्रतिनिधिमंडल के सामने प्रदेश की खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों में तैयार होने वाले गुणवत्तापूर्ण स्थानीय उत्पादों का प्रभावी प्रस्तुतिकरण किया जाए। साथ ही ODOP के तहत निर्मित और चिन्हित विशिष्ट उत्पादों को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाए। प्रस्तुति का मकसद प्रतिनिधिमंडल को यूपी के पारंपरिक उत्पादों और स्थानीय उत्पादन क्षमता से परिचित कराने के साथ यह दिखाना भी है कि प्रदेश में कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन की कितनी बड़ी संभावनाएं हैं। सरकार चाहती है कि जापानी प्रतिनिधिमंडल के साथ संवाद केवल परिचय तक न रहे, बल्कि उससे कारोबारी संपर्क और भविष्य के सहयोग की जमीन तैयार हो।
GI टैग वाले उत्पादों को मिलेगा ग्लोबल पुश
उत्तर प्रदेश के कई स्थानीय उत्पादों को GI टैग हासिल है। सरकार अब इन उत्पादों की पहचान को घरेलू बाजार से निकालकर अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने पर जोर दे रही है। उप मुख्यमंत्री ने उत्पादों को वैश्विक बाजार की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने पर विशेष जोर दिया। इसके लिए गुणवत्ता, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग को मजबूत करने की जरूरत बताई गई। यानी जापानी प्रतिनिधिमंडल के सामने उत्पाद की पारंपरिक पहचान के साथ उसकी आधुनिक कारोबारी क्षमता भी पेश की जाएगी। सरकार की नजर ऐसे बाजार पर है जहां स्थानीय उत्पाद बेहतर कीमत और बड़े ग्राहक आधार तक पहुंच सकें।
किसानों से महिला उद्यमियों तक सीधा फायदा
सरकार खाद्य प्रसंस्करण और निर्यात की इस रणनीति का सीधा लाभ किसानों, युवाओं और महिला उद्यमियों तक पहुंचाने की उम्मीद कर रही है। कृषि उपज का स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण होने से उत्पाद की कीमत बढ़ सकती है और किसानों को सिर्फ कच्चा माल बेचने के बजाय मूल्यवर्धन का लाभ मिल सकता है। वहीं पैकेजिंग, ब्रांडिंग, लॉजिस्टिक्स और निर्यात से जुड़े कारोबार बढ़ने पर युवाओं तथा महिला उद्यमियों के लिए भी नए अवसर बन सकते हैं। यही वजह है कि सरकार जापानी प्रतिनिधिमंडल के दौरे को केवल कूटनीतिक संपर्क के बजाय ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्थानीय कारोबार को वैश्विक बाजार से जोड़ने के अवसर के रूप में देख रही है।
जापानी तकनीक और निवेश पर भी नजर
जापानी प्रतिनिधिमंडल के साथ संवाद का एक अहम पहलू तकनीक और निवेश भी है। उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में ऐसी तकनीक और निवेश आकर्षित करना चाहता है, जिससे उत्पादन की गुणवत्ता, पैकेजिंग, प्रसंस्करण और वैश्विक प्रतिस्पर्धा बेहतर हो सके। प्रदेश सरकार के मुताबिक विदेशी निवेश के लिए बेहतर वातावरण और सरल प्रक्रियाएं तैयार की जा रही हैं। ऐसे में जापानी कंपनियों के साथ संभावित सहयोग खाद्य प्रसंस्करण के अलावा कृषि आधारित उद्योगों और निर्यात से जुड़े क्षेत्रों में भी नए अवसर खोल सकता है।
ODOP को जापानी बाजार तक पहुंचाने की कोशिश
ODOP उत्तर प्रदेश की उन स्थानीय ताकतों में शामिल है, जिन्हें सरकार वैश्विक बाजार में ब्रांड के रूप में स्थापित करना चाहती है। प्रत्येक जिले की विशिष्ट पहचान वाले उत्पादों को बेहतर पैकेजिंग, ब्रांडिंग और बाजार रणनीति के साथ विदेशी ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। जापानी प्रतिनिधिमंडल के सामने ODOP उत्पादों की प्रस्तुति इसी रणनीति का हिस्सा है। यदि इन उत्पादों के लिए कारोबारी रुचि और निर्यात के नए रास्ते खुलते हैं तो इसका असर स्थानीय कारीगरों, छोटे उद्यमियों और किसानों की आय पर पड़ सकता है।
वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी से जुड़ा बड़ा लक्ष्य
प्रदेश सरकार इस पूरी कवायद को उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने के लक्ष्य से जोड़ रही है। इसके लिए निर्यात बढ़ाना, विदेशी निवेश आकर्षित करना और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला से जोड़ना अहम माना जा रहा है।


