- पश्चिमी क्षेत्र के अब्बा इलाके में हुआ हादसा, मलबे से अब तक 30 शव निकाले गए; कई लोगों के दबे होने की आशंका, राहत और बचाव अभियान जारी
भारत 19
बांगुई। सेंट्रल अफ्रीकन रिपब्लिक में सोने की खदान धंसने से बड़ा हादसा हुआ है। देश के पश्चिमी हिस्से में मंगलवार को हुई इस दुर्घटना में कम से कम 30 खनिकों की मौत की पुष्टि हुई है। खदान के भीतर अभी भी कुछ लोगों के फंसे होने की आशंका है, जिसके चलते बचाव दल मलबा हटाने में जुटा है। खदान में कितने लोग मौजूद थे और मलबे के नीचे कितने लोग फंसे हैं, इसकी तस्वीर बचाव अभियान पूरा होने के बाद ही साफ होगी। फिलहाल राहत दल लगातार मलबा हटाने में जुटे हैं।
हादसा नाना-मांबेरे प्रीफेक्चर के अब्बा इलाके में एक छोटे पैमाने की सोने की खदान में हुआ। दुर्घटना के बाद स्थानीय लोगों और बचावकर्मियों ने तत्काल राहत अभियान शुरू किया। मलबे से अब तक 30 शव बाहर निकाले जा चुके हैं। घायलों को नजदीकी चिकित्सा केंद्रों तक पहुंचाया गया है। सरकार की ओर से हादसे पर दुख जताया गया है और प्रभावित परिवारों को सहायता देने की बात कही गई है। स्थानीय प्रशासन बचाव कार्य में जुटा है। प्राथमिकता मलबे में दबे संभावित लोगों तक पहुंचने और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने की है।
मलबे में फंसे लोगों की तलाश जारी
बचाव अभियान के सामने सबसे बड़ी चुनौती खदान के भीतर तक सुरक्षित पहुंच बनाना है। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार हादसे के समय खदान में मौजूद लोगों की सही संख्या अभी स्पष्ट नहीं है। इसी वजह से यह भी पता नहीं चल पाया है कि मलबे के नीचे कितने लोग फंसे हो सकते हैं। हादसे में बचे एक खनिक के अनुसार दुर्घटना के बाद साथी मजदूरों को बाहर निकालने की कोशिश की गई। स्थानीय प्रशासन ने भी बचाव कार्य के लिए अतिरिक्त संसाधन जुटाने की अपील की है।
हादसे की वजह अभी सामने नहीं आई
अधिकारियों ने अभी तक खदान धंसने की निश्चित वजह नहीं बताई है। इसलिए फिलहाल किसी एक कारण को दुर्घटना के लिए जिम्मेदार ठहराना जल्दबाजी होगी। हादसे के बाद खदान की संरचना और वहां अपनाई जा रही खनन प्रक्रिया की जांच की जा रही है।
छोटे स्तर का खनन बना बड़ा जोखिम
सेंट्रल अफ्रीकन रिपब्लिक में बड़ी संख्या में लोग आर्टिसनल माइनिंग यानी छोटे और पारंपरिक तरीके से होने वाले खनन पर निर्भर हैं। ऐसे खनन स्थलों पर सुरंगों को मजबूत करने, हवा की पर्याप्त व्यवस्था रखने और श्रमिकों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने जैसी व्यवस्थाएं अक्सर सीमित रहती हैं। सोने की तलाश में जमीन के भीतर बनाई गई सुरंगों में काम करने वाले मजदूरों के लिए यही स्थिति बड़ा जोखिम पैदा करती है। सुरंग के कमजोर होने या जमीन खिसकने की स्थिति में बाहर निकलने का रास्ता भी बंद हो सकता है।


