कानपुर मंदिर चोरी का खुलासा: 96 घंटे में रेलबाजार पुलिस की बड़ी सफलता, दान पेटी और तांबे का नाग बरामद
KANPUR NAGAR/ कानपुर के रेलबाजार थाना क्षेत्र स्थित पम्पलेश्वर महादेव मंदिर में हुई चोरी का पुलिस ने मात्र 96 घंटे में खुलासा कर दिया। दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी गई दान पेटी और तांबे का नाग बरामद किया गया है। पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है।
कानपुर कमिश्नरेट के पूर्वी जोन अंतर्गत रेलबाजार थाना पुलिस ने पम्पलेश्वर महादेव मंदिर में हुई चोरी की घटना का 96 घंटे के भीतर सफल अनावरण कर लिया है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए चोरी गई दान पेटी और तांबे का नाग (सर्प प्रतिमा) बरामद कर लिया। इस कार्रवाई को पुलिस की त्वरित जांच और सर्विलांस टीम की प्रभावी भूमिका का परिणाम माना जा रहा है।
क्या था मामला?
24 जुलाई को रेलबाजार थाना क्षेत्र के खपरा मोहाल स्थित पम्पलेश्वर महादेव मंदिर में चोरी की घटना सामने आई थी। मंदिर के पुजारी राकेश सिंह ने सुबह मंदिर पहुंचने पर मुख्य द्वार का ताला टूटा देखा। जांच करने पर मंदिर से दान पेटी और तांबे का नाग गायब मिला, जिसके बाद उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
कहां और कब हुई कार्रवाई?
यह घटना रेलबाजार थाना क्षेत्र के खपरा मोहाल स्थित पम्पलेश्वर महादेव मंदिर की है। चोरी की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने लगातार जांच जारी रखी और महज 96 घंटे के भीतर मामले का खुलासा कर दिया।
कैसे पकड़े गए आरोपी?
पूर्वी जोन के पुलिस उपायुक्त सत्यजीत गुप्ता और सहायक पुलिस आयुक्त के निर्देशन में थाना प्रभारी अमान सिंह ने सर्विलांस टीम और स्थानीय पुलिस के साथ संयुक्त अभियान चलाया। तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, मुखबिर की सूचना और सर्विलांस के आधार पर पुलिस ने टंडन पुल के पास से दो आरोपियों—अस्सु और अयान कातिल उर्फ अब्बू तलहा—को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान उनकी निशानदेही पर चोरी गई दान पेटी और तांबे का नाग बरामद किया गया।
पुलिस के अनुसार बरामदगी के आधार पर मुकदमे में अन्य संबंधित धाराएं भी जोड़ी गई हैं। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत भेज दिया गया है। इसके साथ ही पुलिस आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनका संबंध अन्य चोरी की घटनाओं से तो नहीं है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई बनी चर्चा का विषय
मंदिर चोरी जैसी संवेदनशील घटना का चार दिनों के भीतर खुलासा होने से स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अपराधों के त्वरित अनावरण और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए आधुनिक तकनीक और सर्विलांस का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों में राहत
मंदिर से जुड़े श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों ने चोरी की गई धार्मिक वस्तुओं की बरामदगी पर संतोष जताया है। उनका कहना है कि पुलिस की समयबद्ध कार्रवाई से लोगों का विश्वास मजबूत हुआ है। पम्पलेश्वर महादेव मंदिर चोरी कांड का 96 घंटे में खुलासा कानपुर पुलिस की त्वरित कार्रवाई का उदाहरण माना जा सकता है। चोरी गई धार्मिक वस्तुओं की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस उनके आपराधिक रिकॉर्ड की जांच कर रही है। आगे की कानूनी कार्रवाई न्यायालय की प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी।


