कानपुर के आर्यनगर स्थित द स्पोर्ट्स हब (टीएसएच) में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के खिलाड़ियों के लिए निःशुल्क प्रशिक्षण का नौवां बैच 6 जुलाई से शुरू होगा। चयन ट्रायल 1 जुलाई से होंगे।
इस बार 10 खेलों में 304 खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा। खास बात यह है कि योजना में पहली बार क्रिकेट को शामिल किया गया है, जिसमें 44 खिलाड़ियों को प्रशिक्षण मिलेगा।
KANPUR/ कानपुर में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के प्रतिभावान खिलाड़ियों को खेल प्रशिक्षण का नया अवसर मिलने जा रहा है। नगर निगम और कानपुर स्मार्ट सिटी के सहयोग से आर्यनगर स्थित द स्पोर्ट्स हब (टीएसएच) में स्पोर्ट्स प्रमोशन स्कॉलरशिप/सब्सिडी योजना का नौवां बैच शुरू किया जाएगा।
यह प्रशिक्षण 6 जुलाई से शुरू होगा। इससे पहले 1 जुलाई से चयन ट्रायल आयोजित किए जाएंगे। चयनित खिलाड़ियों को निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा।
योजना का उद्देश्य कम आय वाले परिवारों के बच्चों को बेहतर खेल सुविधाएं देना है। इसके जरिए प्रतिभाशाली खिलाड़ी आधुनिक प्रशिक्षण और अनुभवी कोचों का मार्गदर्शन प्राप्त कर सकेंगे।
10 खेलों में 304 खिलाड़ियों का चयन
टीएसएच के नौवें बैच में कुल 304 खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा। चयन 10 अलग-अलग खेलों के लिए होगा। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में सभी खेलों की विस्तृत सूची सार्वजनिक नहीं की गई है।
इस बार योजना में क्रिकेट को पहली बार शामिल किया गया है। क्रिकेट के लिए 44 सीटें निर्धारित की गई हैं। इससे शहर के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के युवा क्रिकेटरों को बड़ा मंच मिलने की उम्मीद है।
चयन प्रक्रिया ट्रायल के आधार पर होगी। इसके बाद चयनित खिलाड़ियों को नियमित प्रशिक्षण दिया जाएगा। योजना में खिलाड़ियों की प्रतिभा के साथ उनकी आर्थिक स्थिति को भी ध्यान में रखा जाएगा।
1 जुलाई से ट्रायल, 26 जून तक जमा होंगे आवेदन
योजना के लिए आवेदन पत्रों का वितरण 15 जून से किया जा रहा है। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 26 जून तय की गई है। आवेदन पत्र नगर निगम के सभी छह जोनल कार्यालयों से प्राप्त किए जा सकते हैं।
अब तक 265 आवेदन पत्र वितरित किए जा चुके हैं। वहीं, 49 आवेदन प्राप्त होने की जानकारी दी गई है। अधिकारियों ने पात्र खिलाड़ियों और उनके अभिभावकों से समय सीमा के भीतर आवेदन जमा करने की अपील की है।
चयन ट्रायल 1 जुलाई से शुरू होंगे। ट्रायल में खिलाड़ियों की खेल क्षमता, फिटनेस और प्रदर्शन का आकलन किया जाएगा। इसके बाद चयनित खिलाड़ियों की सूची तैयार की जाएगी।
घरों का भौतिक सत्यापन भी होगा
नगर निगम के अतिरिक्त नगर आयुक्त-द्वितीय जगदीश यादव ने पत्रकार वार्ता में बताया कि चयन प्रक्रिया पारदर्शी रखी जाएगी। आवेदन मिलने के बाद खिलाड़ियों के घरों का भौतिक सत्यापन भी कराया जाएगा।
इसका उद्देश्य योजना का लाभ वास्तविक जरूरतमंद खिलाड़ियों तक पहुंचाना है। सत्यापन के दौरान परिवार की आर्थिक स्थिति से जुड़ी जानकारी देखी जा सकती है।
चयन प्रक्रिया की निगरानी के लिए सात सदस्यीय कोऑर्डिनेशन कमेटी बनाई गई है। यह समिति आवेदन, सत्यापन और ट्रायल से जुड़े कामों पर नजर रखेगी।
आधुनिक सुविधाएं और प्रोफेशनल कोचिंग
कानपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के प्रतिनिधि मुकेश कुमार वर्मा के अनुसार, टीएसएच में खिलाड़ियों को आधुनिक खेल सुविधाएं मिलती हैं। यहां फिटनेस मॉनिटरिंग, डाइट गाइडेंस और प्रोफेशनल कोचिंग की व्यवस्था है।
खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर नियमित नजर रखी जाती है। इससे उन्हें अपनी तकनीक और फिटनेस में सुधार करने का अवसर मिलता है। साथ ही, प्रशिक्षकों की सलाह से खिलाड़ी प्रतियोगिताओं के लिए बेहतर तैयारी कर सकते हैं।
ऑडी स्टेडिया कंसल्टेंट्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक राजीव गर्ग ने कहा कि क्रिकेट को शामिल करने से अधिक खिलाड़ियों को लाभ मिलेगा।
क्रिकेट खिलाड़ियों का चयन और प्रशिक्षण उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन और उत्तर प्रदेश वेटरन क्रिकेट एसोसिएशन के सहयोग से किया जाएगा।
आठ बैचों में 2016 खिलाड़ियों को मिला लाभ
टीएसएच की स्पोर्ट्स प्रमोशन स्कॉलरशिप योजना के तहत अब तक आठ बैच संचालित किए जा चुके हैं। इन बैचों में कुल 2016 खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया गया है।
योजना से जुड़े खिलाड़ियों ने विभिन्न स्तरों पर पदक भी जीते हैं। राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों ने 3 स्वर्ण, 2 रजत और 4 कांस्य पदक हासिल किए हैं।
जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं में 52 स्वर्ण, 41 रजत और 38 कांस्य पदक मिले हैं। इस तरह प्रशिक्षित खिलाड़ियों ने कुल 140 पदक अपने नाम किए हैं।
इन उपलब्धियों से योजना की उपयोगिता सामने आती है। साथ ही, इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों में खेलों के प्रति भरोसा बढ़ा है।
निम्न आय वर्ग के बच्चों को मिल रहा मंच
यह योजना सब्जी विक्रेताओं, ठेला संचालकों, दैनिक श्रमिकों और निम्न आय वर्ग के परिवारों के बच्चों के लिए उपयोगी साबित हो रही है। कई परिवारों के लिए निजी खेल अकादमियों का खर्च उठाना आसान नहीं होता।
ऐसे में निःशुल्क प्रशिक्षण, फिटनेस सुविधाएं और कोचिंग बच्चों को आगे बढ़ने का अवसर देती है। यह पहल स्थानीय स्तर पर खेल प्रतिभाओं की पहचान करने में भी मदद कर सकती है।
पत्रकार वार्ता में संजीव पाठक, डॉ. देवेश दुबे और पी.के. श्रीवास्तव समेत अन्य लोग मौजूद रहे।


