कानपुर कमिश्नरेट पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन व्हाइट पाउडर” के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। स्वाट टीम और थाना बर्रा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 8 किलो 458 ग्राम अवैध चरस बरामद की गई। मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच जारी है।
KANPUR/ कानपुर नगर में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन व्हाइट पाउडर” के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। कमिश्नरेट कानपुर नगर की स्वाट टीम और थाना बर्रा पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 8 किलो 458 ग्राम अवैध चरस बरामद की गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई शहर में बढ़ते नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ लोग बड़े पैमाने पर मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त हैं। सूचना के आधार पर स्वाट टीम और थाना बर्रा पुलिस ने संयुक्त रूप से निगरानी शुरू की और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी। जांच और निगरानी के दौरान पुलिस ने दो संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से कुल 8 किलो 458 ग्राम अवैध चरस बरामद हुई। बरामद मादक पदार्थ की मात्रा को देखते हुए इसे एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। कानपुर पुलिस द्वारा अपराध और मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध “ऑपरेशन व्हाइट पाउडर” लगातार चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य शहर और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय नशा तस्करों के नेटवर्क को तोड़ना और युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाना है। पुलिस का कहना है कि नशे के अवैध कारोबार में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। अभियान के तहत पहले भी कई तस्करों की गिरफ्तारी और मादक पदार्थों की बरामदगी की जा चुकी है।
किन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा?
पुलिस ने इस मामले में थाना बर्रा में मुकदमा अपराध संख्या 196/2026 दर्ज किया है। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत मामला पंजीकृत किया गया है। एनडीपीएस (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस) अधिनियम के तहत मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कब्जा गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। दोष सिद्ध होने पर आरोपियों को कठोर सजा का प्रावधान है।
पुलिस क्या कर रही है आगे की जांच?
पुलिस उपायुक्त दक्षिण श्री दीपेन्द्र नाथ चौधरी के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि बरामद चरस कहां से लाई गई थी और इसे किन क्षेत्रों में सप्लाई किया जाना था। इसके अलावा पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। यदि जांच में अन्य नाम सामने आते हैं तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
युवाओं को नशे से बचाने की पहल
विशेषज्ञों का मानना है कि मादक पदार्थों की तस्करी समाज के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है। ऐसे में पुलिस की इस कार्रवाई को नशा विरोधी अभियान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशासन लगातार लोगों से अपील कर रहा है कि यदि उन्हें किसी भी प्रकार की नशे की तस्करी या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।



