कानपुर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने शादी कराने के नाम पर ऑनलाइन ठगी करने वाले एक फर्जी मैट्रिमोनियल कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। कार्रवाई के दौरान मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया, जबकि 23 टेलीकॉलर्स से पूछताछ जारी है। गिरोह सोशल मीडिया और मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को निशाना बनाकर लाखों रुपये की ठगी कर रहा था।
KANPUR\ कानपुर नगर में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत साइबर क्राइम थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने शादी कराने के नाम पर लोगों से ऑनलाइन ठगी करने वाले एक फर्जी मैट्रिमोनियल कॉल सेंटर का सफल अनावरण किया है। इस कार्रवाई में एक मुख्य अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कॉल सेंटर में कार्यरत 23 टेलीकॉलर्स से पूछताछ की जा रही है।

क्या था पूरा मामला?
पुलिस जांच के अनुसार, यह गिरोह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और विभिन्न मैट्रिमोनियल वेबसाइटों से लोगों का निजी डेटा जुटाता था। इसके बाद फर्जी महिला प्रोफाइल बनाकर और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की मदद से संपादित तस्वीरों का उपयोग करके लोगों को विश्वास में लिया जाता था। गिरोह की महिला टेलीकॉलर्स संभावित ग्राहकों से संपर्क कर उन्हें विवाह के लिए उपयुक्त रिश्ता मिलने का भरोसा दिलाती थीं। इसके बाद रजिस्ट्रेशन फीस, प्रोफाइल वेरिफिकेशन शुल्क, मीटिंग चार्ज, सदस्यता शुल्क और अन्य बहानों से ऑनलाइन भुगतान कराया जाता था।
कैसे दिया जाता था ठगी को अंजाम?

जांच में सामने आया है कि आरोपी पहले पीड़ितों से भावनात्मक संबंध स्थापित करते थे। जब व्यक्ति विश्वास में आ जाता था, तब उससे विभिन्न शुल्कों के नाम पर धनराशि जमा करवाई जाती थी। कई मामलों में पीड़ितों को कथित महिला प्रोफाइल से लगातार बातचीत कराकर भरोसा कायम रखा जाता था। पुलिस के मुताबिक, गिरोह आधुनिक तकनीक और AI आधारित फोटो एडिटिंग का इस्तेमाल कर नकली पहचान तैयार करता था, जिससे आम लोगों के लिए धोखाधड़ी को पहचानना मुश्किल हो जाता था।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने बड़ी मात्रा में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य बरामद किए हैं। इनमें शामिल हैं:
- मोबाइल फोन
- कंप्यूटर सिस्टम
- बैंकिंग दस्तावेज
- एटीएम कार्ड
- क्यूआर कोड
- अन्य डिजिटल रिकॉर्ड
बरामद सामग्री की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है ताकि गिरोह के नेटवर्क और आर्थिक लेन-देन की पूरी जानकारी जुटाई जा सके। साइबर क्राइम थाना कानपुर नगर की टीम मामले की विस्तृत जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस नेटवर्क से और कितने लोग जुड़े हुए हैं तथा अब तक कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि बैंक खातों, डिजिटल ट्रांजेक्शन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच जारी है। जांच के आधार पर अन्य आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि ऑनलाइन मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म का उपयोग करते समय सतर्क रहना बेहद जरूरी है। किसी भी अनजान व्यक्ति को बिना सत्यापन के पैसे भेजने से बचना चाहिए। यदि कोई प्रोफाइल संदिग्ध लगे या बार-बार धनराशि की मांग करे, तो तुरंत संबंधित प्लेटफॉर्म और साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए।
कानपुर पुलिस की इस कार्रवाई ने एक ऐसे साइबर ठगी नेटवर्क का खुलासा किया है जो लोगों की भावनाओं का फायदा उठाकर आर्थिक अपराध कर रहा था। मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस को उम्मीद है कि आगे और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। यह घटना ऑनलाइन रिश्तों और मैट्रिमोनियल सेवाओं का उपयोग करते समय सतर्क रहने की आवश्यकता को भी उजागर करती है।



