कानपुर छावनी विधानसभा क्षेत्र में वर्षों से जर्जर पड़ी सड़क और लंबित रेलवे ओवरब्रिज निर्माण को लेकर सपा विधायक मोहम्मद हसन रूमी ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय, रक्षा मंत्रालय और रेल मंत्रालय को ज्ञापन भेजकर सड़क निर्माण और रेलवे पुल परियोजना को जल्द शुरू कराने की मांग की है। इस मुद्दे को लेकर सुजातगंज क्रॉसिंग के पास धरना-प्रदर्शन और पैदल मार्च भी निकाला गया।
KANPUR/ कानपुर की छावनी विधानसभा क्षेत्र में सड़क और पुल निर्माण को लेकर जनता की लंबे समय से चली आ रही समस्या अब प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) तक पहुंच गई है। समाजवादी पार्टी के विधायक मोहम्मद हसन रूमी ने क्षेत्र की जर्जर सड़क और सुजातगंज रेलवे ओवरब्रिज परियोजना में हो रही देरी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्रालय और रेल मंत्रालय को ज्ञापन भेजा है। विधायक का कहना है कि सीओडी क्रॉसिंग से हरिहरनाथ धाम और श्याम नगर तक जाने वाली सड़क पिछले कई वर्षों से खराब स्थिति में है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे होने के कारण स्थानीय लोगों और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सुजातगंज क्रॉसिंग पर धरना और पैदल मार्च
रविवार को सुजातगंज रेलवे क्रॉसिंग के निकट समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन का नेतृत्व स्वयं विधायक हसन रूमी ने किया। धरने के बाद उन्होंने लगभग 200 मीटर तक पैदल मार्च भी निकाला। प्रदर्शन के दौरान विधायक ने सड़क के गड्ढों में फूल डालकर सांकेतिक विरोध दर्ज कराया। उनका कहना था कि सड़क की दुर्दशा अब जनता की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है।
पांच वर्षों से बदहाल सड़क, बढ़ रहे हादसे
हसन रूमी ने आरोप लगाया कि क्षेत्र की यह महत्वपूर्ण सड़क पिछले पांच वर्षों से खराब स्थिति में है। प्रतिदिन हजारों लोग इस मार्ग से आवागमन करते हैं, लेकिन सड़क की मरम्मत न होने के कारण दुर्घटनाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि नवंबर महीने में सेना के अधिकारियों की ओर से सड़क निर्माण का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई जमीन पर दिखाई नहीं दी है।
रक्षा मंत्रालय और रेल मंत्रालय को भेजा गया ज्ञापन
विधायक ने बताया कि बारिश के मौसम से पहले सड़क निर्माण और रेलवे ओवरब्रिज परियोजना को शुरू कराने के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय, रक्षा मंत्रालय और रेल मंत्रालय को विस्तृत ज्ञापन भेजा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित विभागों को ई-मेल के माध्यम से कई बार शिकायतें भेजी गईं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। उनका कहना है कि क्षेत्र की जनता वर्षों से इस समस्या से जूझ रही है और अब धैर्य जवाब देने लगा है। धरना स्थल पर संबोधित करते हुए विधायक ने कहा कि जनता ने उन्हें अपनी समस्याओं को उठाने के लिए विधानसभा भेजा है। यदि जनता की मूलभूत समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है तो यह जनप्रतिनिधि होने के नाते उनके लिए भी चिंता का विषय है। Nउन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकारों के तहत शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया जा रहा है ताकि सरकार और संबंधित विभाग जनता की समस्याओं पर ध्यान दें।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
हसन रूमी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सड़क निर्माण और रेलवे पुल परियोजना पर जल्द काम शुरू नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता अब और इंतजार करने के लिए तैयार नहीं है। सड़क दुर्घटनाओं और यातायात समस्याओं की जिम्मेदारी संबंधित विभागों की होगी यदि समय रहते समाधान नहीं किया गया।
बड़ी संख्या में जुटे कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक
प्रदर्शन में क्षेत्रीय पार्षद पुत्र नफीस अहमद, मेराज अंसारी, वार्ड अध्यक्ष जिशान अंसारी समेत सैकड़ों कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। प्रदर्शन के बाद ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा गया, जिसे जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री कार्यालय भेजे जाने की जानकारी दी गई। कानपुर छावनी क्षेत्र की सड़क और रेलवे पुल का मुद्दा अब स्थानीय स्तर से निकलकर राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच चुका है। पीएमओ, रक्षा मंत्रालय और रेल मंत्रालय को भेजे गए ज्ञापनों के बाद अब लोगों की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि जल्द कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया तो क्षेत्र में आंदोलन और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।



