कानपुर के पनकी नहर में 13 वर्षीय छात्र अनुभव शुक्ला का शव मिलने के मामले ने अब सामाजिक और राजनीतिक चर्चा का रूप ले लिया है। परिजनों ने पुलिस कमिश्नर से मुलाकात कर निष्पक्ष जांच की मांग की है, जबकि पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच विधिक प्रक्रिया के तहत की जा रही है।
KANPUR/ कानपुर के पनकी थाना क्षेत्र में 13 वर्षीय छात्र अनुभव शुक्ला का शव नहर से मिलने के बाद शुरू हुआ विवाद अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। बुधवार को मृतक छात्र के परिजन विभिन्न हिंदू संगठनों और सामाजिक प्रतिनिधियों के साथ पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे और पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की। साथ ही उन्होंने उन लोगों के खिलाफ दर्ज मुकदमों को वापस लेने की भी मांग की, जो कथित रूप से न्याय की मांग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल थे।
क्या है पूरा मामला?
मृतक छात्र अनुभव शुक्ला का शव हाल ही में पनकी नहर क्षेत्र में मिला था। घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में आक्रोश देखने को मिला। परिवार का कहना है कि बेटे की मौत के पीछे की परिस्थितियों की गहन जांच आवश्यक है और उन्हें अभी तक संतोषजनक जवाब नहीं मिला है। इसी मांग को लेकर परिजनों और समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया था। इसी विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई और मुकदमा दर्ज होने के बाद मामला और अधिक चर्चा में आ गया।
हिंदू नेताओं ने उठाए सवाल
मामले को लेकर हिंदू नेता और ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधि पंकज धवरैय्या ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार न्याय की मांग कर रहा है, लेकिन उनके समर्थन में खड़े लोगों पर मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी कार्रवाई से समाज में गलत संदेश जा रहा है और पीड़ित परिवार स्वयं को उपेक्षित महसूस कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन को संवेदनशीलता के साथ मामले को देखना चाहिए।
पुलिस का क्या कहना है?
डीसीपी वेस्ट एस.एम. कासिम आबिदी ने कहा कि पूरे मामले की जांच विधिक प्रक्रिया के अनुसार की जा रही है। उन्होंने बताया कि घटना के बाद परिजनों को लगातार समझाने का प्रयास किया गया था, लेकिन बाद में चौकी के सामने शव रखकर जाम लगाया गया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों और परिस्थितियों की जांच की जा रही है तथा जो भी निष्कर्ष सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अनुभव शुक्ला की मौत का मामला अब केवल एक पुलिस जांच तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह सामाजिक और सार्वजनिक चर्चा का विषय बन चुका है। परिजन निष्पक्ष जांच की मांग पर अड़े हैं, जबकि पुलिस प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की जांच कानून के अनुसार की जा रही है। अब सभी की नजरें जांच के निष्कर्ष और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।



