UTTARAKHAND/ असम के गुवाहाटी में आयोजित 19वीं राष्ट्रीय सीनियर ग्रेपलिंग चैंपियनशिप में उत्तराखंड के खिलाड़ियों और अधिकारियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए राज्य का गौरव बढ़ाया। खिलाड़ियों ने पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया, वहीं तकनीकी अधिकारियों ने भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सफलतापूर्वक निभाईं। भारतीय ग्रेपलिंग खेल जगत की प्रतिष्ठित प्रतियोगिता 19वीं राष्ट्रीय सीनियर ग्रेपलिंग चैंपियनशिप का आयोजन 29 से 31 मई तक असम के गुवाहाटी स्थित भूगेश्वरी फुकानानी इंडोर स्टेडियम में किया गया। देश के विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ियों, कोचों, रेफरियों और तकनीकी अधिकारियों ने इस प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। तीन दिनों तक चले इस आयोजन में खिलाड़ियों ने अपनी तकनीकी क्षमता, फिटनेस और खेल भावना का शानदार प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता ने देशभर के ग्रेपलिंग खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का बड़ा मंच प्रदान किया।

उत्तराखंड ग्रेपलिंग संघ की टीम ने इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। सचिव नवीन रयाल ने बताया कि राज्य के खिलाड़ियों ने विभिन्न वर्गों में पदक जीतकर प्रदेश का नाम रोशन किया। अनुज गौड़ ने वेटरन्स वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने बेहतरीन तकनीक और अनुभव का प्रदर्शन किया। उनके इस प्रदर्शन की खेल विशेषज्ञों ने सराहना की।
महिला वर्ग में दीपाली रयाल ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीतकर उत्तराखंड को गौरवान्वित किया। उनकी सफलता युवा महिला खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही है। प्रतियोगिता में चांदनी रयाल और प्रीती राय ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए रजत पदक हासिल किया। दोनों खिलाड़ियों ने कड़े मुकाबलों के बीच शानदार खेल दिखाकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। प्रतियोगिता केवल खिलाड़ियों के प्रदर्शन तक सीमित नहीं रही, बल्कि उत्तराखंड के तकनीकी अधिकारियों ने भी अपनी दक्षता का शानदार प्रदर्शन किया। सार्थक सेमवाल और गंगा मेहरा ने सफलतापूर्वक रेफरी कोर्स पूरा किया। वहीं अनुज गौड़ ने कोच कोर्स को सफलतापूर्वक पूर्ण कर अपनी तकनीकी योग्यता का परिचय दिया। इस उपलब्धि से स्पष्ट है कि उत्तराखंड केवल खिलाड़ियों के स्तर पर ही नहीं, बल्कि तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर भी अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।
राष्ट्रीय चैंपियनशिप के दौरान उत्तराखंड ग्रेपलिंग संघ के महासचिव नवीन रयाल को दोनों मैट का डायरेक्टर तथा रेफरी काउंसिल का सचिव नियुक्त किया गया था। उनकी देखरेख और तकनीकी नेतृत्व में प्रतियोगिता का संचालन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। आयोजन समिति ने उनके योगदान की सराहना करते हुए उन्हें विशेष सम्मान से सम्मानित किया। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यह सम्मान उत्तराखंड ग्रेपलिंग संघ के बढ़ते प्रभाव और नवीन रयाल के नेतृत्व क्षमता का प्रमाण है। पिछले कुछ वर्षों में उत्तराखंड में ग्रेपलिंग खेल का तेजी से विस्तार हुआ है। राज्य के खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। उत्तराखंड ग्रेपलिंग संघ खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण, प्रतियोगिताओं में भागीदारी और तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध करा रहा है। इसका परिणाम राष्ट्रीय स्तर पर खिलाड़ियों की बढ़ती सफलता के रूप में सामने आ रहा है।
अनुज गौड़, दीपाली रयाल और अन्य पदक विजेताओं की उपलब्धियां राज्य के युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रही हैं। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में उत्तराखंड ग्रेपलिंग में राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत पहचान बनाएगा।
उत्तराखंड ग्रेपलिंग संघ के अध्यक्ष अखिलेश मित्तल और कोषाध्यक्ष सागर गर्ग ने सभी खिलाड़ियों, कोचों और तकनीकी अधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की मेहनत और अधिकारियों की प्रतिबद्धता ने राज्य को राष्ट्रीय मंच पर सम्मान दिलाया है। भविष्य में भी इसी प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन की अपेक्षा की जा रही है।
19वीं राष्ट्रीय सीनियर ग्रेपलिंग चैंपियनशिप उत्तराखंड के लिए बेहद सफल साबित हुई। अनुज गौड़ और दीपाली रयाल के स्वर्ण पदक, चांदनी रयाल और प्रीती राय के रजत पदक तथा नवीन रयाल को मिला सम्मान राज्य की बढ़ती खेल शक्ति का प्रमाण है। यह उपलब्धि आने वाले खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और उत्तराखंड को राष्ट्रीय ग्रेपलिंग मानचित्र पर और मजबूत पहचान दिलाएगी।



