LUCKNOW/ उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान के बीच बिजली कटौती लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनती जा रही है। प्रदेश के कई जिलों से बिजली आपूर्ति में बाधा और अघोषित कटौती की शिकायतें सामने आने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री की नाराजगी के बाद उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड ने बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कई अहम निर्देश जारी किए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि भीषण गर्मी के इस दौर में बिजली आपूर्ति में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके साथ ही अधिकारियों को फील्ड में उतरकर निगरानी करने और शिकायतों का त्वरित निस्तारण करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री योगी ने दिखाई सख्ती
पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के विभिन्न जिलों से बिजली कटौती की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। गर्मी और हीटवेव के बीच लोगों को घंटों बिजली न मिलने से काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिजली व्यवस्था की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्धारित रोस्टर के अनुसार बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जनता को राहत देना सरकार की प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद UPPCL ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि शहरों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में कम से कम 18 घंटे बिजली दी जाए। फॉल्ट होने पर तुरंत मरम्मत कर आपूर्ति बहाल की जाए।
अनावश्यक कटौती से बचा जाए। सरकार का उद्देश्य भीषण गर्मी के दौरान लोगों को राहत पहुंचाना और आवश्यक सेवाओं को प्रभावित होने से बचाना है।
राजधानी लखनऊ में 22 अधीक्षण अभियंता और अधिशासी अभियंताओं को अलग-अलग क्षेत्रों की जिम्मेदारी दी गई है। इन्हें रात 9 बजे से रात 1 बजे तक फील्ड में रहकर बिजली व्यवस्था की निगरानी करनी होगी। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी क्षेत्र में अनावश्यक बिजली कटौती न हो और शिकायतों का तत्काल समाधान किया जाए। UPPCL ने सभी बिजली वितरण कंपनियों को निर्देश दिया है कि 1912 हेल्पलाइन पर दर्ज होने वाली शिकायतों का तुरंत निस्तारण किया जाए।
बिजली विभाग ने कहा है कि ट्रांसफार्मर खराब होने की स्थिति में तुरंत बदलाव किया जाए। लाइन फॉल्ट की मरम्मत प्राथमिकता पर हो। उपभोक्ताओं को बिजली बहाली की सही जानकारी दी जाए। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (PVVNL) ने अपने अधिकार क्षेत्र के 14 जिलों के अधिकारियों को विशेष निर्देश जारी किए हैं। इन जिलों में ब्रेकडाउन या तकनीकी खराबी की स्थिति में न्यूनतम समय में बिजली आपूर्ति बहाल करने को कहा गया है। अधिकारियों को क्षेत्रीय निरीक्षण बढ़ाने और शिकायतों की मॉनिटरिंग करने के आदेश दिए गए हैं।
लापरवाही पर कार्रवाई शुरू
बिजली व्यवस्था में लापरवाही के आरोप में यूपी पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन ने दो अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है।
निलंबित अधिकारियों में शामिल हैं राहुल (अधिशासी अभियंता, गाजियाबाद), योगेश कुमार (अधिशासी अभियंता, मेरठ) विभाग ने साफ कहा है कि बिजली आपूर्ति में बाधा या लापरवाही पाए जाने पर आगे भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। विशेषज्ञों के अनुसार प्रदेश में लगातार बढ़ रही गर्मी के कारण बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच रही है। बढ़ते लोड के कारण कई क्षेत्रों में तकनीकी समस्याएं भी सामने आ रही हैं।
उपभोक्ताओं से की गई अपील
बिजली विभाग ने लोगों से बिजली का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने की अपील की है। विभाग ने कहा है कि जरूरत के अनुसार ही बिजली उपकरणों का उपयोग करें, अनावश्यक बिजली खपत से बचें, फॉल्ट या कटौती की सूचना 1912 हेल्पलाइन पर दें, बिजली बाधित होने पर अफवाहों से बचें और आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें। उत्तर प्रदेश में बढ़ती बिजली कटौती और भीषण गर्मी के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सख्त रुख प्रशासन के लिए स्पष्ट संदेश है कि जनता को राहत देना सर्वोच्च प्राथमिकता है। शहरों में 24 घंटे और गांवों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। अब देखना होगा कि सरकार के ये निर्देश जमीनी स्तर पर कितने प्रभावी साबित होते हैं और लोगों को बिजली संकट से कितनी राहत मिलती है।



