- 2027 विधानसभा चुनाव से पहले टिकटों को लेकर चर्चाओं पर क्षेत्रीय अध्यक्ष रामकिशोर साहू बोले—ऐसी कोई जानकारी उनके संज्ञान में नहीं; टिकट का फैसला संसदीय बोर्ड करेगा, सर्वे और विधायकों के कामकाज को बनाया जाएगा आधार
भारत 19
शुभम शर्मा, कानपुर। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच भाजपा विधायकों के टिकट को लेकर चल रही चर्चाओं ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। अलग-अलग खबरों में प्रदेश के 128 विधायकों के टिकट कटने की चर्चा के बीच कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष रामकिशोर साहू ने कहा कि ऐसी कोई जानकारी फिलहाल उनके संज्ञान में नहीं है। उन्होंने साफ किया कि टिकट का फैसला किसी एक व्यक्ति या संगठन के स्तर पर नहीं, बल्कि पार्टी का संसदीय बोर्ड करेगा।
टिकट पर अंतिम फैसला संसदीय बोर्ड का
भारत 19 से बातचीत में रामकिशोर साहू ने कहा कि भाजपा में टिकट तय करने के लिए संसदीय बोर्ड की व्यवस्था है। जनता के बीच किए गए कार्य और सर्वे समेत विभिन्न पहलुओं के आधार पर बोर्ड प्रत्याशियों का फैसला करता है। उन्होंने कहा कि जिसे भी पार्टी टिकट देगी, वह उसके प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ेगा। साहू ने स्पष्ट किया कि टिकट का निर्णय न तो कोई एक व्यक्ति करता है और न ही अकेला संगठन। इसके लिए संसदीय बोर्ड ही अधिकृत है।
पीडीए के मुकाबले सामाजिक भागीदारी बढ़ाने पर जोर
सपा के पीडीए नारे को लेकर पूछे गए सवाल पर क्षेत्रीय अध्यक्ष ने भाजपा की सामाजिक भागीदारी का आंकड़ा सामने रखा। उन्होंने कहा कि प्रदेश की नई भाजपा टीम में करीब 42 जातियों को जोड़ा गया है। कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र की टीम में करीब 24 जातियों को प्रतिनिधित्व दिया गया है। उन्होंने कहा कि मोर्चा, प्रकोष्ठ और विभागों का गठन होने पर काम करने वाले नए चेहरों को शामिल किया जाएगा और सामाजिक भागीदारी को करीब 36 से 38 जातियों तक ले जाने की तैयारी है। रामकिशोर साहू ने कहा कि भाजपा 2027 के विधानसभा चुनाव में 2017 का प्रदर्शन दोहराने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेगी। उन्होंने सपा पर परिवारवाद और सीमित सामाजिक समीकरणों की राजनीति करने का आरोप भी लगाया।
कानपुर नगर निगम मामले पर भी रखी बात
कानपुर नगर निगम से जुड़े चर्चित मामले और विपक्ष के ‘कानपुर बना कमीशनपुर’ तंज पर पूछे गए सवाल पर साहू ने कहा कि उन्हें मामले की विस्तृत जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि वह पहले पूरे मामले की जानकारी करेंगे और संगठन के स्तर पर जो भी संभव होगा, उसे शीर्ष नेतृत्व के संज्ञान में लाएंगे।
128 विधायकों के टिकट कटने पर नहीं आया स्पष्ट संकेत
रामकिशोर साहू के बयान में टिकट कटने की चर्चाओं पर कोई संख्या या संभावित नाम सामने नहीं आया। उन्होंने केवल इतना कहा कि ऐसी कोई जानकारी उनके संज्ञान में नहीं है और अंतिम निर्णय संसदीय बोर्ड के अधिकार क्षेत्र में है। ऐसे में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले विधायकों के टिकट को लेकर चल रही चर्चाओं पर पार्टी की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक सूची सामने नहीं आई है।


