- अदरक की प्रोसेसिंग से किसानों की आय, अटल टिंकरिंग लैब्स से दूरदराज के स्कूलों में नवाचार और कालादान परियोजना के बेहतर इस्तेमाल पर नीति आयोग के साथ मंथन
भारत 19 डेस्क
मिजोरम में विकास की दिशा अब पर्यटन, कृषि, शिक्षा और कनेक्टिविटी को एक साथ जोड़ने पर केंद्रित होती दिख रही है। मुख्यमंत्री लालदुहोमा और नीति आयोग के सदस्य डॉ. जोराम अनिया की मुलाकात में राज्य की प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत से पर्यटन को बढ़ाने, अदरक की प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन को मजबूत करने, दूरदराज के स्कूलों तक अटल टिंकरिंग लैब्स पहुंचाने और कालादान मल्टी-मॉडल ट्रांजिट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट के बेहतर इस्तेमाल जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में राज्य की जरूरतों के अनुरूप विकास की रणनीति आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
साल भर पर्यटन को बढ़ावा देने की तैयारी
बैठक में मिजोरम की प्राकृतिक खूबसूरती और सांस्कृतिक विरासत को पर्यटन से जोड़ने पर विशेष चर्चा हुई। पर्यटन को केवल किसी खास मौसम तक सीमित रखने के बजाय साल भर पर्यटकों को आकर्षित करने के उपायों पर विचार किया गया। इसके लिए पर्यटन स्थलों और विरासत संपत्तियों को व्यापक स्तर पर प्रचारित करने तथा होम-स्टे जैसी स्थानीय व्यवस्थाओं को मजबूत करने की संभावनाओं पर भी जोर रहा। इसका उद्देश्य पर्यटन को केवल घूमने-फिरने की गतिविधि के बजाय स्थानीय लोगों की आय और रोजगार के अवसरों से जोड़ना है।
अदरक की खेती से आगे प्रोसेसिंग पर जोर
कृषि क्षेत्र में अदरक की खेती और उसके बेहतर आर्थिक इस्तेमाल को लेकर चर्चा हुई। मिजोरम में अदरक उत्पादन की संभावनाओं को देखते हुए अब कच्चे उत्पाद की बिक्री से आगे बढ़कर प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन को मजबूत करने पर जोर है। कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग, बेहतर बाजार संपर्क और किसानों की अधिक भागीदारी के जरिए स्थानीय स्तर पर मूल्य बढ़ाने की संभावनाएं तलाशने पर चर्चा हुई। इससे राज्य के कृषि क्षेत्र को बाजार से जोड़ने और किसानों को उनके उत्पाद का बेहतर मूल्य दिलाने की दिशा में काम किया जा सकता है।
दूरदराज के स्कूलों तक पहुंचेगी नई तकनीक
शिक्षा के क्षेत्र में अटल टिंकरिंग लैब्स (ATL) के विस्तार का मुद्दा भी बैठक में प्रमुखता से उठा। इन लैब्स के जरिए विद्यार्थियों को विज्ञान, तकनीक, रोबोटिक्स और नवाचार से जुड़े प्रयोगों का अवसर मिलता है। मिजोरम जैसे पहाड़ी और कम आबादी वाले राज्य में दूरदराज के स्कूलों तक ऐसी सुविधाएं पहुंचाना चुनौतीपूर्ण है। बैठक में ऐसे क्षेत्रों के स्कूलों तक अटल टिंकरिंग लैब्स के विस्तार की संभावनाओं पर चर्चा हुई, ताकि नवाचार आधारित शिक्षा का दायरा बड़े शहरों तक सीमित न रहे।
कालादान परियोजना से कनेक्टिविटी को मिलेगा आधार
बैठक में कालादान मल्टी-मॉडल ट्रांजिट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट (KMMTTP) के पूरा होने के बाद उसके प्रभावी इस्तेमाल पर भी चर्चा हुई। यह परियोजना मिजोरम को म्यांमार के जरिए समुद्री मार्ग से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी पहल है। परियोजना के जरिए मिलने वाली कनेक्टिविटी का इस्तेमाल राज्य के व्यापार, परिवहन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में किस तरह किया जा सकता है, यह भी विकास रणनीति का अहम हिस्सा है।
स्थानीय संसाधनों को विकास से जोड़ने की कोशिश
बैठक में सामने आए मुद्दों को एक साथ देखें तो मिजोरम के विकास मॉडल में स्थानीय संसाधनों और स्थानीय जरूरतों को अधिक महत्व देने की कोशिश दिखाई देती है। प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत को पर्यटन से, अदरक जैसी फसलों को प्रोसेसिंग और बाजार से तथा स्कूलों को तकनीक और नवाचार से जोड़ने पर जोर है। इसके साथ कनेक्टिविटी परियोजनाओं के बेहतर इस्तेमाल को भी आर्थिक विकास की रणनीति से जोड़ा जा रहा है।
नीति आयोग के सहयोग पर भी जोर
मुख्यमंत्री लालदुहोमा और डॉ. जोराम अनिया की बातचीत में राज्य की विकास प्राथमिकताओं पर आगे भी सहयोग बनाए रखने पर जोर दिया गया। बैठक में पर्यटन, कृषि, शिक्षा और कनेक्टिविटी से जुड़े मुद्दों को मिजोरम की भौगोलिक और आर्थिक परिस्थितियों के अनुरूप आगे बढ़ाने की जरूरत सामने आई। इस पूरी कवायद का फोकस राज्य की मौजूदा क्षमताओं को बेहतर बाजार, तकनीक और बुनियादी ढांचे से जोड़ने पर है।
