- लखनऊ में छात्रों से संवाद के दौरान ज्ञानेश कुमार ने EVM की सुरक्षा बताई; विपक्ष के आरोपों और ट्रम्प की तारीफ के बीच बयान के निकाले जा रहे मायने
भारत 19 लखनऊ। EVM और मतदाता सूची को लेकर चुनाव आयोग पर लगातार उठते सवालों के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को लखनऊ में EVM की विश्वसनीयता पर खुलकर बात की। छात्रों से संवाद में उन्होंने कहा कि भारतीय EVM इंटरनेट, ब्लूटूथ या वाई-फाई से जुड़ी नहीं हैं। साथ ही युवाओं को सोशल मीडिया पर फैलने वाली फेक न्यूज और भ्रामक सूचनाओं से सतर्क रहने की सलाह दी।
ज्ञानेश कुमार का यह बयान ऐसे समय आया है, जब विपक्ष लगातार EVM, मतदाता सूची और चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठा रहा है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत विपक्ष के कई नेताओं ने पिछले चुनावों के बाद चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूचियों में गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं। चुनाव आयोग इन आरोपों को खारिज करता रहा है और मुख्य चुनाव आयुक्त ने भी आरोपों के समर्थन में औपचारिक और प्रमाणित शिकायत पेश करने की बात कही है।
ट्रम्प की तारीफ, कांग्रेस का तंज और फिर CEC का बयान
मुख्य चुनाव आयुक्त के लखनऊ दौरे से कुछ दिन पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत की चुनाव व्यवस्था का उदाहरण देते हुए मतदाता पहचान प्रणाली की तारीफ की थी। उन्होंने भारत में वैध फोटो पहचान के इस्तेमाल का जिक्र करते हुए इसे अमेरिका में सख्त चुनावी कानूनों के पक्ष में उदाहरण बनाया। भारत के विदेश मंत्रालय ने भी इसके बाद कहा था कि भारतीय चुनावी तंत्र की विश्वसनीयता और मजबूती वैश्विक स्तर पर स्थापित तथ्य हैं। ट्रम्प की टिप्पणी के बाद कांग्रेस ने उन पर कटाक्ष किया था। पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा ने व्यंग्यात्मक टिप्पणी करते हुए CEC को अमेरिका ले जाने तक की बात कही और चुनावी व्यवस्था तथा मतदाता सूचियों को लेकर आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए। ऐसे राजनीतिक माहौल में लखनऊ में ज्ञानेश कुमार का EVM की तकनीकी सुरक्षा और फेक न्यूज पर बयान महज चुनावी साक्षरता कार्यक्रम तक सीमित नहीं रह जाता। विपक्ष जहां EVM और मतदाता सूची को लेकर सवाल उठाता रहा है, वहीं मुख्य चुनाव आयुक्त ने छात्रों के बीच EVM के इंटरनेट, ब्लूटूथ और वाई-फाई से अलग होने का उल्लेख कर चुनावी प्रक्रिया की सुरक्षा पर अपना पक्ष रखा।
युवाओं को चुनावी बहस में सतर्क रहने की सलाह
अपने पुराने स्कूल कॉल्विन तालुकेदार्स कॉलेज में छात्रों से बातचीत के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ने चुनावी प्रक्रिया, EVM, गलत सूचना और युवा मतदाताओं की भूमिका पर चर्चा की। उनका जोर केवल मतदान के लिए प्रेरित करने पर नहीं, बल्कि युवाओं को चुनाव से जुड़ी सूचनाओं की सत्यता परखने के लिए जागरूक करने पर भी रहा। यूपी के दो दिवसीय दौरे में निर्वाचन आयोग का अगला अहम कार्यक्रम 25 अगस्त को करीब 500 बूथ लेवल अधिकारियों से सीधा संवाद है। इस दौरान बूथ स्तर की चुनावी व्यवस्था और मतदाता सूची से जुड़े जमीनी अनुभवों पर चर्चा होने की संभावना है। ऐसे में विपक्ष के आरोपों और चुनावी प्रक्रिया को लेकर चल रही बहस के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त का यह दौरा केवल चुनावी जागरूकता तक सीमित न रहकर, चुनावी तंत्र में भरोसा मजबूत करने की कवायद के रूप में भी देखा जा रहा है।


